ट्रिपलआईटी जबलपुर से निकलीं समृद्धि शर्मा कैसे बनीं गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जानिए उनकी कामयाबी का मंत्रशारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा और 13 अक्टूबर का संपूर्ण पंचांगअमेरिकी डॉलर के सामने 0.7000 पर थमी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त, वैश्विक करेंसी बाजारों में मिला-जुला रुखऋषिकेश में टूटी सड़कों और जाम से स्थानीय लोग परेशान, बुनियादी सुविधाओं की मांग उठीअस्पतालों में इलाज के रेट सार्वजनिक करना अनिवार्य, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को भेजी चिट्ठीधौलपुर के बीहड़ों में स्थित बुढ़वा माता मंदिर, जहां कभी सिर झुकाते थे चंबल के बागीखोराबीसल में गैल्वनाइजिंग यूनिट से चार लाख की जिंक सिल्ली चोरी करने वाला ठेकेदार गिरफ्तारवोटर लिस्ट विवाद में नए फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट की स्थिति स्पष्ट, चुनाव आयोग और वकीलों को दी चेतावनीदिल्ली में जंतर-मंतर की जगह अब तीन नए मैदानों पर होंगे धरने और प्रदर्शनकरौली में मदन मोहन जी के आंगन की 250 साल पुरानी सांझी कला पर मंडराया संकट, कलाकारों ने जताई चिंता
त्योहारी मांग से शंकरपुरा चमेली के भाव में जोरदार उछाल, 15 दिनों में पांच गुना से ज्यादा बढ़ी कीमतभारत
12 अक्तू॰ 2026, 3:21 pm (2 घंटे पहले)· 1

त्योहारी मांग से शंकरपुरा चमेली के भाव में जोरदार उछाल, 15 दिनों में पांच गुना से ज्यादा बढ़ी कीमत

त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से शंकरपुरा चमेली के दाम करीब 15 दिनों में ₹240 से ₹300 प्रति अट्टे से बढ़कर ₹1,600 तक पहुंच गए हैं। वहीं जाजी फूलों की कीमतों में भी खुला बाजार और उत्पादक संघ की तय दर के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा है।

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही फूलों की मंडियों में जोरदार हलचल देखने को मिल रही है। नवरात्रि और दशहरा के दौरान पूजा अनुष्ठानों तथा सजावट के लिए फूलों की जरूरत अचानक बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर इनकी कीमतों पर पड़ा है। अपनी खास महक के लिए पहचानी जाने वाली शंकरपुरा चमेली की कीमतों में पिछले लगभग पंद्रह दिनों के भीतर भारी उछाल दर्ज किया गया है। जहां कुछ समय पहले तक यह ₹240 से ₹300 प्रति अट्टे के भाव पर मिल रही थी, वहीं अब इसकी कीमत उछलकर ₹1,600 प्रति अट्टे के स्तर पर पहुंच चुकी है। इस तेज तेजी ने त्योहारों की तैयारी कर रहे आम खरीदारों और श्रद्धालुओं के घरेलू बजट पर खासा दबाव बना दिया है।

खुले बाजार में रविवार को रिकॉर्ड स्तर पर बिके फूल

रविवार, 11 अक्टूबर को शंकरपुरा चमेली के दाम खुले बाजार में ₹1,600 प्रति अट्टे तक दर्ज किए गए। अगर करीब पंद्रह दिन पहले के भावों से तुलना करें, तो यह पुरानी कीमत के मुकाबले पांच गुना से भी अधिक महंगा हो चुका है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी आराधना, मंदिरों में चढ़ावे और घरों की सजावट के लिए इन ताजे फूलों का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल होता है। मांग में आए इस अचानक उभार ने मंडियों में उपलब्ध सीमित आवक पर दबाव बढ़ा दिया, जिससे कीमतों में यह अभूतपूर्व तेजी सामने आई है।

ये भी पढ़ें

उत्पादक संघ की तय दर और खुदरा कीमतों में भारी अंतर

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाला पहलू उत्पादक संघ की ओर से निर्धारित दर और खुले बाजार में बिक रहे फूलों की कीमत के बीच का बहुत बड़ा अंतर है। मल्लिगे उत्पादक संघ ने शंकरपुरा चमेली के लिए ₹570 प्रति अट्टे की दर तय की थी, लेकिन खुले बाजार में यही फूल ग्राहकों को ₹1,600 प्रति अट्टे तक बेचे जा रहे हैं।

