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असम के गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट की तितलियों पर नई ब्रोशर लॉन्चअसम
17 सित॰ 2026, 8:06 pm (13 दिन पहले)· 2

असम के गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट की तितलियों पर नई ब्रोशर लॉन्च

असम के गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट में पाई जाने वाली 125 तितली प्रजातियों को शामिल करते हुए एक नई चित्रात्मक ब्रोशर जारी की गई है।

गुवाहाटी में असम के गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट की समृद्ध जैव विविधता को प्रदर्शित करने वाली एक नई चित्रात्मक ब्रोशर को गुरुवार को सार्वजनिक किया गया। इस ब्रोशर में इस क्षेत्र में पाई जाने वाली कुल 125 तितली प्रजातियों को दस्तावेज़ित किया गया है, जो इस जंगल के एक महत्वपूर्ण हॉटस्पॉट होने की पुष्टि करता है।

इस ब्रोशर का संयुक्त प्रकाशन अरण्यक और कामरूप ईस्ट फॉरेस्ट डिवीजन द्वारा किया गया है। इसे गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट के लोखोरा कोना में असम के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ द्वारा लॉन्च किया गया। इस विमोचन कार्यक्रम में गुवाहाटी के मेयर मृगेन सरनिया के साथ-साथ असम वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

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तितली प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी दस्तावेज

हाल के वर्षों में गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट से जुटाई गई जानकारियों के आधार पर इस ब्रोशर में 125 तितली प्रजातियों को शामिल किया गया है। यह दस्तावेज प्रकृति प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संरक्षण कार्यकर्ताओं और इस जंगल में आने वाले पर्यटकों के लिए एक सुलभ मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगा।

प्रकाशकों के अनुसार, इस संसाधन का मुख्य उद्देश्य गर्भांग की विविध तितली संपदा के प्रति लोगों में जागरूकता और रुचि पैदा करना है, जिससे प्राकृतिक धरोहर के साथ जुड़ाव और अधिक मजबूत हो सके। गुवाहाटी के दक्षिणी छोर पर स्थित गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए विशेष पहचान रखता है।

व्यापक पारिस्थितिक महत्व और शोध दल

इस क्षेत्र में अब तक 270 से अधिक तितली प्रजातियों दर्ज की जा चुकी हैं, जो इसके असाधारण पारिस्थितिक महत्व और विविध प्रजातियों के आश्रय स्थल होने को रेखांकित करती हैं। इस ब्रोशर को अरण्यक के एक समर्पित दल ने तैयार किया है, जिसमें नयनज्योति मोरन, डॉ. प्रांजल कुमार दास, रुमाना माहीन और उदयन बोरठाकुर शामिल हैं। इस तरह की वैज्ञानिक जानकारियों के प्रसार से आम जनता में वन के पारिस्थितिक मूल्य के प्रति समझ बढ़ेगी और संरक्षण अभियानों को मजबूती मिलेगी।

सवाल-जवाब

गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट कहाँ स्थित है?
गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट असम के गुवाहाटी के दक्षिणी छोर पर स्थित है।
नई ब्रोशर में कितनी तितली प्रजातियों को शामिल किया गया है?
इस नई ब्रोशर में 125 तितली प्रजातियों को दस्तावेज़ित किया गया है।
इस ब्रोशर को किसने जारी किया है?
इसे असम के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने जारी किया।
इस ब्रोशर का प्रकाशन किसने किया है?
इसे अरण्यक और कामरूप ईस्ट फॉरेस्ट डिवीजन द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित किया गया है।
इस क्षेत्र में कुल कितनी तितली प्रजातियाँ दर्ज की जा चुकी हैं?
गर्भांग क्षेत्र में अब तक 270 से अधिक तितली प्रजातियाँ दर्ज की जा चुकी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·13 दिन पहले

अंक ज्योतिष और प्राकृतिक संतुलन का गहरा संबंध है। गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट में 270 से अधिक तितली प्रजातियों का होना और इस नई ब्रोशर में 125 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण होना यह दर्शाता है कि प्रकृति में हर जीव का एक निश्चित गणितीय और पारिस्थितिक स्थान है। तितलियाँ परिवर्तन और आध्यात्मिक विकास की प्रतीक हैं। इस प्रकार के वैज्ञानिक दस्तावेज न केवल हमारी प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद करते हैं, बल्कि पर्यावरण के साथ हमारे आध्यात्मिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·13 दिन पहले

लक्ष्मी जी के विचार से आगे बढ़ते हुए, गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट जैसे शहरी सीमा से लगे जंगलों में जैव विविधता का दस्तावेजीकरण पर्यावरण नीति और नीतिगत प्राथमिकताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुवाहाटी के दक्षिणी छोर पर स्थित इस रिजर्व फॉरेस्ट में 270 से अधिक प्रजातियों का होना यह रेखांकित करता है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिक संरक्षण को भी नीतिगत एजेंडे में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। अरण्यक और वन विभाग का यह संयुक्त प्रयास दिखाता है कि जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक डेटा जुटाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता कैसे बढ़ाई जा सकती है। भविष्य में इस प्रकार के दस्तावेज़ नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं को शहरीकरण के दबाव के बीच स्थानीय प्राकृतिक आवासों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने में मदद करेंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·13 दिन पहले

असम के गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट में 125 तितली प्रजातियों पर आधारित इस ब्रोशर का विमोचन केवल एक पर्यावरण पहल नहीं, बल्कि राज्य में ईको-टूरिज्म और नीतिगत संरक्षण को बढ़ावा देने का एक ठोस कदम है। जब स्थानीय प्रशासन और शोध संस्थान जैसे अरण्यक मिलकर ऐसे दस्तावेज जारी करते हैं, तो यह जमीनी स्तर पर जैव विविधता के प्रति राजनीतिक इच्छाशक्ति और जन-जागरूकता को मजबूत करता है। आने वाले समय में यह नीति निर्माताओं को गुवाहाटी के इस दक्षिणी छोर के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने और वनों के व्यावसायिक अतिक्रमण को रोकने के लिए वैज्ञानिक आंकड़े प्रदान करेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·13 दिन पहले

गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट में 270 से अधिक तितली प्रजातियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि यह क्षेत्र केवल जैव विविधता का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरणीय अपराधों और अवैध गतिविधियों के प्रति भी अत्यधिक संवेदनशील है। इस प्रकार के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और ब्रोशर के प्रकाशन से न केवल अनुसंधान कोबल मिलेगा, बल्कि वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कटाई जैसी आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·13 दिन पहले

करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट जैसे जैव विविधता वाले हॉटस्पॉट अब केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कॉरपोरेट स्तर पर सस्टेनेबल टूरिज्म और इको-इन्वेस्टमेंट के नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण से न सिर्फ स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है, बल्कि सरकार और हितधारकों के लिए इको-टूरिज्म के जरिए ग्रीन इकोनॉमी को बढ़ावा देने का मार्ग भी प्रशस्त होता है, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय और पर्यावरणीय मूल्य दोनों सृजित होते हैं।

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