क्रेडिट कार्ड को सिर्फ बिल चुकाने या भुगतान करने का जरिया समझना अब पुरानी सोच हो गई है। सच यह है कि अगर इसे समझदारी से चलाया जाए तो यही कार्ड आपकी जेब में अच्छी-खासी बचत डाल सकता है। दिक्कत तब शुरू होती है जब लोग अपनी असल जरूरत और खर्च करने के तरीके को समझे बिना ही कोई भी कार्ड उठा लेते हैं। ऐसे में जो रिवॉर्ड, कैशबैक और दूसरे फायदे मिलने चाहिए थे, वे या तो अधूरे मिलते हैं या पूरी तरह छूट जाते हैं।
एक फाइनेंस स्टडी में यही बात खुलकर सामने आई है। पता चला कि गलत कार्ड चुनने की वजह से बहुत से लोग हर साल हजारों रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक के बड़े फायदों से वंचित रह जाते हैं। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का सीधा कहना है कि सही कार्ड और उसका सही इस्तेमाल, दोनों मिलकर ही असली बचत बनाते हैं।
क्या कहती है स्टडी
इस स्टडी में 129 लोगों के क्रेडिट कार्ड खर्च और रिवॉर्ड पैटर्न को परखा गया। नतीजा चौंकाने वाला था। करीब 92% लोग ऐसा कार्ड चला रहे थे जो उनकी खर्च करने की आदत से मेल ही नहीं खाता। इसी वजह से उन्हें मिलने वाला रिवॉर्ड और कैशबैक अधूरा रह जाता है। आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर लोग अपने कुल खर्च का औसतन करीब 4% ही रिवॉर्ड के तौर पर वापस पा रहे हैं। जबकि सही कार्ड और सही रणनीति अपनाई जाए तो यह आंकड़ा 10% तक जा सकता है। जो लोग ज्यादा खर्च करते हैं, उनके लिए तो यह फायदा 13% से 14% तक भी पहुंच सकता है।
कितना नुकसान, खर्च के हिसाब से
स्टडी के मुताबिक नुकसान का आकार आपके सालाना खर्च पर निर्भर करता है। जिनका सालाना क्रेडिट कार्ड खर्च 5 लाख रुपये तक है, वे करीब 20,000 से 25,000 रुपये तक का फायदा गंवा सकते हैं। 5 लाख से 8 लाख रुपये तक खर्च करने वालों के लिए यह चूक 38,000 से 42,000 रुपये तक पहुंच जाती है। अगर सालाना खर्च 8 लाख से 15 लाख रुपये के बीच है, तो हाथ से निकलने वाली रकम करीब 85,000 से 90,000 रुपये तक हो सकती है। और जो लोग साल में 15 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं, उनके लिए यह संभावित नुकसान 2 लाख रुपये सालाना से भी आगे निकल सकता है।
आखिर गलती कहां हो रही है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सबसे आम गलती यह है कि लोग हर तरह के खर्च के लिए एक ही कार्ड पर टिके रहते हैं। जबकि अलग-अलग कार्ड ग्रॉसरी, ट्रैवल, ऑनलाइन शॉपिंग, डाइनिंग और फ्यूल जैसी अलग-अलग कैटेगरी में अलग-अलग फायदे देते हैं। दूसरी बड़ी चूक रिवॉर्ड पॉइंट्स को लेकर है, कई लोग इन्हें सही समय पर और सही तरीके से रिडीम ही नहीं करते। कई बार ट्रैवल बुकिंग या ब्रांड वाउचर के जरिए इन्हीं पॉइंट्स की कीमत आम कैशबैक के मुकाबले कई गुना ज्यादा बन जाती है। लेकिन जानकारी न होने के कारण लोग इस अतिरिक्त फायदे को छोड़ देते हैं।
सही कार्ड कैसे चुनें
एक्सपर्ट्स की सलाह साफ है। सबसे पहले अपने पिछले 6 से 12 महीने के खर्च को ध्यान से देखिए और पहचानिए कि सबसे ज्यादा पैसा किन कैटेगरी में जा रहा है। उसी के आधार पर ऐसा कार्ड चुनिए जो आपके करीब 60% से 70% नियमित खर्च को कवर करता हो। अगर जरूरत महसूस हो तो एक दूसरा कार्ड भी रखा जा सकता है, जो बची हुई कैटेगरी में बेहतर रिवॉर्ड देता हो। इसके साथ ही समय-समय पर रिवॉर्ड पॉइंट्स का इस्तेमाल करते रहना और कार्ड के ऑफर्स पर नजर बनाए रखना भी जरूरी है। थोड़ी सी प्लानिंग के साथ क्रेडिट कार्ड सिर्फ खर्च का जरिया नहीं, बल्कि बचत का भरोसेमंद साधन भी बन सकता है।













