अरुणाचल प्रदेश के सुरम्य पर्वतीय शहर तवांग में पर्यटन मंत्रालय का वार्षिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में प्रस्तुत करना है। तीन दिवसीय इस विशाल सम्मेलन के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा स्थानीय सेवा प्रदाताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराया गया है। उद्घाटन दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं और साथ ही नॉर्थ ईस्ट बाजार भी लगाया गया है, जहां पूर्वोत्तर के समृद्ध हस्तशिल्प और कला का प्रदर्शन किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय और राज्य नेतृत्व की मौजूदगी
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट के औपचारिक उद्घाटन सत्र में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य रूप से उपस्थित हो रहे हैं। उनके साथ पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी इस महत्वपूर्ण उद्घाटन सत्र में शामिल हो रहे हैं। पर्यटन मंत्रालय के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार यह उद्घाटन सत्र गुरुवार को आयोजित किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास और पर्यटन विस्तार को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
वैश्विक स्तर पर 22 देशों से 43 खरीदारों की भागीदारी
इस पर्यटन सम्मेलन में कुल मिलाकर 200 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है। वैश्विक स्तर पर पूर्वोत्तर के पर्यटन उत्पादों का प्रचार करने के उद्देश्य से 22 अलग-अलग देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की उपस्थिति तय की गई है। इस अंतरराष्ट्रीय सूची में ऑस्ट्रेलिया, भूटान, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया और इटली शामिल हैं। इनके अलावा जापान, मलेशिया, फिलीपींस, पोलैंड, रूस और सिंगापुर से भी खरीदार यहां पहुंच रहे हैं।
मंत्रालय की जानकारी के अनुसार दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, यूएई, यूके और अमेरिका के प्रतिनिधि भी इस सूची में शामिल हैं। इसके साथ ही अन्य देशों के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की बात कही गई है। यह वार्षिक मंच वैश्विक यात्रा ऑपरेटरों और विदेशी खरीदारों को सीधे पूर्वोत्तर के स्थानीय पर्यटन ऑपरेटरों, होटल कारोबारियों और सेवा प्रदाताओं से जोड़ने का एक रणनीतिक प्रयास है।
बी2बी सत्र और क्षेत्रीय पर्यटन मंत्रियों की विशेष बैठक
सम्मेलन में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ-साथ घरेलू खरीदारों को भी पूर्वोत्तर के पर्यटन विक्रेताओं से मिलने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पर्यटन सेवा प्रदाता इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इस मंच का पूरा प्रारूप व्यावसायिक बातचीत और दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारी स्थापित करने के अनुरूप तैयार किया गया है।
कार्यक्रम के तहत 30 अक्टूबर को विशेष बिजनेस-टू-बिजनेस यानी B2B सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन बैठकों का सीधा उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और ट्रैवल कंपनियों को नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त 30 अक्टूबर को इस मुख्य आयोजन से इतर पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की एक अलग बैठक भी निर्धारित की गई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पूरे क्षेत्र में पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा सभी भागीदार राज्यों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा की जाएगी।
13 साल बाद तवांग में लौटा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट
पर्यटन मंत्रालय का यह प्रमुख वार्षिक आयोजन 13 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा तवांग में आयोजित हो रहा है। इससे पहले साल 2013 में इस मार्ट का दूसरा संस्करण तवांग में आयोजित किया गया था। वहीं वर्ष 2025 का संस्करण सिक्किम के गंगटोक में नवंबर महीने के दौरान आयोजित हुआ था। इस आयोजन को मंत्रालय का प्रमुख फ्लैगशिप कार्यक्रम माना जाता है, जिसका निर्धारित लक्ष्य घरेलू और विदेशी बाजारों में पूर्वोत्तर की पहचान को स्थापित करना है।
साल 2026 के इस संस्करण में सभी आठ पूर्वोत्तर राज्य अपने-अपने पर्यटन उत्पादों और गंतव्यों की प्रस्तुति दे रहे हैं। इन राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं। ये प्रस्तुतियां प्रत्येक राज्य के विशिष्ट आकर्षणों, सांस्कृतिक विरासत और यात्रा अनुभवों पर केंद्रित हैं। इसके अलावा पूरे क्षेत्र के साझा उत्पादों और संयुक्त क्षेत्रीय पर्यटन सर्किटों की जानकारी भी साझा की जा रही है।
सांस्कृतिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के तकनीकी दौरे
सम्मेलन के दौरान आए हुए प्रतिनिधियों और खरीदारों के लिए कई तकनीकी दौरों की योजना बनाई गई है ताकि वे जमीनी स्तर पर क्षेत्र की क्षमताओं को देख सकें। इस यात्रा कार्यक्रम में ऐतिहासिक तवांग मठ और जसवंत गढ़ वॉर मेमोरियल शामिल हैं। इसके अलावा जंग वाटरफॉल, तवांग वॉर मेमोरियल, बुद्ध पार्क, पंकांग तेंग त्सो झील और शेरनुप गांव का दौरा भी इस योजना का हिस्सा है। छठे दलाई लामा की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध उर्गिलिंग गोम्पा को भी इस यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
इन दौरों का मुख्य उद्देश्य प्रतिनिधियों को पूर्वोत्तर के आध्यात्मिक स्थलों, प्राकृतिक परिदृश्यों और स्थानीय परंपराओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराना है। ग्रामीण पर्यटन के वास्तविक अनुभव भी इस कार्यक्रम का अहम हिस्सा हैं। मंत्रालय का मानना है कि इस तरह के प्रत्यक्ष अनुभवों से वैश्विक खरीदारों के बीच स्थानीय पर्यटन की समझ गहरी होगी और पूर्वोत्तर के साथ मजबूत पर्यटन संपर्क स्थापित किए जा सकेंगे।


















