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बहराइच में 60 वर्षीय रफीक अहमद बाबा ने 40 साल की जुलेखा संग रचाया निकाह, ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली बारातउत्तर प्रदेश
30 अक्तू॰ 2026, 10:10 pm (3 मिनट पहले)· 0

बहराइच में 60 वर्षीय रफीक अहमद बाबा ने 40 साल की जुलेखा संग रचाया निकाह, ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली बारात

उत्तर प्रदेश के बहराइच में 60 वर्षीय रफीक अहमद बाबा ने अपनी पहली पत्नी के निधन के करीब 14 महीने बाद 40 साल की जुलेखा से दूसरा निकाह कर जीवन की नई शुरुआत की है।

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक अनोखे रिश्ते और नई शुरुआत की तस्वीर सामने आई है, जहाँ जीवन के छठे दशक में एक बुजुर्ग ने दोबारा गृहस्थ जीवन बसाया है। बहराइच के मोहल्ला बड़ीहाट, मकबरा चौराहा के निवासी 60 वर्षीय रफीक अहमद बाबा ने 40 साल की जुलेखा के साथ निकाह कर अपने जीवन का नया सफर शुरू किया है। इस विवाह को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग इस फैसले पर अपनी खुशी जता रहे हैं।

पहली पत्नी के इंतकाल के बाद महसूस हुई हमसफर की जरूरत

रफीक अहमद बाबा की पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखें तो उनकी पहली पत्नी का लगभग 14 महीने पहले इंतकाल हो गया था। पहली पत्नी से उनके तीन बच्चे हैं। ये तीनों बच्चे बालिग हैं, उनकी शादियां हो चुकी हैं और वे अपने-अपने परिवारों के साथ पूरी तरह व्यवस्थित होकर खुशहाल जिंदगी गुजार रहे हैं। बच्चों के अपनी दुनिया में व्यस्त हो जाने और जीवनसंगिनी के चले जाने के बाद रफीक अहमद घर में अकेले पड़ गए थे। ढलती उम्र के इस दौर में उन्हें दैनिक जीवन और मानसिक संबल के लिए एक जीवनसाथी तथा सहारे की आवश्यकता शिद्दत से महसूस हुई। इसी जरूरत को समझते हुए उन्होंने समाज की परवाह किए बिना दूसरी शादी करने का कदम उठाया।

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शेखदहीर गांव में धूमधाम से हुआ निकाह समारोह

इस रिश्ते को औपचारिक रूप देने और निकाह को यादगार बनाने के लिए 60 साल के दूल्हे रफीक अहमद बाबा पूरी तैयारी और जोश के साथ बारात लेकर निकले। बारात बहराइच के ग्राम शेखदहीर पहुँची, जहाँ 40 वर्षीय जुलेखा के साथ उनका निकाह पूरी रस्मों के साथ संपन्न कराया गया। विवाह समारोह के दौरान जश्न का पूरा माहौल नजर आया, जिसमें ढोल-नगाड़ों की थाप गूंजती रही और जोरदार आतिशबाजी भी की गई। इस मांगलिक अवसर पर दोनों पक्षों के परिवार के सदस्य, नजदीकी रिश्तेदार और परिचित लोग शरीक हुए और दोनों को शुभकामनाएं दीं।

उम्र के बंधन से परे साथ निभाने का संदेश

साठ साल के दूल्हे और चालीस साल की दुल्हन के इस निकाह का प्रसंग अब आसपास के तमाम क्षेत्रों में बातचीत का केंद्र बना हुआ है। जहां कई लोग इसे बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा अकेलेपन को दूर करने की एक सकारात्मक शुरुआत मान रहे हैं, वहीं अन्य लोग भी मुस्कुराते हुए इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। इस निकाह ने यह साफ कर दिया है कि एक साथी की चाहत और सुख-दुख साझा करने की आवश्यकता किसी उम्र सीमा में कैद नहीं होती। इंसान को हर मोड़ पर अपनत्व और सहारे की दरकार होती है, और साथ निभाने का जज्बा उम्र की बंदिशों से पूरी तरह आजाद रहता है।

सवाल-जवाब

निकाह करने वाले दूल्हे और दुल्हन का नाम क्या है?
दूल्हे का नाम 60 वर्षीय रफीक अहमद बाबा है और दुल्हन का नाम 40 वर्षीय जुलेखा है।
रफीक अहमद बाबा कहाँ के रहने वाले हैं?
वह उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित मोहल्ला बड़ीहाट, मकबरा चौराहा के निवासी हैं।
निकाह समारोह किस स्थान पर आयोजित किया गया था?
रफीक अहमद बाबा बारात लेकर बहराइच के ग्राम शेखदहीर पहुंचे थे, जहाँ निकाह की रस्में पूरी की गईं।
रफीक अहमद बाबा ने 60 साल की उम्र में दूसरी शादी का फैसला क्यों लिया?
उनकी पहली पत्नी का 14 महीने पहले इंतकाल हो गया था और तीनों विवाहित बच्चों के अलग व्यस्त रहने के कारण उन्हें जीवन में सहारे और हमसफर की जरूरत थी।
क्या निकाह समारोह में परिवार के लोग शामिल हुए थे?
हाँ, विवाह में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए तथा ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ शादी का जश्न मनाया गया।
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