पावर सेक्टर से जुड़ी कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल का 1,055.74 करोड़ रुपये का शुरुआती सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) मंगलवार, 8 सितंबर को आम निवेशकों के सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। शेयर बाजार में कदम रखने जा रही इस कंपनी को लेकर ग्रे मार्केट में काफी हलचल देखी जा रही है, जहां इसके शेयर अपने ऊपरी प्राइस बैंड से 31 प्रतिशत से अधिक के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाली इस बोली प्रक्रिया में रिटेल और संस्थागत निवेशक 10 सितंबर तक हिस्सा ले सकेंगे।
इश्यू का कुल आकार और शेयर की कीमतें
कनोहर इलेक्ट्रिकल का यह आईपीओ कुल 1,055.74 करोड़ रुपये का है। इसमें कंपनी द्वारा 300 करोड़ रुपये मूल्य के 47.47 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 755.74 करोड़ रुपये के 1.20 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। कंपनी प्रबंधन ने इस सार्वजनिक निर्गम के लिए प्रति शेयर 601 रुपये से 632 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है।
छोटे यानी रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 23 शेयरों का निर्धारित किया गया है। अपर प्राइस बैंड 632 रुपये के हिसाब से किसी भी रिटेल निवेशक को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करने हेतु 14,536 रुपये का न्यूनतम निवेश करना होगा। यदि निवेशक अधिक शेयरों के लिए बोली लगाना चाहते हैं, तो उन्हें 23 के गुणकों में ही अतिरिक्त लॉट्स के लिए आवेदन करना होगा।
ग्रे मार्केट संकेत और संभावित लिस्टिंग बढ़त
बाजार के अनौपचारिक प्लेटफॉर्म इन्वेस्टरगेन के आंकड़ों के मुताबिक, कनोहर इलेक्ट्रिकल का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) आज 196 रुपये प्रति शेयर दर्ज किया गया है। यदि यह रुख लिस्टिंग के दिन तक बना रहता है, तो 632 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड की तुलना में शेयरों की अनुमानित लिस्टिंग 828 रुपये पर हो सकती है। इसका मतलब है कि निवेशकों को पहले ही दिन लगभग 31.01 प्रतिशत की शानदार लिस्टिंग बढ़त मिलने का अनुमान है।
सब्सक्रिप्शन शेड्यूल और लिस्टिंग की तारीखें
यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8 सितंबर को खुला है और 10 सितंबर की शाम तक बंद होगा। निवेशकों को तीन कारोबारी दिनों के दौरान अपनी बोलियां जमा करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया 11 सितंबर को अंतिम रूप से पूरी होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित होंगे, उनके डिमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट किए जाएंगे, जिसके बाद 16 सितंबर को एनएसई और बीएसई दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर कंपनी के शेयर लिस्ट होने का अस्थायी कार्यक्रम तय किया गया है।
वित्तीय प्रदर्शन और कंपनी की ताकत
कनोहर इलेक्ट्रिकल ट्रांसफॉर्मर निर्माण और ईपीसी (EPC) क्षमताओं के साथ एकीकृत रूप से कार्य करती है, जिससे इसे बड़े पावर प्रोजेक्ट्स में भागीदारी करने का सीधा लाभ मिलता है। वित्तीय मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की राजस्व आय 45 प्रतिशत बढ़कर 653.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि इसी अवधि के दौरान कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) लगभग दोगुना होकर 129.7 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी के बुनियादी आंकड़े भी काफी मजबूत दिखाई देते हैं। वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 42.1 प्रतिशत और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 70.1 प्रतिशत रहा है, जबकि कंपनी पर कर्ज और इक्विटी का अनुपात महज 0.10 गुना है जो मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी के पास 1,818 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक है, जो वित्त वर्ष 2026 के राजस्व का लगभग 2.8 गुना है और भविष्य के लिए स्पष्ट राजस्व दृश्यता प्रदान करती है।
ब्रोकरेज की राय और जोखिम के पहलू
ब्रोकरेज हाउस स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के पास पावर सेक्टर में काम करने की बेहतरीन क्षमताएं हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी ध्यान दिलाया गया है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के कुल राजस्व का 83 प्रतिशत हिस्सा अकेले ट्रांसफॉर्मर सेगमेंट से आया है, जिससे राजस्व का संकेंद्रण जोखिम बनता है।
मूल्यांकन के मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2026 की प्रति शेयर कमाई (EPS) के 34.5 से 36.3 गुना के दायरे पर आईपीओ का मूल्य दायरा समान उद्योग के प्रतिस्पर्धियों की तुलना में वाजिब माना जा रहा है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के अनुसार, नए शेयरों से मिलने वाली राशि का उपयोग कंपनी अपने व्यावसायिक विस्तार के लिए करेगी। ऐसे में मजबूत बुनियादी ढांचे के आधार पर लंबी अवधि के निवेशक इसमें निवेश पर विचार कर सकते हैं, जबकि बाजार की स्थितियों के अधीन अल्पकालिक लिस्टिंग लाभ की संभावनाएं भी बनी हुई हैं।



















