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अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से डॉलर टूटा, कैनेडियन डॉलर दो हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचाबाज़ार
15 अक्तू॰ 2026, 11:33 pm (8 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से डॉलर टूटा, कैनेडियन डॉलर दो हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया, जिससे कैनेडियन डॉलर दो सप्ताह के अपने सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया।

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में आई तेज गिरावट ने अमेरिकी डॉलर पर चौतरफा दबाव बना दिया है। इस कमजोरी का सीधा फायदा कैनेडियन डॉलर यानी लूनी को मिला, जिसने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो सप्ताह के अपने उच्चतम स्तर को छू लिया। इस हलचल के दौरान USD/CAD करेंसी जोड़ी 1.4169 के इंट्राडे निचले स्तर तक फिसल गई, जो पिछले चौदह दिनों का सबसे निचला स्तर है। इसके बाद यह जोड़ी 1.4189 के आसपास कारोबार करती देखी गई। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आए मुद्रास्फीति और थोक मूल्य सूचकांक के मजबूत आंकड़ों के बावजूद बॉन्ड यील्ड्स में आई सुस्ती ने डॉलर की हालिया बढ़त पर विराम लगा दिया है।

थोक और उपभोक्ता मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने बढ़ाई हलचल

अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो गुरुवार को जारी हुए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) यानी थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज रहे। सितंबर महीने में पीपीआई में मासिक आधार पर 1.3 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 6.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई। यह विश्लेषकों के 0.5 प्रतिशत मासिक और 5.3 प्रतिशत वार्षिक अनुमानों की तुलना में काफी अधिक है। खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को अलग रखने वाला कोर पीपीआई भी मासिक आधार पर 0.7 प्रतिशत और सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि बाजार ने इसके क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत रहने की संभावना जताई थी।

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यह डेटा बुधवार को जारी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों के ठीक एक दिन बाद सामने आया। सीपीआई रिपोर्ट में हेडलाइन मुद्रास्फीति की रफ्तार तेज होकर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई थी, जो 3.6 प्रतिशत के अनुमान से आगे निकल गई। वहीं कोर मुद्रास्फीति भी 2.6 प्रतिशत पर रही, जो 2.5 प्रतिशत के अनुमान से अधिक थी। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के चलते ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति को चिपचिपा बनाए रखा है। मजबूत उपभोक्ता खर्च और लगातार ऊंची बनी महंगाई ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा वर्ष के अंत से पहले ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की संभावनाओं को हवा दे दी है।

फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ कनाडा के बीच ब्याज दर का अंतर

सीएमई फेडवॉच टूल के अनुमानों के मुताबिक बाजार प्रतिभागी सितंबर की 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद अक्टूबर की बैठक में ठहराव की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि दिसंबर तक ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की एक और बढ़ोतरी की लगभग 90 प्रतिशत संभावना आंकी जा रही है। फेडरल रिजर्व की इस संभावित सख्ती के बीच लूनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दरों का अंतर बना हुआ है। बैंक ऑफ कनाडा के लिए दरें बढ़ाने की शर्तें काफी कड़ी बनी हुई हैं, क्योंकि ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी का अंतर्निहित महंगाई पर प्रभाव अब तक सीमित रहा है और कोर मुद्रास्फीति बैंक ऑफ कनाडा के 2 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब टिकी हुई है।

कनाडा का कमजोर श्रम बाजार और अमेरिकी व्यापार नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता नीति निर्माताओं को सतर्क रुख बनाए रखने पर मजबूर कर रही है। हालांकि वित्तीय बाजार दिसंबर तक वहां भी एक दर बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं। करेंसी मैट्रिक्स और हीट मैप के आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि कैनेडियन डॉलर ने सभी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले शानदार प्रदर्शन दिखाया। लूनी ने आज सबसे ज्यादा मजबूती ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के खिलाफ दर्ज की, जहां दोनों मुद्राओं के बीच का फासला काफी व्यापक नजर आया।

वैश्विक मुद्राओं का मिजाज: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन पर दबाव

अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्रा जोड़ों में भी अमेरिकी डॉलर की इस अस्थिरता का असर देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी निराशाजनक ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों के दबाव में 0.6950 के करीब कमजोर बनी रही। इस गिरावट के साथ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने मासिक उच्च स्तर से अपनी फिसलन को आगे बढ़ाया और गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान एक नया साप्ताहिक निचला स्तर छू लिया। हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में आई गिरावट ने डॉलर को अप्रैल 2025 के उच्च स्तर से नीचे खींच लिया, जिसने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नुकसान को कुछ हद तक सीमित करने में मदद की।

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY जोड़ी में भी बिकवाली हावी रही। यह जोड़ी अपने तीन सप्ताह के उच्च स्तर से पीछे हटते हुए गुरुवार के एशियाई सत्र में 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गई। जापानी अधिकारियों द्वारा अपनी मुद्रा को समर्थन देने के लिए संभावित बाजार हस्तक्षेप की अटकलों ने व्यापारियों को अत्यधिक सतर्क रखा है। इसके अतिरिक्त चीन द्वारा बॉन्ड खरीद से जुड़ी चर्चाओं के चलते अमेरिकी यील्ड्स में आई गिरावट ने डॉलर पर दबाव और बढ़ा दिया, जिससे मुद्रास्फीति के आंकड़ों से हासिल बढ़त पूरी तरह धुल गई।

सोने में लौटी चमक, रिपल और ब्रिटिश पाउंड का रुख

विदेशी मुद्रा बाजार में मची इस उथल-पुथल के बीच सोने ने तीन दिनों की लगातार गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। बुलियन बाजार में लौटी खरीदारी के दम पर सोना गुरुवार को 4,170 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के क्षेत्र तक पहुंच गया। ग्रीनबैक पर बढ़ते बिक्री के दबाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में नरमी ने कीमती धातु की इस वापसी को मजबूती दी। हालांकि शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के वॉर्श के प्रस्तावित भाषण को लेकर निवेशक अभी भी सतर्कता बरत रहे हैं।

दूसरी ओर डिजिटल एसेट बाजार में रिपल मंदी के दबाव में फंसा रहा और गुरुवार को 1.30 डॉलर के पास कारोबार करता दिखा। रिपल में आई यह कमजोरी पूरे क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी भारी बिकवाली को दर्शाती है, जहां अमेरिका में लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति और सख्त मौद्रिक नीतियों को लेकर निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से दूरी बना रहे हैं। ब्रिटेन की बात करें तो चांसलर द्वारा अपना पहला बजट पेश किए जाने में दो सप्ताह से भी कम समय बचा हुआ है। सामान्य रुझानों के विपरीत ब्रिटेन का आर्थिक और वित्तीय माहौल बजट से पहले काफी उत्साहजनक बना हुआ है। ब्रिटिश बॉन्ड्स में जोरदार तेजी देखी जा रही है, एफटीएसई 100 इस सप्ताह का शीर्ष प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सूचकांक बना हुआ है और पाउंड भी डॉलर के मुकाबले स्थिरता हासिल कर रहा है।

सवाल-जवाब

USD/CAD जोड़ी गिरकर किस स्तर पर पहुंच गई?
यह जोड़ी 1.4169 के दो सप्ताह के निचले स्तर को छूने के बाद 1.4189 के आसपास कारोबार कर रही थी।
सितंबर में अमेरिका का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स कितना बढ़ा?
सितंबर में पीपीआई मासिक आधार पर 1.3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत बढ़ा, जो बाजार के अनुमान से काफी अधिक रहा।
फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की क्या संभावना जताई जा रही है?
सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, दिसंबर तक फेड द्वारा ब्याज दरों में एक और वृद्धि की लगभग 90 प्रतिशत संभावना आंकी जा रही है।
डॉलर में कमजोरी के बीच सोने की कीमत किस स्तर पर पहुंची?
डॉलर और बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट के सहारे सोना तीन दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए 4,170 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर पहुंच गया।
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का क्या रुख रहा?
जापानी अधिकारियों के संभावित हस्तक्षेप की अटकलों के बीच USD/JPY जोड़ी फिसलकर 158.00 के नीचे आ गई।
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