एफबीआई के शिकागो फील्ड कार्यालय के पूर्व प्रमुख डगलस डीपोडेस्टा ने एक कानूनी वाद दायर कर दावा किया है कि एक हाई-प्रोफाइल अदालती मामले के पूरी तरह निरस्त होने के बाद उनके खिलाफ चलाए गए एक अनुचित दोषारोपण अभियान ने उनकी नौकरी छीन ली। सोमवार को अदालत में प्रस्तुत की गई इस कानूनी याचिका में डीपोडेस्टा ने विस्तार से विवरण दिया है कि कैसे न्याय विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले के अदालती पटल पर बिखरने के पश्चात उनके पदत्याग की रूपरेखा तैयार की। डीपोडेस्टा के अनुसार, एफबीआई निदेशक काश पटेल चाहते थे कि उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाए, जिसके फलस्वरूप उन्हें इसी वर्ष गर्मियों के दौरान अपने महत्वपूर्ण पद से हटना पड़ा। 24 वर्षों तक एफबीआई में अपनी सेवाएं दे चुके इस अनुभवी अधिकारी का कहना है कि शिकागो में चलाए गए आव्रजन अभियान के दौरान सरकारी वकीलों ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक मंशा से प्रेरित अभियोजन प्रक्रिया को हवा दी और ठोस साक्ष्य जुटाने से पहले ही संदिग्धों पर आरोप तय कर दिए। अपनी स्थिति बयां करते हुए डीपोडेस्टा ने कहा कि उन्होंने परिस्थितियों की दिशा पहले ही भांप ली थी। इस पूरे प्रकरण में डीपोडेस्टा ने एंड्रयू बॉट्रोस को सीधे तौर पर उस अत्यधिक दबाव के लिए जिम्मेदार ठहराया जिसके चलते अंततः एफबीआई में उनकी दशकों पुरानी भूमिका का असामयिक समापन हो गया।
ऑपरेशन मिडवे ब्लिट्ज और प्रदर्शनकारियों पर दायर मुकदमे
संघीय अभियोजकों की टीम ने आव्रजन प्रवर्तन के आक्रामक अभियान, जिसे 'ऑपरेशन मिडवे ब्लिट्ज' नाम दिया गया था, से जुड़े करीब 30 प्रदर्शनकारियों पर औपचारिक आरोप तय किए थे। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने पर इनमें से अधिकांश मुकदमों को या तो पूरी तरह वापस ले लिया गया अथवा अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया। डीपोडेस्टा द्वारा दायर किए गए मुकदमे में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस व्यापक कार्रवाई के दौरान एंड्रयू बॉट्रोस न्याय विभाग के भारी दबाव का सामना कर रहे थे। याचिका में दर्ज विवरणों के अनुसार, यह समूचा दबाव मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित था कि पूरे शिकागो क्षेत्र में धरने और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरुद्ध किसी भी तरह गंभीर अपराध यानी संगीन जुर्म की धाराएं थोपी जाएं।
राजनीतिक विरोधियों को घेरने के निर्देश और अभियोजन में मतभेद
डीपोडेस्टा के कानूनी सलाहकारों द्वारा अदालत में रखे गए दस्तावेजों के अनुसार, बॉट्रोस ने बार-बार ईमेल संदेश भेजकर ट्रंप प्रशासन का विरोध करने वाले नागरिकों के खिलाफ एफबीआई जांच शुरू करने का कड़ा दबाव बनाया था। इस वाद में यह रेखांकित किया गया है कि बॉट्रोस ने जांच दल के वकीलों द्वारा निष्पक्ष एवं वस्तुनिष्ठ सबूतों की गहन समीक्षा किए जाने से पहले ही आरोपियों पर आरोप पत्र दाखिल करने का निरंतर आग्रह किया। इतना ही नहीं, याचिका में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि जब कई अन्य अभियोजक ऐसे मामलों में केवल साधारण अपराध अथवा गैर-संगीन धाराओं के तहत कार्यवाही करने के पक्ष में थे, तब बॉट्रोस लगातार भारी-भरकम संगीन धाराओं को जोड़ने के लिए जोर दे रहे थे। कुछ विशिष्ट प्रसंगों में तो अभियोजन पक्ष के कई सदस्य किसी भी प्रकार का औपचारिक आरोप तय करने के पूर्णतः खिलाफ थे।
ब्रॉडव्यू सिक्स केस का घटनाक्रम और अदालती निरस्तीकरण
बीते अक्टूबर महीने में बॉट्रोस के कार्यालय ने चर्चित 'ब्रॉडव्यू सिक्स' मामले में छह लोगों के समूह पर औपचारिक रूप से संगीन आरोप मढ़ दिए थे। अभियोजकों ने इन नागरिकों पर एक संघीय अधिकारी के आधिकारिक कार्य में बाधा डालने की आपराधिक साजिश रचने का संगीन इल्जाम लगाया था। यह पूरा आरोप ब्रॉडव्यू में स्थित अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन केंद्र के परिसर में हुए एक प्रदर्शन से संबंधित था, जो शिकागो का एक उपनगरीय इलाका है। इसके उपरांत जब अदालत की आधिकारिक प्रतिलिपियां सामने आईं, तो इस तथ्य का खुलासा हुआ कि एक ग्रैंड जूरी ने इन छह व्यक्तियों पर कानूनी अभियोग तय करने से दो बार साफ इनकार कर दिया था। इस प्रक्रिया के दौरान न्यायाधीश ने अभियोजकों को कड़ा निर्देश दिया कि वे अदालती प्रतिलिपियों को सार्वजनिक करने से पूर्व उनके संपादित और छिपाए गए हिस्सों को पूरी तरह हटा दें। इन आधिकारिक दस्तावेजों में उस अत्यंत असामान्य भाषण का भी विस्तृत ब्योरा दर्ज था जो बॉट्रोस ने जूरी के सदस्यों के समक्ष स्वयं दिया था। अंततः मई माह में, जब अदालत ने संभावित अभियोजन संबंधी कदाचार की न्यायिक जांच करने की दिशा में कदम बढ़ाया, तो बॉट्रोस ने सभी छह आरोपियों के विरुद्ध दायर सभी आरोपों को पूरी तरह वापस ले लिया।
