आंध्र प्रदेश के 92 शहरी स्थानीय निकायों में रविवार को जनमत संग्रह का कार्य संपन्न हो गया. राज्य भर में छिटपुट मामलों को छोड़कर समूची चुनावी प्रक्रिया व्यवस्थित रही. तेरह नगर निगमों समेत 79 नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में सुबह सात बजे से वोट डाले जाने लगे थे. शाम पांच बजते ही मतदान केंद्रों के मुख्य द्वार सामान्य प्रवेश के लिए बंद कर दिए गए, हालांकि उस समय तक कतारबद्ध सभी नागरिकों को अपने मताधिकार के इस्तेमाल की छूट दी गई. दोपहर तीन बजे तक के संकलित आंकड़ों में 48.03 फीसदी मतदाताओं की भागीदारी दर्ज की गई थी.
चुनावी प्रक्रिया और मतपेटियों की सुरक्षा व्यवस्था
मतदान समाप्ति के उपरांत पोलिंग दलों ने समस्त मतपेटियों तथा प्रयुक्त चुनावी सामग्री को सुरक्षित संकलन केंद्रों तक पहुंचाने की कवायद शुरू की. प्रत्येक केंद्र से आने वाले वास्तविक आंकड़ों के मिलान के पश्चात ही समग्र मतदान अनुपात की अंतिम गणना की जा सकेगी. चुनाव प्राधिकारियों के अनुसार, सभी केंद्रों से प्राप्त पूर्ण जानकारियों के सत्यापन के बाद सोमवार तक आधिकारिक मतदान प्रतिशत सार्वजनिक कर दिया जाएगा. राज्य के 11,378 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कुल 99.35 लाख नागरिक पंजीकृत थे.
मेयर, निकाय अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों की विभिन्न श्रेणियों के 10,262 प्रत्याशियों का चुनावी भविष्य मतपेटियों में बंद हो चुका है. इन सभी सीटों के मतों की गिनती 3 नवंबर को तय की गई है, जिसके साथ ही परिणाम घोषित किए जाएंगे. उल्लेखनीय है कि 17 नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आम सहमति से चुन लिए गए थे. इसके अलावा आठ ऐसे निकाय रहे जहां अध्यक्ष एवं वार्ड सदस्यों, दोनों का चयन बिना किसी मुकाबले के निर्विरोध हुआ.
मैदान में उतरे प्रत्याशियों और सीटों का संपूर्ण विवरण
शहरी सरकार की इस दौड़ में 13 नगर निगमों के अंतर्गत महापौर की कुर्सी के लिए 153 दावेदार अपनी किस्मत आजमा रहे थे. वहीं 70 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद हेतु 367 प्रत्याशी जोर आजमाइश कर रहे थे. निगम क्षेत्रों के कुल 922 कॉर्पोरेटर वार्डों में से 118 वार्डों में प्रतिनिधियों का चयन पहले ही सर्वसम्मति से निर्विरोध हो चुका था, जिसके चलते शेष 804 वार्डों में मत डाले गए. इन 804 वार्डों में कुल 3,077 उम्मीदवार मैदान में डटे रहे. दूसरी ओर, नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के 2,382 वार्डों के प्रतिनिधित्व के लिए 6,669 प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला देखने को मिला.
प्रशासनिक सतर्कता और विभिन्न जिलों की स्थिति
आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने निष्पक्ष और बाधा रहित चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस उपमहानिरीक्षकों तथा चुनाव पर्यवेक्षकों के संग व्यापक समीक्षा की. विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की ओर से व्यवस्था संबंधी शिकायतें और ज्ञापन आयोग को मिले थे. इन सभी मामलों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को उचित छानबीन कर विधि सम्मत कदम उठाने के निर्देश दिए गए.
चुनाव आयुक्त ने कडप्पा, पलनाडु, नंदीयाल, प्रकाशम, नेल्लोर, मरकापुरम, तिरुपति, चित्तूर, कुरनूल, अनंतपुर, अन्नमय्या एवं श्री सत्य साईं जिलों के प्रशासनिक प्रमुखों के साथ लगभग 45 मिनट तक संवाद किया. इस बैठक में वोटिंग की गति, कानून-व्यवस्था और प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा की गई. जिलों के प्रभारियों ने अवगत कराया कि बहुतायत क्षेत्रों में व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही और केवल सीमित स्थानों से ही हल्की-फुल्की शिकायतें आईं, जबकि कई जिले पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे.
मतदान अवधि में विस्तार और दर्ज कानूनी मामले
विजयवाड़ा नगर निगम के वार्ड संख्या 55 में तकनीकी अड़चनों एवं अन्य वजहों से मतदान का काम करीब ढाई घंटे देरी से शुरू हो पाया था. मतदाताओं को पर्याप्त समय मुहैया कराने के मकसद से आयोग ने जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस वार्ड में मतदान का समय शाम 5 बजे से बढ़ाकर शाम 7:30 बजे तक कर दिया.
पलनाडु तथा अनंतपुर के कलेक्टरों ने स्थानीय स्तर पर घटी कुछ अप्रिय घटनाओं की जानकारी आयोग को दी है. चुनाव आयोग के अनुसार, पीठासीन अधिकारियों की औपचारिक रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के उपरांत नियमानुसार आगामी निर्णय लिया जाएगा. आईजी राजा कुमारी के अनुसार, चुनाव दिवस पर करीब 40 घटनाएं प्रकाश में आईं और इस संबंध में 275 प्राथमिकी दर्ज की गईं. पुलिस उपद्रवी तत्वों की शिनाख्त कर विधिक कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है.





















