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बिहार के मुजफ्फरपुर में सावन के दौरान खिली रंग-बिरंगी लाख की चूड़ियों की रंगत, नेपाल तक बढ़ा कारोबारमनी
28 अक्तू॰ 2026, 1:01 am (21 मिनट पहले)· 0

बिहार के मुजफ्फरपुर में सावन के दौरान खिली रंग-बिरंगी लाख की चूड़ियों की रंगत, नेपाल तक बढ़ा कारोबार

सावन के महीने में मुजफ्फरपुर की ऐतिहासिक इस्लामपुर मंडी में लाख की चूड़ियों और लहठी की मांग चरम पर है, जहां नेपाल तक के व्यापारी और ग्राहक ऑर्डर भेज रहे हैं।

सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही धार्मिक स्थलों और बाजारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। भगवान शिव की भक्ति के इस मौसम में कांवड़ यात्रा के साथ-साथ पारंपरिक श्रृंगार का भी विशेष महत्व होता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए हरे रंग की चूड़ियां और लहठी इस महीने में अनिवार्य परंपरा का हिस्सा मानी जाती हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक लहठी बाजार में इन दिनों जबरदस्त चहल-पहल है, जहां कारीगर मांग पूरी करने के लिए दिन-रात मेहनत में जुटे हुए हैं।

मुजफ्फरपुर की इस्लामपुर मंडी और अंतरराष्ट्रीय पहचान

मुजफ्फरपुर का लाख उद्योग न केवल देश में बल्कि सीमाओं के पार भी अपनी खास कारीगरी के लिए जाना जाता है। शहर का इस्लामपुर मंडी इलाका लाख की पारंपरिक लहठी बनाने और बेचने का प्रमुख केंद्र है। सावन के महीने में स्थानीय महिलाओं के अलावा अन्य जिलों और पड़ोसी देश नेपाल से भी भारी संख्या में खरीदार यहां पहुंच रहे हैं। सावन यात्रा के दौरान बाहर से आने वाले कांवड़िए भी मुजफ्फरपुर के इस बाजार में आकर अपने परिवार की महिलाओं के लिए लहठी खरीदना नहीं भूलते। जो ग्राहक बाजार तक आने में असमर्थ हैं, वे ऑनलाइन ऑर्डर देकर सीधे आपूर्ति प्राप्त कर रहे हैं।

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कारीगरों की व्यस्तता और हर बजट की विविधता

बढ़ती मांग को देखते हुए स्थानीय कारीगर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं ताकि बाजार में आपूर्ति बनी रहे। लहठी व्यवसायी मेराज गौरी का कहना है कि हर साल की तुलना में इस बार हरे रंग की चूड़ियों की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है। ग्राहकों की पसंद के अनुसार यहां 100 रुपये से लेकर 1,000 रुपये और 2,000 रुपये तक के विभिन्न मूल्य श्रेणियों में लहठी तैयार की जा रही है। बाजार में फैंसी स्टोन वर्क, कुंदन डिजाइन और पारंपरिक साधारण लाख की चूड़ियों के विस्तृत विकल्प उपलब्ध हैं।

सावन में करोड़ों के कारोबार की उम्मीद

सावन की पहली सोमवारी के बाद से ही पूरे बाजार में रौनक काफी बढ़ गई है। शाम होते ही इस्लामपुर मंडी में श्रद्धालुओं और खरीदारों की भारी भीड़ जुट जाती है। हर साल सावन के पूरे महीने के दौरान इस मंडी में कुल मिलाकर 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया जाता है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इस बार की जबरदस्त बिक्री से पिछले सालों के रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं।

सवाल-जवाब

मुजफ्फरपुर में लहठी की बिक्री के लिए कौन सा बाजार प्रसिद्ध है?
मुजफ्फरपुर की इस्लामपुर मंडी लाख की पारंपरिक लहठी और चूड़ियों की बिक्री के लिए सबसे प्रसिद्ध बाजार है।
सावन के महीने में लहठी की कीमत किस रेंज में उपलब्ध है?
बाजार में लहठी 100 रुपये से लेकर 1,000 रुपये और 2,000 रुपये तक की विभिन्न मूल्य श्रेणियों में उपलब्ध है।
क्या मुजफ्फरपुर की लहठी की मांग विदेशों में भी है?
हां, मुजफ्फरपुर की लाख की लहठी की मांग पड़ोसी देश नेपाल में भी काफी अधिक है।
सावन के दौरान मुजफ्फरपुर लहठी मार्केट में लगभग कितना कारोबार होता है?
सावन के पूरे महीने में मुजफ्फरपुर के लहठी मार्केट में लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
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