केंद्र सरकार के करीब 1.2 करोड़ कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल 7वां वेतन आयोग खत्म होने के बाद उम्मीद थी कि 8वां वेतन आयोग 2026 से लागू हो जाएगा, लेकिन इसमें देरी हो गई है। वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी तय करने के लिए 8वें वेतन आयोग की कमेटी बन चुकी है, और अब ज्यादातर अनुमान यही कह रहे हैं कि नया वेतन ढांचा और फिटमेंट फैक्टर 2027 के मध्य तक पूरी तरह लागू हो पाएगा।
इस पूरे ढांचे में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम है, क्योंकि यही तय करता है कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा भत्तों के फायदे, एरियर और टैक्स को लेकर भी कई उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
महंगाई भत्ता और डीआर का हिसाब-किताब
ताजा घटनाक्रम में ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने बेसिक पे पर महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के कैलकुलेशन में बदलाव की मांग की है। सरकार आमतौर पर साल में दो बार छह-छह महीने की अवधि के लिए DA में संशोधन करती है, जिसका मकसद महंगाई के असर को संतुलित करना और कर्मचारियों के जीवनयापन के खर्च को बेहतर बनाना होता है।
फेडरेशन का मानना है कि जिस ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स-इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर DA और DR तय होते हैं, उसे 2022-23 में संशोधित किया गया था और यह खाने-पीने की चीजों तथा कृषि उत्पादों की बढ़ती कीमतों के असर को सही ढंग से नहीं पकड़ पाता। फेडरेशन ने बताया कि संशोधित CPI बास्केट में खाने-पीने की चीजों का वेटेज 36.75% है, जबकि 2012 के बेस ईयर इंडेक्स में यह 45.86% था।
इसके साथ ही फेडरेशन ने मांग की है कि CPI बास्केट में आवास, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, संचार, मनोरंजन और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों को ज्यादा वेटेज दिया जाए।
महंगाई भत्ते का फॉर्मूला केंद्र सरकार और केंद्रीय पीएसयू कर्मचारियों के लिए अलग-अलग है।
- केंद्र सरकार के कर्मचारी: ((पिछले 12 महीनों का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स औसत (बेस ईयर 2001 = 100) - 115.76) / 115.76) * 100
- केंद्रीय पीएसयू कर्मचारी: ((पिछले 3 महीनों का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स औसत (बेस ईयर 2001 = 100) - 126.33) / 126.33) * 100
मौजूदा समय में DA 60% है, जिसे अप्रैल 2026 में पहले के 58% से बढ़ाया गया था। 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह है। 58% DA पर न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये की तुलना में 10,440 रुपये बढ़कर 28,440 रुपये (18,000 x 58/100) हो जाती। वहीं 60% पर यह न्यूनतम बेसिक पे की तुलना में 10,800 रुपये बढ़कर 28,800 रुपये (18,000 + 60/100) हो जाएगी। खास बात यह है कि 7वें वेतन आयोग का DA 8वें वेतन आयोग में आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, यह पूरी तरह बदल जाएगा।
एरियर कितना मिल सकता है
अगर 8वां वेतन आयोग 2027 के मध्य से अंत तक लागू होता है, लेकिन वेतन में संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है, तो कई कर्मचारी करीब 20 से 24 महीने के एरियर के हकदार हो जाएंगे।
अगर 8वें वेतन के लिए 1.92 फिटमेंट फैक्टर और 24 महीने के एरियर को आधार मानें, तो यह रकम 2 लाख रुपये से लेकर करीब 17 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि यह फायदा कर्मचारियों और उनके ग्रेड लेवल पर निर्भर करेगा। अलग-अलग पे लेवल के मुताबिक संभावित एरियर इस तरह है:
- लेवल 1: मौजूदा बेसिक 18,000 रुपये, 24 महीने का एरियर 2.0 से 2.3 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 2.6 से 2.9 लाख रुपये
- लेवल 4: मौजूदा बेसिक 25,500 रुपये, 24 महीने का एरियर 3.3 से 3.7 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 4.2 से 4.8 लाख रुपये
