नागालैंड सरकार आगामी 2 अक्टूबर से पूरे राज्य में नागरिक संपर्क अभियान 'जन मंथन' शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह विस्तृत अभियान राष्ट्रीय स्तर पर संचालित 'सुधार उत्सव 2026' का पहला चरण है, जिसकी गतिविधियां राज्य भर की ग्राम सभाओं तथा विलेज काउंसिल स्तर पर आयोजित की जाएंगी। ग्रामीण विकास विभाग को 2 अक्टूबर के इस राज्यव्यापी शुभारंभ के लिए नोडल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सबकी योजना सबका विकास के साथ जुड़ेगी पहल
प्रधान सचिव एवं विकास आयुक्त वाई. किखेतो सेमा के आधिकारिक बयान के अनुसार, जन मंथन को 'सबकी योजना सबका विकास' यानी पीपुल्स प्लान कैंपेन (पीपीसी) के साथ समन्वित करके लागू किया जाएगा। नागालैंड में ग्रामीण स्तर पर यह पूरा जनसंपर्क कार्यक्रम पीपीसी के तहत विलेज काउंसिलों के माध्यम से धरातल पर उतारा जाएगा। प्रशासनिक तंत्र इस अभियान को सीधे गांवों और स्थानीय समुदायों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहा है।
सुधार उत्सव 2026 के चार मुख्य चरण
सुधार उत्सव दरअसल एक देशव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य शासन व्यवस्था में आम नागरिकों की सीधी भागीदारी बढ़ाना है। इसके माध्यम से लोग सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, जीवन को आसान करने यानी ईज ऑफ लिविंग और व्यापार की सहूलियत यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर करने के लिए अपने व्यावहारिक सुझाव साझा कर सकते हैं। यह पूरा अभियान चार विशिष्ट चरणों में संरचित है
- जन मंथन (खोज/डिस्कवर): इसमें नागरिकों को सरकारी प्रणालियों, प्रक्रियाओं, तकनीक और सेवा वितरण तंत्र में जरूरी बदलावों के लिए सुझाव देने को प्रेरित किया जाएगा।
- विमर्श (विचार-विमर्श/डेलिबरेट): इस दूसरे चरण में विभिन्न सरकारी विभाग जनता से मिले सुझावों का गहराई से विश्लेषण और परीक्षण करेंगे।
- जन समाधान (वितरण/डिलीवर): व्यावहारिक और उपयोगी प्रस्तावों को तत्काल लागू होने वाले त्वरित कदमों के रूप में अमल में लाया जाएगा या मध्यम अवधि की सुधार योजनाओं के तौर पर विकसित किया जाएगा।
- संकल्प सिद्धि (प्रदर्शन/शोकेस): लागू किए गए सुधारों और उनके सकारात्मक परिणामों को व्यापक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
व्यक्तिगत शिकायतों की जगह व्यवस्था सुधार पर नजर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जन मंथन अभियान का प्राथमिक ध्यान किसी व्यक्ति की निजी शिकायतों के समाधान पर नहीं, बल्कि व्यापक प्रशासनिक सुधारों की पहचान करने पर केंद्रित रहेगा, जिनसे बड़े पैमाने पर आम जनता को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
नागरिकों को जागरूक करने और उनसे सार्थक फीडबैक एकत्र करने के लिए सरकारी विभाग सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सामग्री का व्यापक उपयोग करेंगे। इन माध्यमों से पहले से जारी और प्रस्तावित विभिन्न सुधारों तथा कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी। राज्य प्रशासन ने आम नागरिकों, सभी सरकारी विभागों, जिला प्रशासनों, स्थानीय निकायों तथा सामुदायिक संस्थानों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और बेहतर लोक सेवा वितरण के लिए रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया है।



