विफलताओं का दोषारोपण और पारिवारिक साजिश का दावा
डीपोडेस्टा के वाद में कहा गया है कि बॉट्रोस ने अपनी खुद की पेशेवर अनियमितताओं और विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए सारा दोष डीपोडेस्टा के सिर मढ़ने का सुनियोजित प्रयास किया। जैसे ही यह महत्वपूर्ण कानूनी मामला अदालत में धराशायी हुआ, बॉट्रोस ने वॉशिंगटन में बैठे अपने उच्चाधिकारियों के पास डीपोडेस्टा के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज करा दीं। हालांकि, डीपोडेस्टा ने एफबीआई के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। मुकदमे के अनुसार, एफबीआई के शीर्ष अधिकारियों ने भी बाद में इस सच्चाई को स्वीकार किया कि डीपोडेस्टा को पदमुक्त करने का निर्णय विशुद्ध रूप से राजनीतिक विचारों से प्रेरित था। वाद में आगे यह भी खुलासा किया गया है कि बॉट्रोस ने न्याय विभाग के नेतृत्व को बताया था कि डगलस डीपोडेस्टा और नैंसी डीपोडेस्टा ने मिलकर एक गुप्त मिलीभगत रची थी। नैंसी डीपोडेस्टा एक पेशेवर वकील हैं जो इस मामले के पूर्व आरोपियों में से एक माइकल रैबिट का कानूनी प्रतिनिधित्व कर रही थीं। नैंसी डीपोडेस्टा ने पुष्टि की है कि वह डगलस डीपोडेस्टा की सगी भाभी हैं। बॉट्रोस का कथित आरोप यह था कि इस पारिवारिक रिश्ते और योजना का मुख्य उद्देश्य समूचे अभियोजन मामले को भीतर से नष्ट करना था।
नैतिक जिम्मेदारियों का बचाव और जांच की मांग
नैंसी डीपोडेस्टा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर डगलस डीपोडेस्टा का दृढ़ता से बचाव किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था जिसने अपने पद की शपथ तथा अपनी नैतिक एवं चारित्रिक जिम्मेदारियों को डग से अधिक गंभीरता से लिया हो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह अत्यंत हृदयविदारक और शर्मनाक है कि बॉट्रोस द्वारा फैलाई गई पूरी तरह से निराधार और झूठी अफवाहों के आधार पर उन्हें उनके महत्वपूर्ण पद से जबरन हटा दिया गया। इस विवाद के बीच सितंबर के अंतिम दिनों में ब्रॉडव्यू सिक्स मामले से जुड़े एक अन्य अभियोजक ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। इस अभियोजक ने अपने त्यागपत्र में बेहद तल्ख भाषा का प्रयोग करते हुए बॉट्रोस पर बलि का बकरा बनाने और सार्वजनिक रूप से बदनाम करने का खुला आरोप लगाया। उक्त अभियोजक ने अदालत से यह भी औपचारिक गुहार लगाई कि भविष्य की कानूनी कार्यवाही में उन्हें एक स्वतंत्र पक्षकार के तौर पर देखा जाए, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर कानूनी निगरानी और बढ़ गई।
विशेष वकील की नियुक्ति और कानूनी गतिरोध
अभियोजन से बरी हुए पूर्व आरोपियों ने अमेरिकी जिला न्यायाधीश अप्रैल पेरी से एक विशेष वकील नियुक्त करने की आधिकारिक मांग की, ताकि सरकारी वकीलों द्वारा किए गए संभावित कदाचार की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समीक्षा कराई जा सके। एक अक्टूबर को आयोजित एक औपचारिक सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पेरी ने मामले में और अधिक तथ्यान्वेषण करने के कड़े आदेश जारी किए। यह अदालती समीक्षा मुख्य रूप से बॉट्रोस के कार्यालय और वॉशिंगटन में न्याय विभाग के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुए तमाम पत्राचार और संवादों पर केंद्रित की गई है। पूरे घटनाक्रम पर बॉट्रोस के कार्यालय ने इस नए मुकदमे और उससे जुड़े तमाम दावों पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से साफ मना कर दिया। मुकदमे में प्रतिवादी बनाए गए एफबीआई और न्याय विभाग ने भी तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। डीपोडेस्टा ने अपने इस रुख को मजबूती से दोहराया है कि उनका पदत्याग किसी भी तरह से स्वैच्छिक नहीं था और यह पूरी तरह राजनीतिक दबाव की परिणति था। ब्रॉडव्यू सिक्स के इर्द-गिर्द जारी कानूनी जांच-पड़ताल के बीच अब यह समूचा विवाद अदालत की चौखट पर विचाराधीन है।



















