नागालैंड के कोहिमा जिले के अंतर्गत आने वाले सेइयामा गांव में नागा किंग चिली की खेती अब ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत और भरोसेमंद जरिया बनती जा रही है। इस तीखी और खास मिर्च को राजा मिर्च के नाम से भी जाना जाता है और इस साल स्थानीय किसानों ने इससे बंपर आमदनी की उम्मीद जताई है। हाल ही में आयोजित चौथे ऑर्गेनिक नागा किंग चिली फेस्टिवल के दौरान सामने आए आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में कुल 3,200 टिन पैदावार होने का अनुमान है जिससे ताजी मिर्च की बिक्री से ही 30 से 32 लाख रुपये तक का राजस्व मिलने की संभावना है।
खेती से जुड़े आंकड़े और ग्रामीण सहभागिता
उत्सव के दौरान पेश की गई 2026 की कृषि रिपोर्ट के अनुसार सेइयामा गांव में कुल 482 परिवार निवास करते हैं जिनमें से लगभग 180 परिवार प्रत्यक्ष रूप से नागा किंग चिली की खेती से अपनी आजीविका चला रहे हैं। फसल कटाई का सीजन अभी जारी है और किसान अब तक लगभग 1,700 टिन मिर्च बाजार में ला चुके हैं। इसके अलावा बाकी बचे कटाई के समय में लगभग 1,500 और टिन मिलने की पूरी उम्मीद है जिससे कुल अनुमानित वार्षिक पैदावार 3,200 टिन के आंकड़े को छू जाएगी। इस पारंपरिक खेती ने गांव के भीतर छोटे पैमाने पर मूल्यवर्धन यानी वैल्यू एडिशन को भी बढ़ावा दिया है जिसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया संबल मिल रहा है।
मूल्यवर्धन और स्वयं सहायता समूहों का योगदान
इस कृषि उत्पादन के बल पर गांव की महिलाएं और स्वयं सहायता समूह अचार तथा अन्य मिर्च आधारित उत्पाद तैयार करने में जुटे हुए हैं। इन छोटे उद्योगों और उत्पादों की बदौलत स्व-सहायता समूहों को इस साल 1 से 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है। इस शानदार पैदावार के पीछे मौसम की अनुकूल परिस्थितियों को मुख्य कारण माना जा रहा है। केविनिज़ो ज़ुमु ने इस सफलता के पीछे किसानों की कड़ी मेहनत और मौसम के साथ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा खेती के सीजन में किसानों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है जिससे कुल उत्पादन में यह उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
त्योहार का बढ़ता दायरा और सामाजिक प्रभाव
इस कृषि उत्सव ने फसल के आर्थिक फायदों के साथ-साथ इसके सामाजिक और व्यापक प्रभावों पर भी सबका ध्यान आकर्षित किया है। कोहिमा के पेरासिजिये बैपटिस्ट चर्च के पादरी और सेइयामा के मूल निवासी रेवरेंड केविचालिए मेथा ने इस बात पर जोर दिया कि इस महोत्सव की बढ़ती लोकप्रियता ने गांव और उसकी अनूठी उपज को एक बड़ा मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि राजा मिर्च से मिलने वाली आय ने कई परिवारों को अपनी आजीविका चलाने और वित्तीय स्थिति को सुधारने में काफी मदद की है। उन्होंने ग्रामीणों से इस कृषि क्षेत्र से जुड़ने की अपील की और किसानों, समुदाय तथा अन्य हितधारकों के बीच आपसी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार गांव के लोगों की सामूहिक प्रतिबद्धता और निरंतर परिश्रम से ही दीर्घकालिक कृषि और आर्थिक प्रगति संभव हो पाएगी।
चौथे ऑर्गेनिक नागा किंग चिली फेस्टिवल की शुरुआत साल 2022 में की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य सेइयामा और उसकी स्थानीय राजा मिर्च को क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर पहचान दिलाना था। आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष और संयोजक ल्हौलालिए ज़ुमु के अनुसार पहले इस क्षेत्र को बाहर बहुत सीमित पहचान मिलती थी लेकिन इस वार्षिक आयोजन ने गांव, उसकी मिर्च और किसानों के प्रयासों को एक नई पहचान दी है। ज़ुमु ने नागालैंड के बागवानी विभाग, उत्तर पूर्वी परिषद और अन्य संबंधित पक्षों से मिले समर्थन के लिए आभार जताया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस फसल की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए अभी बेहतर संस्थागत सहायता, कृषि लिंकेज और बेहतर विपणन सुविधाओं की आवश्यकता है।
परिवहन और विपणन की चुनौतियां
पहाड़ी भूभाग होने के कारण परिवहन आज भी स्थानीय किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बेहतर बाजार तक पहुंच न होने से उत्पादकों को बड़े बाजारों से जुड़ने और अपने कारोबार का विस्तार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि सरकारी एजेंसियों और किसानों के बीच बेहतर तालमेल से यातायात और मार्केटिंग के अवसरों में सुधार होगा। इससे नागा किंग चिली की खेती ग्रामीण उद्यम और टिकाऊ आय के एक बड़े स्रोत के रूप में और अधिक विकसित हो सकेगी। यह महोत्सव एक ऐसा मंच साबित हुआ है जहां ग्रामीण, किसान और तमाम हितधारक एकत्र होकर राजा मिर्च के उस उभरते हुए आर्थिक महत्व का जश्न मनाते हैं जो अब इस क्षेत्र की पहचान बन चुका है।


















