केरल राज्य लॉटरी विभाग ने 31 अक्टूबर 2026 के लिए कारुण्या KR-774 साप्ताहिक लॉटरी का आधिकारिक परिणाम सार्वजनिक कर दिया है। इस साप्ताहिक ड्रॉ के तहत टिकट धारकों के पास 100 रुपये से लेकर अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक के विभिन्न नकद पुरस्कार जीतने का मौका उपलब्ध कराया गया है। लॉटरी में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सलाह दी गई है कि किसी भी प्रकार की दावा प्रक्रिया शुरू करने से पहले वे अपने टिकट नंबर और उसकी सीरीज का मिलान विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूची से पूरी सावधानी के साथ अवश्य कर लें।
कारुण्या KR-774 पुरस्कारों का ढांचा
इस शनिवार के ड्रॉ में कई श्रेणियों में नकद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। आधिकारिक पुरस्कार संरचना के अनुसार, सबसे बड़ा आकर्षण 1 करोड़ रुपये का प्रथम पुरस्कार है। इसके अलावा, दूसरे स्थान पर आने वाले भाग्यशाली विजेता के लिए 30 लाख रुपये की राशि तय की गई है। तीसरे पुरस्कार के तौर पर 5 लाख रुपये प्रदान किए जाने हैं। इन शीर्ष पुरस्कारों के साथ ही अन्य विजेताओं के लिए अतिरिक्त नकद पुरस्कार भी शामिल किए गए हैं, जिससे विभिन्न श्रेणियों में टिकट धारकों को 100 रुपये तक के पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
परिणामों का सत्यापन और जरूरी सावधानियां
प्रतिभागियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सोशल मीडिया या किसी भी तीसरे पक्ष की वेबसाइटों पर प्रसारित होने वाले परिणामों पर आँख मूँदकर भरोसा न करें। किसी भी भ्रम या धोखाधड़ी से बचने के लिए, टिकट धारकों को अपने पूर्ण टिकट नंबर तथा अल्फाबेटिकल सीरीज का मिलान केरल राज्य लॉटरी विभाग के आधिकारिक प्रकाशन अथवा केरल सरकार के गजट से ही करना चाहिए। एक बार जब नंबर पूरी तरह सत्यापित हो जाए, तभी पुरस्कार राशि का दावा करने के लिए आवश्यक कदम आगे बढ़ाने चाहिए।
पुरस्कार दावे के नियम और जरूरी दस्तावेज
विजेताओं को अपनी मूल लॉटरी टिकट को केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा तय किए गए अधिकृत माध्यमों के जरिए ही जमा कराना होता है। इनाम की राशि के स्तर के आधार पर दावा करने की प्रक्रिया और आवश्यक कागजातों की मांग अलग-अलग हो सकती है। विजेताओं को टिकट के पिछले हिस्से पर अपने हस्ताक्षर करने चाहिए और अपने रिकॉर्ड के लिए उसकी एक फोटोकॉपी सुरक्षित रखनी चाहिए। मूल टिकट को पूरी तरह साफ, पढ़ने योग्य और बिना किसी नुकसान के रखना अनिवार्य है, क्योंकि फटी या धुंधली टिकट पर दावा निरस्त हो सकता है।
सत्यापन के समय, विशेष रूप से बड़े पुरस्कारों के लिए, पहचान प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। आमतौर पर लॉटरी के नियमों के तहत ड्रॉ के 30 दिनों के भीतर पुरस्कार का दावा प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। विजेताओं को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी दिनों का इंतजार करने के बजाय समय रहते अधिकृत चैनलों के माध्यम से वर्तमान समय सीमा और प्रक्रिया की पुष्टि कर लें।
संपर्क कार्यालय और टैक्स कटौती के नियम
लॉटरी से जुड़ी औपचारिकताओं और दावों के निपटारे के लिए तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के पास स्थित गोर्की भवन का केरल लॉटरी कार्यालय एक प्रमुख संपर्क केंद्र है। टिकट धारक अपने दावे को सही जगह जमा करने के संबंध में विभाग से या अपने संबंधित जिला लॉटरी कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
भारत में लॉटरी की जीत पर आयकर नियमों के तहत टैक्स लागू होता है। विजेता को भुगतान किए जाने से पहले स्रोत पर टैक्स यानी TDS की कटौती की जा सकती है, जिसके कारण वास्तविक रूप से मिलने वाली राशि विज्ञापित पुरस्कार राशि से कम हो सकती है। विजेताओं को पुरस्कार तथा कटी हुई टैक्स राशि से जुड़े सभी प्रमाण पत्र और दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए, क्योंकि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय इनकी आवश्यकता पड़ सकती है। बड़े पुरस्कार जीतने वाले व्यक्तियों को अपने टैक्स दायित्वों को समझने के लिए किसी पेशेवर कर सलाहकार से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।


















