उत्तराखंड के मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो चुका है, जहां आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ने वाला है। मौसम विभाग की ओर से दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, आने वाली 28 अक्टूबर तक राज्य के सभी जिलों में आसमान बिल्कुल साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी घाटियों तक तेज धूप खिली रहेगी, जिससे दिन के समय हल्की राहत जरूर महसूस होगी, लेकिन सुबह और शाम के वक्त तापमान में गिरावट के साथ ठंड का अहसास बढ़ने लगा है।
राज्य में मौसम का यह साफ मिजाज ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका सीधा असर पर्वतीय क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। इस सक्रियता के चलते 29 से 31 अक्टूबर के बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। खासकर 3300 से 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले शिखरों पर बर्फ की सफेद परत जमने से पारे में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
कुमाऊं और गढ़वाल के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, जहां कई जगहों पर बारिश और हिमपात दर्ज किया जाएगा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 29 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा और चम्पावत में हल्की वर्षा के साथ 3500 मीटर से ऊपर बर्फबारी होने के आसार हैं। कुमाऊं मंडल के जनपदों में 3300 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। इसके बाद 30 अक्टूबर को गढ़वाल के पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और 3300 मीटर से ऊपर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि बाकी इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
दूसरी तरफ देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में 28 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि रात के तापमान में कमी आने से ठिठुरन लगातार बढ़ेगी। नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर शाम होते ही सर्द हवाएं चलने लगी हैं। इसके अलावा 31 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और नैनीताल के ऊंचे पहाड़ी हिस्सों में हल्की बारिश और हिमपात होने की पूरी संभावना जताई गई है।
पहाड़ों पर हो रहे मौसम के इस बदलाव का असर धामों में भी साफ नजर आने लगा है। यमुनोत्री धाम और इसके आसपास की ऊंची चोटियों पर हुई पिछली बर्फबारी के कारण इलाके में ठंड काफी बढ़ गई है। पर्वतीय शिखरों के बीच गिरते बर्फ के फाहों ने पूरे यमुनोत्री क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे वहां पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को बेहद मनमोहक और अलौकिक दृश्य देखने को मिल रहे हैं।



















