उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में शादी के दिन ऐन वक्त पर सामने आए एक धमकी भरे फोन कॉल ने विवाह की तमाम खुशियों को दहशत में बदल दिया। जिस घर में बारात रवानगी की आखिरी रस्में चल रही थीं और संगीत की धुन पर परिजन नाच-गा रहे थे, वहां अचानक आए एक अनजान कॉल के बाद सन्नाटा पसर गया। फोन करने वाले ने दूल्हे को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि वह बारात लेकर गांव की तरफ बढ़ा, तो रास्ते में ही उसे गोलियों से भून दिया जाएगा। इस अप्रत्याशित धमकी से दूल्हे और उसके परिजनों के होश उड़ गए और दूल्हे ने अपनी जान के खतरे को देखते हुए बारात ले जाने से साफ इनकार कर दिया।
शादी की चौखट पर अनजान नंबर से आई खौफनाक कॉल
पीड़ित दूल्हा धनौरा थाना इलाके का निवासी है और वह दिल्ली स्थित एक निजी बैंक में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नौकरी करता है। उसके पिता पूर्व में ग्राम प्रधान रह चुके हैं। दूल्हे का विवाह क्षेत्र के ही हैबतपुर चौधरियान गांव में रहने वाली एक युवती से तय हुआ था, जिनके पिता इलाके के एक प्रतिष्ठित शिक्षक हैं। शादी के सभी इंतजाम पूरे हो चुके थे और रिश्तेदार बारात के साथ जाने की तैयारी में जुटे थे। तभी दूल्हे के मोबाइल की घंटी बजी और कॉल उठाते ही दूसरी तरफ से बोलने वाले ने अपना नाम अर्शद मलिक बताया। उसने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि वह उस लड़की से प्रेम करता है जिससे दूल्हे का विवाह होने जा रहा है, और यदि वह बारात लेकर आया तो उसे रास्ते में ही गोली मार दी जाएगी। इस सीधी धमकी के बाद दूल्हे का पूरा परिवार सकते में आ गया और बारात रोककर सीधे पुलिस थाने पहुंचा।
थाने में घंटों चली पंचायत और दुल्हन पक्ष की गुहार
मामले की भनक लगते ही दुल्हन पक्ष के परिजन भी बदहवास हालत में थाने पहुंच गए और उन्होंने दूल्हे तथा उसके परिजनों को समझाने की भरसक कोशिश की। वधू पक्ष के लोगों ने पुलिस के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्होंने अपनी क्षमता और हैसियत से कहीं बढ़कर इस वैवाहिक आयोजन पर धन खर्च किया है। उनका कहना था कि उन्होंने दूल्हे के परिवार को कार और महंगे फर्नीचर सहित कई कीमती उपहार दिए हैं। यदि यह शादी टूटी तो समाज में उनका नाम खराब हो जाएगा और परिवार की भारी बदनामी होगी। दूसरी ओर युवती ने इस पूरे विवाद पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि धमकी देने वाला आरोपी युवक उसी के गांव का रहने वाला है और लंबे समय से बिना किसी कारण के उसके पीछे पड़ा है। युवती का कहना था कि उस युवक से उसका कोई निजी संबंध या वास्ता नहीं है। हालांकि थाने में कई घंटों तक दोनों पक्षों की लंबी पंचायत और बातचीत चलती रही, लेकिन खौफजदा दूल्हे ने बारात ले जाने की हामी नहीं भरी और अंत में वह अपनी दुल्हन लिए बिना ही अपने घर लौट गया।
आरोपी हिरासत में, सीडीआर खंगालने में जुटी पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस फौरन हरकत में आ गई और पुलिस टीम ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा उससे गहन पूछताछ की जा रही है। थाने में दोनों पक्षों के बीच हुई सहमति और पंचायत के आधार पर पुलिस अब आरोपी युवक तथा दुल्हन दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाने की प्रक्रिया में जुट गई है। पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि क्या वास्तव में आरोपी और युवती के बीच पहले से कोई संपर्क या बातचीत थी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल पूरी होने के बाद ही दोनों परिवार स्थिति की समीक्षा करेंगे और आगे शादी की नई तारीख तय करने पर अंतिम निर्णय लेंगे।
















