घरेलू शेयर बाजार में छोटे आकार की तंबाकू विनिर्माता कंपनी एलिटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार, 24 सितंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर कंपनी का शेयर 5 फीसदी की बढ़त के साथ 9.58 रुपये के अपर सर्किट पर पहुंच गया। इस ताजा उछाल के साथ ही शेयर में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र से जारी तेजी का सिलसिला और मजबूत हो गया है। शेयर बाजार में यह हलचल सिगरेट उद्योग की सबसे बड़ी कंपनी आईटीसी द्वारा अपने कई प्रमुख सिगरेट ब्रांडों के दाम हाल के महीनों में बढ़ाए जाने के बाद सामने आई है। बाजार विश्लेषक इस बात पर करीबी नजर रख रहे हैं कि क्या बड़े ब्रांड्स के महंगे होने से एलिटकॉन जैसी छोटी तंबाकू कंपनियों के लिए खुदरा बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक अवसर बढ़ सकते हैं।
पांच कारोबारी सत्रों में 20 फीसदी तक चढ़ा शेयर
एलिटकॉन इंटरनेशनल के शेयरों के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें काफी तेज गति दर्ज की गई है। 18 सितंबर को जहां कंपनी का शेयर 7.98 रुपये पर कारोबार कर रहा था, वहीं 24 सितंबर को यह बढ़कर 9.58 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह पिछले पांच कारोबारी दिनों के दौरान इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 20 फीसदी का मुनाफा दिया है। इससे पहले 23 सितंबर के कारोबारी सत्र में शेयर अपने पिछले बंद भाव 8.74 रुपये के मुकाबले दिन के कारोबार में 9.17 रुपये के उच्च स्तर तक चढ़ा था। हालांकि उस दिन कारोबार के अंत में यह 9.13 रुपये पर बंद हुआ था और पूरे दिन अपर सर्किट पर बंद नहीं रह सका था, लेकिन 24 सितंबर को खरीदारी का दबाव इतना तगड़ा रहा कि शेयर दोबारा अपर सर्किट में लॉक हो गया।
आईटीसी ने गोल्ड फ्लेक और क्लासिक के दाम में की बढ़ोतरी
सिगरेट बाजार में कीमतों से जुड़ा यह घटनाक्रम आईटीसी की तरफ से कई प्रमुख ब्रांडों की कीमतों में लगातार की गई वृद्धि के बाद शुरू हुआ। डीलरों से मिली जानकारी के मुताबिक गोल्ड फ्लेक प्रीमियम के 10 सिगरेट वाले पैकेट की कीमत 125 रुपये से बढ़ाकर 135 रुपये कर दी गई है, जो कि सीधे तौर पर 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाती है।
यह हालिया मूल्य वृद्धि इसी साल जून महीने में हुई बढ़ोतरी के बाद आई है। जून में इसी 10 सिगरेट वाले गोल्ड फ्लेक प्रीमियम पैकेट की कीमत 115 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये की गई थी। इस तरह चालू वर्ष के दौरान इस अकेले सिगरेट पैक की कुल संचयी कीमत में लगभग 17.4 फीसदी का भारी इजाफा हो चुका है।
मूल्य वृद्धि का यह सिलसिला केवल गोल्ड फ्लेक प्रीमियम तक ही सीमित नहीं रहा है। सितंबर में डीलरों से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि 20 सिगरेट वाले क्लासिक कनेक्ट पैक के दाम 390 रुपये से बढ़ाकर 428 रुपये कर दिए गए हैं। इसके अलावा 10 सिगरेट वाले गोल्ड फ्लेक सुपर स्टार पैक की कीमत भी 79 रुपये से बढ़कर 89 रुपये हो गई है। सिगरेट कंपनियों द्वारा कीमतों में यह लगातार संशोधन इस साल की शुरुआत में तंबाकू उत्पादों पर लागू किए गए ऊंचे करों के प्रभाव को ग्राहकों पर डालने के मकसद से किया गया है।
सस्ते विकल्पों की मांग और मूल्य निर्धारण का रणनीतिक फायदा