- लेवल 5: मौजूदा बेसिक 29,200 रुपये, 24 महीने का एरियर 3.7 से 4.2 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 4.8 से 5.4 लाख रुपये
- लेवल 6: मौजूदा बेसिक 35,400 रुपये, 24 महीने का एरियर 4.5 से 5.0 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 5.7 से 6.4 लाख रुपये
- लेवल 7: मौजूदा बेसिक 44,900 रुपये, 24 महीने का एरियर 5.6 से 6.3 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 7.2 से 8.0 लाख रुपये
- लेवल 8: मौजूदा बेसिक 47,600 रुपये, 24 महीने का एरियर 5.9 से 6.7 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 7.6 से 8.5 लाख रुपये
- लेवल 10: मौजूदा बेसिक 56,100 रुपये, 24 महीने का एरियर 7.2 से 8.1 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 9.3 से 10.3 लाख रुपये
- लेवल 11: मौजूदा बेसिक 67,700 रुपये, 24 महीने का एरियर 8.6 से 9.6 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 11.0 से 12.3 लाख रुपये
- लेवल 12: मौजूदा बेसिक 78,800 रुपये, 24 महीने का एरियर 9.9 से 11.1 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 12.7 से 14.2 लाख रुपये
- लेवल 13: मौजूदा बेसिक 1,23,100 रुपये, 24 महीने का एरियर 15.2 से 16.9 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 19.5 से 21.7 लाख रुपये
- लेवल 14: मौजूदा बेसिक 1,44,200 रुपये, 24 महीने का एरियर 17.8 से 19.7 लाख रुपये, 30 महीने का एरियर 22.8 से 25.3 लाख रुपये
एरियर पर टैक्स के नियम
8वें वेतन आयोग के तहत अगर एरियर खाते में आता है, तो यह कर्मचारियों के लिए टैक्सेबल इनकम बन जाएगा। हालांकि उम्मीद है कि पिछले वेतन आयोगों की तरह 8वें वेतन आयोग में भी धारा 89(1) की राहत लागू होगी, जिसके जरिए कोई कर्मचारी टैक्स में छूट का दावा कर सकता है और एकमुश्त बड़ी एरियर राशि की वजह से लगने वाले अतिरिक्त टैक्स से बच सकता है।
इस टैक्स छूट का दावा करने के लिए कर्मचारियों को फॉर्म 10E भरना होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि नई टैक्स व्यवस्था के तहत सभी परिस्थितियों में धारा 89 की राहत मिलेगी या नहीं, यह एरियर का अंतिम नोटिफिकेशन जारी होने पर जांचना चाहिए। आधिकारिक दिशानिर्देश अभी आने बाकी हैं।
फिटमेंट फैक्टर को लेकर अनुमान
8वें वेतन आयोग के तहत बेसिक सैलरी मैट्रिक्स तय करने में फिटमेंट फैक्टर की भूमिका सबसे अहम है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसे बेसिक पे पर लागू किया जाता है। इसका फॉर्मूला है, 8वें वेतन की बेसिक पे = 7वें वेतन की बेसिक सैलरी x फिटमेंट फैक्टर।
फिलहाल 8वें वेतन आयोग के तहत सबसे कम अनुमानित फिटमेंट फैक्टर 1.92 है, जबकि सबसे ज्यादा अनुमान 3.83 का है। हालांकि हाल ही में इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने कर्मचारियों के पे ग्रेड के हिसाब से अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की है, जिसमें सबसे ज्यादा अनुमान 4.38 का है। वहीं भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 72,000 रुपये की न्यूनतम सैलरी पर 4 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया है।
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी
अगर 1.92 से 3.83 के फिटमेंट को आधार मानें, तो 8वें वेतन आयोग के तहत बेसिक पे मौजूदा बेसिक पे की तुलना में 92% तक बढ़कर 34,560 रुपये से 68,940 रुपये प्रति माह के बीच पहुंच सकती है। 7वें वेतन आयोग के तहत मौजूदा बेसिक पे 17,000 रुपये है।
अगर 4.38 के फिटमेंट को आधार मानें, तो लेवल 17 ग्रेड के कर्मचारी की बेसिक पे 7वें वेतन आयोग के तहत करीब 2.25 लाख रुपये प्रति माह बताई जाती है। 4.38 फिटमेंट पर 8वां वेतन आयोग लागू होने पर यह सैलरी 338% बढ़कर 9,85,500 रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है। वहीं 4 के फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 1 ग्रेड के कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से 300% तक बढ़ सकती है।













