महाराष्ट्र के पुणे शहर में बिना वैध लाइसेंस के टू-व्हीलर एग्रीगेटर सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों पर स्थानीय प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र दूडी ने गुरुवार को इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए कि वर्तमान में चल रही अनधिकृत बाइक टैक्सी सेवाओं को तुरंत बंद किया जाए। प्रशासन का यह कदम विभिन्न ऑटो रिक्शा और कैब चालक यूनियनों द्वारा की गई शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिसमें एग्रीगेटर कंपनियों पर नियमों के खुले उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे।
लाइसेंस के बिना टू-व्हीलर सेवा संचालन पर पूर्ण रोक
जिलाधिकारी जितेंद्र दूडी ने जानकारी दी कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत कोई भी टू-व्हीलर एग्रीगेटर बिना आवश्यक लाइसेंस के अपना संचालन नहीं कर सकता। इसी नियम के तहत रैपिडो को पुणे में अपनी चल रही पायलट सेवा को फौरन रोकने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से आगाह किया कि यदि कंपनी इस निर्देश का पालन करने में विफल रहती है, तो शुक्रवार से उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जब तक आधिकारिक लाइसेंसिंग प्रक्रिया विधिवत रूप से पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी कंपनियों को मौजूदा नियमों और कानूनी प्रावधानों के दायरे में ही रहना होगा। टू-व्हीलर एग्रीगेटर सेवाओं के लिए लाइसेंस जारी करने की औपचारिक प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर लिया जाएगा। इसलिए प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार के अनधिकृत संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
चालक यूनियनों की शिकायतों के बाद बुलाई गई बैठक
पुणे में कुछ कैब और ऑटो रिक्शा चालक संघों ने प्रशासन के समक्ष एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। यूनियनों का मुख्य आरोप था कि ये कंपनियां तय नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं। इन शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी।
जितेंद्र दूडी ने बताया कि इस बैठक में कोई नया नीतिगत फैसला नहीं लिया गया, बल्कि अधिकारियों ने सभी एग्रीगेटर कंपनियों को सरकार के मौजूदा दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रशासन का उद्देश्य परिवहन क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और कानूनी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करना है।
किराए के बंटवारे में चालकों के लिए 80 प्रतिशत की सीमा तय
एग्रीगेटर प्लेटफॉर्मों द्वारा चालकों के हितों की अनदेखी करने और उन्हें उचित भुगतान न मिलने की शिकायतों पर भी प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। बैठक में जारी निर्देशों के तहत एग्रीगेटर कंपनियों को कुल यात्रा किराए का 80 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से ड्राइवरों को देना होगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान सरकार के मौजूदा दिशा-निर्देशों का ही एक अभिन्न हिस्सा है, जिसे सभी कंपनियों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है। लंबे समय से चालकों की यह मांग रही थी कि प्लेटफॉर्म मनमाने ढंग से कमीशन न काटें और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा हक मिले।
किराया सीमा और निर्धारित दरों का पालन अनिवार्य
यात्रा किराए को लेकर भी प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। जितेंद्र दूडी ने कहा कि एग्रीगेटर्स द्वारा वसूला जाने वाला किराया क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा तय की गई आधार दर के दायरे में ही होना चाहिए। मौजूदा नियमों के अनुसार, स्वीकृत किराया आरटीओ की आधार दर से न्यूनतम 25 प्रतिशत कम और अधिकतम 50 प्रतिशत अधिक तक ही हो सकता है।
प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कंपनियां इस निर्धारित दर सीमा से बाहर जाकर मनमाना किराया वसूल रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का कोई भी अतिरिक्त शुल्क पूरी तरह अवैध माना जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
पारदर्शिता के लिए मासिक डेटा और ऐप में नया कॉलम
जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एग्रीगेटर कंपनियों को हर महीने अपना परिचालन डेटा अधिकारियों के साथ साझा करने का निर्देश दिया है। इस मासिक डेटा के माध्यम से अधिकारी यह निगरानी कर सकेंगे कि किराए के नियमों और चालकों को किए जाने वाले भुगतान का सही ढंग से पालन हो रहा है या नहीं।
इसके साथ ही, सभी प्लेटफॉर्मों को अपने मोबाइल ऐप में एक अलग कॉलम जोड़ने का निर्देश दिया गया है। इस कॉलम में आरटीओ द्वारा निर्धारित वास्तविक किराया प्रदर्शित करना होगा, ठीक उसी तरह जैसे ऑटो रिक्शा में किराया दरें प्रदर्शित की जाती हैं। इससे यात्रियों को यह स्पष्ट पता चल सकेगा कि आधिकारिक किराया क्या है और उनसे क्या दर वसूली जा रही है।
जिलाधिकारी जितेंद्र दूडी ने दोहराया कि मौजूदा कानूनों के तहत बिना लाइसेंस टू-व्हीलर एग्रीगेटर सेवाओं को चलने की अनुमति कतई नहीं दी जा सकती। रैपिडो को शहर में अपनी पायलट सेवा तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है, और आदेश न मानने की स्थिति में शुक्रवार से कानूनी कार्रवाई शुरू होना तय है।

