बाजार में प्रमुख सिगरेट कंपनियों द्वारा बार-बार बढ़ाए जा रहे दामों ने सिगरेट विनिर्माताओं के सामने एक नया प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार कर दिया है। एलिटकॉन इंटरनेशनल के लिए मुख्य अवसर केवल इतना नहीं है कि वह भी अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों की तरह उत्पाद महंगे कर दे, बल्कि यह है कि खुदरा बाजार में बढ़ रहे अंतर का लाभ उठाकर वह आकर्षक दरों पर सिगरेट पेश करे। महंगे होते ब्रांड्स के बीच ऐसे वयस्क उपभोक्ता जो अपनी जेब पर ज्यादा बोझ नहीं डालना चाहते, वे अपेक्षाकृत किफायती विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
कंपनी के लिए निवेश और वृद्धि का सबसे अहम पहलू उसकी मूल्य निर्धारण क्षमता में लचीलापन माना जा रहा है। यदि बाजार के शीर्ष ब्रांड्स अधिक महंगे होते चले जाते हैं, तो एक छोटा विनिर्माता अपने उत्पादों को कम कीमत पर बनाए रखकर बजट के प्रति सचेत वयस्क ग्राहकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है।
व्यवसाय के दो संभावित रास्ते और आगे की चुनौतियां
व्यावसायिक रणनीति के दृष्टिकोण से एलिटकॉन के सामने मोटे तौर पर दो विकल्प मौजूद हैं। पहला विकल्प यह है कि कंपनी अपने दाम प्रतिस्पर्धी और कम बनाए रखे ताकि नए ग्राहकों को जोड़कर अपनी कुल बिक्री मात्रा यानी वॉल्यूम में तेजी से विस्तार किया जा सके। दूसरा रास्ता यह हो सकता है कि कंपनी चुनिंदा आधार पर कीमतों में मामूली बढ़ोतरी करे, लेकिन साथ ही बड़े ब्रांड्स की तुलना में अपने उत्पादों को पर्याप्त सस्ता बनाए रखे ताकि उसे मार्जिन का लाभ भी मिले।
हालांकि इन दोनों में से कोई भी रणनीति तभी कारगर साबित होगी जब कंपनी की उत्पाद स्थिति मजबूत हो, खुदरा वितरण नेटवर्क प्रभावी हो, उपभोक्ताओं की ओर से नए ब्रांड्स को स्वीकार्यता मिले और कंपनी अपने परिचालन मार्जिन को सुरक्षित रखने में कामयाब रहे। इसलिए एलिटकॉन के लिए असली संभावना केवल बाजार में दाम बढ़ने की खबर तक सीमित नहीं है, बल्कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी बदलते मूल्य परिदृश्य को वास्तविक बिक्री, बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन में बदल पाती है या नहीं।
नासिक में उत्पादन संयंत्र और 50 से अधिक देशों में निर्यात
एलिटकॉन इंटरनेशनल मुख्य रूप से एक तंबाकू विनिर्माता के रूप में काम करती है और इसका विनिर्माण संयंत्र महाराष्ट्र के नासिक में स्थित है। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार नासिक में उसका 40,000 वर्ग फुट का स्वचालित संयंत्र स्थापित है, जिसकी मासिक उत्पादन क्षमता 8 करोड़ यानी 80 मिलियन से अधिक सिगरेट स्टिक की है। यह इकाई घरेलू जरूरतों के साथ-साथ विदेशी बाजारों के लिए भी उत्पादन संभालती है।
कंपनी घरेलू स्तर पर उपस्थिति के अलावा वैश्विक कारोबार भी करती है। एलिटकॉन के व्यापारिक नेटवर्क में संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजार शामिल हैं। कंपनी के उत्पाद दुनिया भर के 50 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं, जिससे घरेलू स्तर पर मिल रहे मौकों के साथ-साथ उसके पास एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय परिचालन आधार भी उपलब्ध है।


