  • शंकरपुरा चमेली का खुला बाजार भाव: ₹1,600 प्रति अट्टे तक
  • मल्लिगे उत्पादक संघ की निर्धारित दर: ₹570 प्रति अट्टे

इस भारी अंतर के कारण अलग-अलग दुकानों और मंडियों में ग्राहकों को कीमतों में भारी फेरबदल का सामना करना पड़ रहा है। बाजार विश्लेषकों के लिए भी यह विषय चर्चा में है कि आखिर उत्पादक संघ की तय सीमा से कहीं अधिक दर पर खुले बाजार में यह बिक्री किस वजह से हो रही है। यहां यह समझना भी जरूरी है कि ‘अट्टे’ फूलों को मापने की एक पारंपरिक स्थानीय इकाई है, जिसकी सटीक मात्रा का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

जाजी फूलों के दामों में भी देखा गया भारी अंतर

दामों में यह भारी उछाल केवल चमेली तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि जाजी फूलों के भाव भी तेजी से ऊपर चढ़े हैं। खुले बाजार में जाजी फूलों की बिक्री ₹800 प्रति अट्टे तक पहुंच गई। इसकी तुलना में उत्पादक संघ ने जाजी फूलों के लिए मात्र ₹160 प्रति अट्टे की दर तय की थी। इस तरह जाजी के मामले में भी संघ की आधिकारिक दर और खुले बाजार के दाम के बीच भारी विसंगति बनी हुई है।

मांग में बदलाव से कीमतों की चाल

कीमतों में आए इस भारी फेरबदल की मुख्य वजह त्योहारी चक्र के दौरान मांग का उतार-चढ़ाव है। दरअसल, पितृ पक्ष के दौरान आमतौर पर पूजा और मांगलिक आयोजनों के सीमित रहने से फूलों की मांग काफी गिर जाती है और भाव निचले स्तरों पर आ जाते हैं। इसके उलट, जैसे ही नवरात्रि और दशहरा का पर्व शुरू होता है, मंदिरों, पंडालों और घरों में दैनिक पूजन तथा भव्य सजावट के लिए फूलों की खरीदारी बहुत तेजी से बढ़ जाती है। इसी अचानक बढ़ी हुई उपभोक्ता मांग ने मंडियों में शंकरपुरा चमेली और जाजी फूलों के भाव को आसमान पर पहुंचा दिया है।

सवाल-जवाब

शंकरपुरा चमेली की कीमत में कितना उछाल आया है?
शंकरपुरा चमेली के दाम करीब 15 दिनों में ₹240–300 प्रति अट्टे से बढ़कर ₹1,600 प्रति अट्टे तक पहुंच गए हैं, जो पांच गुने से भी अधिक की बढ़ोतरी है।
रविवार, 11 अक्टूबर को खुले बाजार में चमेली का क्या भाव रहा?
रविवार, 11 अक्टूबर को खुले बाजार में शंकरपुरा चमेली ₹1,600 प्रति अट्टे तक के भाव पर बिकी।
मल्लिगे उत्पादक संघ ने चमेली की क्या दर तय की थी?
मल्लिगे उत्पादक संघ ने शंकरपुरा चमेली के लिए ₹570 प्रति अट्टे की दर निर्धारित की थी।
जाजी फूलों के बाजार भाव और संघ की तय दर में क्या अंतर रहा?
जाजी फूल खुले बाजार में ₹800 प्रति अट्टे तक बिके, जबकि उत्पादक संघ ने इसके लिए ₹160 प्रति अट्टे की दर तय की थी।
फूलों की कीमतों में इतनी तेजी आने की मुख्य वजह क्या है?
पितृ पक्ष के बाद नवरात्रि और दशहरा के दौरान पूजा, धार्मिक चढ़ावे और सजावट के लिए फूलों की मांग अचानक बढ़ जाना इसकी मुख्य वजह है।
फूलों की माप के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘अट्टे’ का क्या अर्थ है?
‘अट्टे’ फूलों की एक खास मात्रा को दर्शाने वाली माप है, हालांकि इसकी सटीक वजन या संख्या स्पष्ट नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

त्योहारों में फूलों के दाम आसमान छू रहे हैं, संघ के तय रेट 570 रुपये थे और खुले बाजार में 1600 रुपये तक बिक रहे हैं। आखिर एसोसिएशन के तय दाम और मार्केट के भाव में इतना बड़ा फर्क क्यों है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने! पिछले साल जब मैं उडुपी गया था, तब भी यही हाल देखा था—त्योहारों में बिचौलिए सारे दाम बढ़ा देते हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp