पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया यादजीनियस एक्ट के तहत स्टेबलकॉइन के सख्त नियमों पर फेडरल रिजर्व ने मांगी जनता से रायदैनिक राशिफल 25 सितंबर 2026: कुंभ में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग, जानें सभी 12 राशियों का हाल
अंबिकापुर में दो दशकों से धूम मचा रहा अजीत का देसी जायका, लकड़ी के चूल्हे पर बनते हैं आलू चाप और बड़ाछत्तीसगढ़
15 सित॰ 2026, 9:27 am (10 दिन पहले)· 0

अंबिकापुर में दो दशकों से धूम मचा रहा अजीत का देसी जायका, लकड़ी के चूल्हे पर बनते हैं आलू चाप और बड़ा

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पिछले 22 साल से चल रही अजीत कुमार तिग्गा की छोटी सी दुकान अपने पारंपरिक स्वाद के लिए मशहूर है। यहां आज भी लकड़ी के चूल्हे पर आलू चाप और उड़द दाल का बड़ा तैयार किया जाता है।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के नवापारा इलाके में एक ऐसा पारंपरिक देसी ठिकाना मौजूद है, जहां के आलू चाप और उड़द दाल के बड़े का स्वाद शहर भर में बेहद लोकप्रिय है। इस छोटी सी दुकान पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग नाश्ता करने पहुंचते हैं और यह जगह यहां के स्थानीय निवासियों की पहली पसंद बनी हुई है। इस प्रतिष्ठान की शुरुआत साल 2004 में अजीत कुमार तिग्गा द्वारा नवापारा चौक के नजदीक एक छोटे से होटल के रूप में की गई थी। स्थानीय लोग इस जगह को मुख्य रूप से अजीत होटल के नाम से ही पहचानते हैं। यह कोई आलीशान या बड़ा रेस्टोरेंट नहीं है, बल्कि एक ऐसा पारंपरिक और साधारण स्नैक्स कॉर्नर है जहां आज भी पुराने तरीकों से ही खाने-पीने की चीजें तैयार की जाती हैं।

रोजाना आते हैं दर्जनों ग्राहक

दुकान के संचालक अजीत कुमार तिग्गा के मुताबिक, उनके इस होटल में हर दिन लगभग 100 से 150 ग्राहक नाश्ते का आनंद लेने आते हैं। इनमें से कई लोग ऐसे हैं जो नियमित रूप से यहां आते हैं और उनके हाथ के बने जायके को बेहद पसंद करते हैं। इस छोटे से व्यवसाय से होने वाली कमाई इतनी हो जाती है कि उनके परिवार का भरण-पोषण बहुत अच्छी तरह से चल जाता है और किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

ये भी पढ़ें

पारंपरिक विधि से तैयार होता है नाश्ता

इस होटल के मेनू में मुख्य रूप से उड़द दाल के बड़े और आलू चाप को ही शामिल किया गया है। अजीत कुमार तिग्गा बताते हैं कि बड़ा बनाने के लिए सबसे पहले शुद्ध उड़द दाल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें बारीक कटे हुए प्याज, हरी मिर्च, अदरक और लहसुन जैसे मसाले मिलाए जाते हैं ताकि इसका स्वाद बेहतरीन बन सके। दूसरी ओर, आलू चाप तैयार करने के लिए सबसे पहले आलू को उबाला जाता है और फिर उन्हें छीलकर विशेष मसाले मिलाए जाते हैं। इसके बाद इस मिश्रण को बेसन की परत में लपेटकर कड़ाही में तला जाता है, जिससे यह क्रिस्पी और स्वादिष्ट बनता है।

लकड़ी के चूल्हे का जादू और खास चटनी

अजीत के इस होटल की एक और सबसे बड़ी खासियत यहां पर परोसी जाने वाली टमाटर की चटनी है, जो साल के बारह महीने यानी हर मौसम में ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाती है। गरमा-गरम बड़ा और आलू चाप के साथ इस अनोखी चटनी का मेल खाने वालों को बहुत भाता है। आज के इस आधुनिक दौर में जहां हर जगह गैस चूल्हे और इंडक्शन का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं अजीत आज भी पूरी तरह से पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे पर ही सारा नाश्ता तैयार करते हैं। लकड़ी की धीमी आंच पर पकने के कारण इन व्यंजनों का स्वाद और भी अधिक बढ़ जाता है, जो ग्राहकों को बार-बार यहां खींच लाता है।

सवाल-जवाब

अजीत होटल कहां स्थित है?
यह होटल छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के नवापारा इलाके में स्थित है।
इस दुकान की शुरुआत कब हुई थी?
इस छोटे से होटल की शुरुआत साल 2004 में हुई थी।
रोजाना कितने ग्राहक यहां नाश्ता करने आते हैं?
इस दुकान पर रोजाना लगभग 100 से 150 ग्राहक नाश्ता करने आते हैं।
होटल में मुख्य रूप से क्या बनाया जाता है?
यहां मुख्य रूप से उड़द दाल के बड़े और आलू चाप बनाए जाते हैं।
नाश्ता किस पर पकाया जाता है?
आधुनिक गैस चूल्हों के दौर में भी यहां सारा नाश्ता पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp