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नागालैंड में पांच विधायकों के पाला बदलने पर नेशनल पीपुल्स पार्टी पहुंची विधानसभा अध्यक्ष के पास, अयोग्यता की मांग उठाईनागालैंड
6 अक्तू॰ 2026, 1:29 pm (30 मिनट पहले)· 0

नागालैंड में पांच विधायकों के पाला बदलने पर नेशनल पीपुल्स पार्टी पहुंची विधानसभा अध्यक्ष के पास, अयोग्यता की मांग उठाई

नागालैंड में नेशनल पीपुल्स पार्टी के सभी पांच विधायकों के नगा पीपुल्स फ्रंट में शामिल होने के बाद पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अयोग्यता याचिकाएं दाखिल की हैं।

नागालैंड के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब नेशनल पीपुल्स पार्टी ने अपने पांच बागी विधायकों को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के लिए औपचारिक कदम उठा दिया। इन पांचों विधायकों ने हाल ही में सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट का दामन थाम लिया था। इस दल-बदल के खिलाफ नेशनल पीपुल्स पार्टी ने राज्य विधानसभा के अध्यक्ष का दरवाजा खटखटाया है और दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की मांग रखी है।

सत्तारूढ़ दल में शामिल होने से बदला संख्याबल

यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम 1 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब नेशनल पीपुल्स पार्टी के पांचों विधायकों ने आधिकारिक तौर पर नगा पीपुल्स फ्रंट में जाने का फैसला किया। इस कदम के बाद 60 सदस्यीय नागालैंड विधानसभा के भीतर सत्तारूढ़ दल की कुल सदस्य संख्या बढ़कर 39 पहुंच गई है। इन बागी विधायकों के पाला बदलने से सदन का गणित काफी हद तक बदल गया है। उल्लेखनीय है कि यह घटनाक्रम नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के नगा पीपुल्स फ्रंट में विलय होने के एक साल बाद सामने आया है।

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अलग-अलग याचिकाओं के जरिए कानूनी चुनौती

नेशनल पीपुल्स पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वेवोयी विदेओ ने जानकारी दी कि पार्टी ने बागी विधायकों के खिलाफ अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं सौंपी हैं। प्रत्येक विधायक के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर आवेदन देकर संविधान के दल-बदल विरोधी नियमों के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने का अनुरोध किया गया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि वह विधानसभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद का पूरा सम्मान करती है और कानून के स्थापित नियमों के मुताबिक ही अध्यक्ष के समक्ष अपनी दलीलें पेश करेगी।

दसवीं अनुसूची के तहत विलय का दावा

विधानसभा के लिए वर्ष 2023 के आम चुनावों में नेशनल पीपुल्स पार्टी के टिकट पर चुने गए इन पांच विधायकों में ए न्यमनेई कोन्याक, नुकलुतोशी, सी किपिली संगतम, डॉ त्सेलहाउतुओ रुत्सो और बेनेई एम लामथियू शामिल हैं। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इन सभी पांचों विधायकों ने 1 अक्टूबर को आधिकारिक सूचना पेश करते हुए यह दावा किया था कि उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के अंतर्गत नगा पीपुल्स फ्रंट के साथ अपनी पार्टी की विधायी इकाई का विलय कर लिया है।

विधानसभा अध्यक्ष के पाले में फैसला

नेशनल पीपुल्स पार्टी द्वारा अयोग्यता याचिकाएं औपचारिक रूप से दायर करने के बाद अब पूरी स्थिति पर फैसला विधानसभा अध्यक्ष को करना है। भारतीय संविधान के दल-बदल विरोधी कानून के तहत विधायकों की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने, कानूनी पहलुओं की पड़ताल करने और अंतिम फैसला सुनाने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष के पास सुरक्षित है।

सवाल-जवाब

नेशनल पीपुल्स पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से क्या मांग की है?
पार्टी ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत अपने पांच बागी विधायकों को विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।
किन पांच विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर की गई हैं?
याचिकाएं ए न्यमनेई कोन्याक, नुकलुतोशी, सी किपिली संगतम, डॉ त्सेलहाउतुओ रुत्सो और बेनेई एम लामथियू के खिलाफ दायर की गई हैं।
विधायकों ने किस दल का दामन थामा है और कब?
इन पांचों विधायकों ने 1 अक्टूबर को सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट का दामन थामा।
इस दल-बदल के बाद नगा पीपुल्स फ्रंट की विधानसभा में क्या स्थिति हो गई है?
60 सदस्यीय नागालैंड विधानसभा में सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट के सदस्यों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है।
विधायकों ने अपने बचाव में क्या दावा पेश किया है?
विधायकों ने 1 अक्टूबर को दावा किया था कि उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत नगा पीपुल्स फ्रंट में विलय किया है।
इस मामले पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार किसके पास है?
दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई और निर्णय लेने का अधिकार नागालैंड विधानसभा अध्यक्ष के पास है।
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