अंक ज्योतिष: पिता के हर फैसले पर भरोसा जताते हैं इन तीन तारीखों में जन्मे लड़केपश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में बीजेपी का कब्जा, शंखरव सरकार ने 75 हजार से अधिक वोटों से दर्ज की जीतकनाडा में नौकरियों में गिरावट के बाद भी लंबी अवधि में श्रम बाजार में सुधार के संकेतपोलैंड में मुद्रास्फीति के रुझान स्थिर, ईंधन शुल्क कटौती और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव पर टिकी नजरेंएलजी LS27T3230S साइड बाई साइड रेफ्रिजरेटर का विस्तृत मूल्यांकनरायपुर में भारत और जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज के टिकट 250 रुपये से शुरू, 12 अक्टूबर से डिजिटल बुकिंगफरीदाबाद में फैमिली आईडी और पेंशन की अड़चन से बुजुर्ग बेहाल, दफ्तरों के फेरे लगाने को मजबूरफार्मा कंपनियों को जीएसटी में बड़ी राहत, मुफ्त सैंपल और एक्सपायर दवाओं पर मिलेगा टैक्स क्रेडिटसिंह राशि में 31 अक्टूबर को गुरु और केतु की युति, चार राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े बदलावकच्चे तेल में उछाल और अमेरिकी डॉलर की भारी मांग से यूरो दबाव में, 1.1000 के स्तर पर टिकी नजरें
खाली जमीन पर बांस की बागवानी से बदल सकती है किस्मत, जानिए कैसे बनता है यह दशकों तक कमाई का जरियामनी
9 अक्तू॰ 2026, 8:38 pm (1 घंटे पहले)· 0

खाली जमीन पर बांस की बागवानी से बदल सकती है किस्मत, जानिए कैसे बनता है यह दशकों तक कमाई का जरिया

बेकार पड़ी जमीन पर बांस लगाकर किसान कम लागत में नियमित आय हासिल कर सकते हैं। पर्यावरण और उद्योगों में भारी मांग के चलते यह दशकों तक मुनाफा देने वाली मजबूत फसल साबित हो रही है।

अक्सर देखा जाता है कि कई लोगों के पास खेत या खाली जमीन के टुकड़े बिना किसी उपयोग के पड़े रहते हैं। ऐसी बेकार पड़ी भूमि को खाली छोड़ने के बजाय अगर वहां बांस के पौधे रोपे जाएं, तो वह जमीन लगातार मुनाफा देने वाले साधन में बदल सकती है। इस काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शुरुआत में बहुत अधिक पूंजी लगाने की आवश्यकता नहीं होती, जबकि आने वाले कई सालों तक इससे लगातार कमाई का रास्ता खुला रहता है।

हरा सोना क्यों कहलाती है यह फसल

बांस को अब आम बोलचाल और व्यापारिक जगत में हरा सोना कहा जाने लगा है। इसका कारण केवल इससे होने वाला आर्थिक फायदा ही नहीं है, बल्कि प्रकृति को मिलने वाला लाभ भी है। पारंपरिक पेड़ों की तरह इसे बेचने के लिए पूरे पौधे को जड़ से काटने की मजबूरी नहीं होती। किसान केवल तैयार तनों की कटाई करते हैं, जिसके बाद उसी जगह से नए तने अपने आप फूट पड़ते हैं। इस खूबी के चलते यह कारोबार एक बार लगाने के बाद बिना किसी बड़े झंझट के चलता रहता है।

ये भी पढ़ें

मिट्टी और मौसम की चिंता से मुक्ति

खेती के लिहाज से बांस की फसल किसी भी किसान को मौसम या जमीन की प्रकृति को लेकर तनाव में नहीं डालती। यह रेतीली जमीन से लेकर सामान्य खेतों तक हर तरह की मिट्टी में आसानी से पनप जाती है। इसकी जड़ें जमीन के भीतर बेहद मजबूत पकड़ बनाती हैं, जिसके कारण यह कम पानी या सूखे के हालात को भी आसानी से बर्दाश्त कर लेती है। यही लचीलापन बांस को किसानों के लिए कम जोखिम वाला एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनाता है।

विभिन्न उद्योगों में भारी मांग

पुराने समय में बांस का उपयोग मुख्य रूप से टोकरियां या झोपड़ियां बनाने तक सीमित माना जाता था, लेकिन आधुनिक दौर में इसका बाजार बहुत बड़ा हो चुका है। आज फर्नीचर निर्माण, फ्लोरिंग, पेपर उद्योग, कपड़ा निर्माण और आधुनिक कंस्ट्रक्शन कार्यों में बांस की भारी खपत हो रही है। देश और दुनिया के बाजारों में बढ़ती इसी मांग के कारण इससे जुड़े उत्पादकों को हर साल लाखों रुपये की आमदनी प्राप्त हो रही है।

तेज विकास और 50 साल तक का जीवनकाल

जहां सामान्य इमारती पेड़ों को पूरी तरह विकसित होने में दशकों लग जाते हैं, वहीं बांस के पौधे कुछ ही महीनों के भीतर तेजी से लंबाई पकड़ते हैं। इसके पौधों का जीवन चक्र काफी लंबा होता है और यह करीब 40 से 50 साल तक टिका रहता है। यही वजह है कि इसे पीढ़ियों तक आमदनी देने वाली एक भरोसेमंद फसल के रूप में देखा जाता है। भारत में बांस की दर्जनों अलग-अलग किस्में उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग जरूरत के मुताबिक होता है। साथ ही यह वातावरण से जहरीली गैसें सोखकर भारी मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है, जो पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभाता है।

सवाल-जवाब

बांस को हरा सोना क्यों कहा जाता है?
बांस पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना लगातार मोटी कमाई कराता है और हवा को शुद्ध करता है, इसलिए इसे हरा सोना कहते हैं।
क्या बांस की फसल के लिए विशेष प्रकार की मिट्टी चाहिए?
नहीं, बांस रेतीली जमीन से लेकर सामान्य खेतों तक हर तरह की मिट्टी में आसानी से उग जाता है।
बांस के पौधे का जीवनकाल कितने साल का होता है?
बांस की उम्र लगभग 40 से 50 साल तक होती है, जिससे यह पीढ़ियों तक उत्पादन देता रहता है।
बांस का इस्तेमाल किन-किन उद्योगों में किया जाता है?
बांस का उपयोग फर्नीचर, फ्लोरिंग, पेपर, कपड़े और कंस्ट्रक्शन जैसे बड़े उद्योगों में किया जाता है।
क्या बांस काटने के बाद दोबारा पौधा लगाना पड़ता है?
नहीं, केवल तने काटे जाते हैं और उसी जड़ से नए तने अपने आप तेजी से निकल आते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp