घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान कैल्टन टेक के शेयरों में सकारात्मक रुख देखने को मिला और भाव बढ़त के साथ बंद हुए। कंपनी के शेयरों में यह ताजा खरीदारी वाहन वित्त पोषण से जुड़ी एक ऑटोमोटिव फाइनेंस कंपनी से नया आईटी अनुबंध हासिल होने के ऐलान के बाद दर्ज की गई। इस नई परियोजना के तहत सूचना प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता कंपनी कर्जदाता संस्थान के अलग अलग सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ने और उनके एकीकरण का काम संभालेगी।
ऑटोमोटिव लेंडिंग प्रक्रिया का होगा डिजिटल एकीकरण
वाहन ऋण के क्षेत्र में काम करने वाली वित्तीय कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कई अलग अलग सॉफ्टवेयर तंत्रों को संभालने की होती है। जब कोई ग्राहक वाहन की खरीद के लिए ऋण का आवेदन करता है, तब संस्थान को प्राथमिक विवरण जुटाने, जरूरी दस्तावेजों की जांच करने, आवेदक की साख यानी क्रेडिट योग्यता का आकलन करने, ऋण मंजूर करने और बाद में मासिक किस्तों के भुगतान की निगरानी जैसे कई चरणों से गुजरना पड़ता है। अब तक इनमें से कई प्रक्रियाएं अलग अलग तकनीकों पर संचालित की जाती रही हैं।
कैल्टन टेक का तकनीकी ढांचा इन आंतरिक तंत्रों को बाहरी सत्यापन सेवाओं और वित्तीय डेटा प्रदाताओं से सीधे जोड़ने का काम करेगा। इस तरह के डिजिटल समाधान से ऋण मंजूरी के विभिन्न चरणों के बीच सूचनाओं और दस्तावेजों का आदान प्रदान बिना किसी रुकावट के हो सकेगा। अलग अलग प्रणालियों के आपस में जुड़ जाने से लेंडर के रोजमर्रा के कामकाज में हाथ से किए जाने वाले दस्तावेजी काम में कमी आएगी और पूरी लोन प्रक्रिया काफी तेज और सुगम हो जाएगी।
वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मजबूत होती मौजूदगी
यह नया ठेका डिजिटल बदलाव और तकनीकी परामर्श सेवाओं के विस्तार के मामले में कंपनी के लिए काफी अहम माना जा रहा है। वर्तमान दौर में वाणिज्यिक बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां यानी एनबीएफसी और अन्य ऋणदाता अपनी कार्यक्षमता सुधारने के लिए तेजी से आधुनिक तकनीक पर निर्भर हो रहे हैं। ऐसे में जो आईटी कंपनियां जटिल सिस्टम को जोड़ने और डेटा प्रबंधन को आसान बनाने में सक्षम हैं, उनकी मांग लगातार बनी हुई है। हालांकि, कैल्टन टेक ने इस पूरे सौदे के वित्तीय आकार और ऑटो फाइनेंस क्लाइंट के नाम का औपचारिक खुलासा नहीं किया है।
लंबी अवधि में कमजोर प्रदर्शन, ऊंचे स्तर से भारी गिरावट
मंगलवार को आई मजबूती के बाद भी कैल्टन टेक का शेयर अपने ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में काफी दबाव में दिखाई दे रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर यह शेयर अपने 52 हफ्तों के शीर्ष स्तर 27.83 रुपये के मुकाबले तकरीबन 47 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इसी अवधि में मार्च 2026 के दौरान इस शेयर ने 13.10 रुपये का अपना 52 हफ्तों का निचला स्तर भी छुआ था।
शेयर के पिछले रिटर्न के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति मिली जुली नजर आती है। पिछले एक महीने में जहां काउंटर में करीब 3.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है, वहीं तीन महीने की अवधि में यह शेयर लगभग 8 फीसदी फिसल चुका है। छह महीने के दौरान स्टॉक में करीब 16 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि पिछले पूरे एक साल के आधार पर इसमें 47 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई है। ऐसे में बाजार के जानकारों का मानना है कि नए कारोबारी ऑर्डर से थोड़े समय के लिए मनोबल जरूर बढ़ा है, लेकिन लंबी अवधि में निवेशकों को पुरानी गिरावट की भरपाई के लिए और ठोस वित्तीय प्रदर्शन का इंतजार रहेगा।


















