नागालैंड के दीमापुर स्थित ओरिएंटल कॉलोनी में मंगलवार को एक पड़ोसी के आवास पर बने रिंग वेल की सफाई करने उतरे दो व्यक्तियों की जान चली गई। प्राथमिक आशंका के अनुसार, दोनों लोगों की मौत कुएं के भीतर जहरीली गैस की चपेट में आने की वजह से हुई। यह घटना उस समय पेश आई जब दोनों सफाई कार्य के सिलसिले में कुएं के भीतर दाखिल हुए और अचानक अचेत होकर वहीं गिर पड़े।
बचाव अभियान और शवों की बरामदगी
घटना की जानकारी मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को दोपहर के समय सतर्क किया गया। एसडीआरएफ दल के कमांडर हवलदार येवुखु स्वू ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान 48 वर्षीय तोंगपांगकुमजुक और 26 वर्षीय पंगलोंग के रूप में की गई है।
कुएं की बनावट गहरी और संकरी होने के कारण बचाव कर्मियों को भीतर जाने और शवों को बाहर निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 2 बजे अपना राहत अभियान पूरा किया। आवश्यक पुलिस प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद दोनों शव संबंधित परिवारों को सौंप दिए गए।
ऑक्सीजन की कमी और मीथेन गैस का खतरा
इस हादसे में जान गंवाने का प्राथमिक कारण मीथेन गैस के संपर्क में आना माना जा रहा है। मामले की जानकारी देते हुए हवलदार येवुखु स्वू ने समझाया कि किसी भी रिंग वेल की गहराई बढ़ने के साथ-साथ उसके भीतर ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटने लगता है। ऐसी परिस्थितियों में गहरा और संकरा स्थान जानलेवा साबित हो जाता है, जिससे सफाई कार्य में जुटे लोग बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जहरीली गैसों का शिकार बन जाते हैं।























