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आरा के सरकारी दफ्तर में अचानक घुसा जहरीला कोबरा, स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान ने पाया काबूबिहार
26 अग॰ 2026, 11:38 pm (29 दिन पहले)· 1

आरा के सरकारी दफ्तर में अचानक घुसा जहरीला कोबरा, स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान ने पाया काबू

बिहार के आरा समाहरणालय में जहरीला कोबरा सांप घुसने से हड़कंप मच गया। स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान ने कड़ी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

बिहार के भोजपुर जिले स्थित आरा समाहरणालय परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सामान्य प्रशाखा कार्यालय के समीप अचानक एक खतरनाक और विषैला कोबरा सांप निकल आया। जिस समय यह घटना घटी, उस दौरान कार्यालय के दर्जनों कर्मचारी और वरिष्ठ अधिकारी रोजाना की तरह फाइलों से जुड़े शासकीय कार्यों में पूरी तरह व्यस्त थे। अचानक सामने मौजूद कोबरा पर नजर पड़ते ही वहां हड़कंप मच गया और कर्मचारी अपनी जान बचाने की नीयत से तुरंत वहां से बाहर की ओर भागने लगे।

समाहरणालय परिसर में दहशत और अनहोनी का डर

विषैला सांप देखने के बाद दफ्तर परिसर में काम कर रहे लोगों के बीच भारी डर फैल गया। कर्मचारियों को यह आशंका सता रही थी कि अगर कोबरा किसी बंद कमरे, पुरानी फाइलों या कमरों में रखे सामान के बीच छिप गया, तो उसे तलाशना और पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में किसी भी कर्मचारी या आगंतुक के साथ कोई बड़ी अनहोनी घटना घटने का जोखिम बना हुआ था। इस वजह से कार्यालय के भीतर कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया और लोग दूर से ही सांप की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।

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स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासनिक अमले ने तत्काल स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मोहज्ज्ब खान बिना किसी देरी के समाहरणालय परिसर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सांप के अत्यधिक जहरीला होने के कारण रेस्क्यू के दौरान अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी बरती गई। मोहज्ज्ब खान ने अपनी सूझबूझ और काफी मशक्कत के बाद आखिरकार कोबरा को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया।

सांप पकड़े जाने के बाद राहत की सांस और व्यवस्था पर उठे सवाल

कोबरा के सफलतापूर्वक रेस्क्यू होने के तुरंत बाद समाहरणालय परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की गहरी सांस ली। कुछ समय पहले तक जहां पूरे परिसर में भगदड़ और चीख-पुकार का वातावरण बना हुआ था, वहां सांप के पकड़े जाने के बाद धीरे-धीरे स्थिति पूरी तरह सामान्य हो सकी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने बारिश के मौसम में सरकारी दफ्तरों और उनके आसपास झाड़ियों के फैलाव के बीच जहरीले सांपों के प्रवेश की समस्या पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सवाल-जवाब

आरा में सांप निकलने की घटना किस जगह हुई?
यह घटना बिहार के भोजपुर जिले स्थित आरा समाहरणालय परिसर में सामान्य प्रशाखा कार्यालय के पास हुई।
समाहरणालय में कौन सा सांप देखा गया था?
कार्यालय परिसर में अत्यधिक विषैला कोबरा सांप देखा गया था।
कोबरा का रेस्क्यू किसने किया?
सांप का रेस्क्यू स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान ने विशेष सावधानी बरतते हुए किया।
सांप दिखने पर कर्मचारियों की क्या प्रतिक्रिया थी?
कोबरा को देखते ही अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागने लगे।
सांप के पकड़े जाने के बाद परिसर की स्थिति कैसी रही?
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली और दफ्तर की स्थिति सामान्य हो गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·29 दिन पहले

यह घटना सिर्फ एक प्रशासनिक परिसर में डर का माहौल नहीं बनाती, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मानसून के मौसम में सर्पदंश के मामलों में अचानक वृद्धि देखी जाती है, जिससे निपटने के लिए सरकारी कार्यालयों में भी प्राथमिक चिकित्सा और एंटीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·29 दिन पहले

बिहार के प्रशासनिक परिसरों में इस तरह की घटनाएं केवल एक तात्कालिक खतरा नहीं, बल्कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों का गंभीर आर्थिक और प्रशासनिक परीक्षण हैं। सरकारी कार्यालयों में अभिलेख कक्षों और परिसरों की सुरक्षा, स्वच्छता और कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) पर होने वाला बजट आवंटन अक्सर उपेक्षित रहता है। ऐसी घटनाएं प्रशासनिक परिसरों में जोखिम न्यूनीकरण (रिस्क मिटिगेशन) के लिए स्थायी प्रोटोकॉल बनाने और कार्यस्थलों की सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं, ताकि सरकारी कामकाज बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·29 दिन पहले

यह घटना प्रशासनिक परिसरों में सुरक्षा ऑडिट की कमी को उजागर करती है। मानसून के दौरान रिकॉर्ड रूम और दफ्तरों में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन को नियमित पेस्ट कंट्रोल और विशेष आपदा प्रोटोकॉल लागू करने चाहिए, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·29 दिन पहले

आरा समाहरणालय जैसी संवेदनशील प्रशासनिक जगह पर विषैले कोबरा का निकलना और कामकाज का ठप होना सीधे तौर पर कार्यस्थल की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मानसून के दौरान सरकारी परिसरों में घास-फूस की सफाई और कीट नियंत्रण जैसे निवारक उपायों की भारी कमी साफ दिखाई देती है। यदि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है, तो जिला प्रशासन को सभी दफ्तरों में नियमित ऑडिट और सुरक्षा कर्मचारियों के लिए विशेष आपातकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य करना होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

यह घटना सिर्फ एक वन्यजीव के भटकने का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी परिसरों के रख-रखाव में बरती जाने वाली लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जब प्रशासनिक भवनों के भीतर कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हों, तो यह शासन तंत्र की प्राथमिक व्यवस्थाओं पर बड़ा आक्षेप है। यदि समय रहते जिला मुख्यालयों और तहसील स्तर के दफ्तरों में सघन स्वच्छता अभियान और कीट नियंत्रण के कड़े निर्देश लागू नहीं किए गए, तो यह प्रशासनिक उदासीनता किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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