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असम में बाढ़ से विकराल स्थिति: 95 पहुंची मौतों की संख्या और 1.6 लाख नागरिक प्रभावित, बचाव कार्य जारीभारत
6 अग॰ 2026, 10:32 pm (55 दिन पहले)· 1

असम में बाढ़ से विकराल स्थिति: 95 पहुंची मौतों की संख्या और 1.6 लाख नागरिक प्रभावित, बचाव कार्य जारी

असम में विनाशकारी बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 95 तक पहुंच गया है, जबकि 14 जिलों में 1.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राहत शिविरों में 44,000 से अधिक लोगों को आश्रय दिया गया है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री वितरित की जा रही है।

पूर्वोत्तर राज्य असम में मूसलाधार बारिश के बाद उफान पर आईं नदियों और बाढ़ के पानी ने भारी तबाही मचा रखी है। राज्य में पिछले 24 घंटों के भीतर 6 और नागरिकों की जान चली गई, जिससे इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 95 हो गई है। हालिया मौतों में बिस्वनाथ और शिवसागर जिलों से दो-दो मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि गोलाघाट और मोरीगांव जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। वर्तमान में राज्य के 14 जिलों में करीब 1.6 लाख से अधिक नागरिक बाढ़ के संकट से जूझ रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

शिवसागर सहित कई जिलों में सबसे ज्यादा तबाही

बाढ़ का सबसे भीषण प्रभाव शिवसागर जिले में देखने को मिल रहा है, जहां अकेले 57,000 नागरिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा गोलाघाट जिले में 34,000 लोग और जोरहाट जिले में 25,000 लोग पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से रिहाइशी बस्तियां, बाजार और संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं, जिससे प्रभावित आबादी का दैनिक संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

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राहत शिविरों में आश्रय और खाद्य सामग्री का वितरण

प्रशासनिक टीमों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। राज्यभर में 100 से अधिक राहत शिविर और खाद्य सामग्री वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन अस्थायी आश्रय स्थलों में इस समय 44,000 से अधिक बेघर हुए नागरिकों को शरण दी गई है। शिविरों में रह रहे पीड़ितों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री का प्रबंध किया गया है, जिसमें चावल, दाल, नमक और सरसों का तेल प्रमुखता से वितरित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का दौरा और स्थिति की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के तहत केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने असम का दौरा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर जिले के जमीनी हालात का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। बाढ़ से हुए विशाल नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में स्थिति को सामान्य होने में कुछ समय लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने असम सरकार और प्रभावित जनता को केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता और पुनर्वास में पूरी मदद का ठोस भरोसा दिया।

कृषि फसलों का व्यापक विनाश और ढांचागत क्षति

बाढ़ के प्रचंड वेग ने राज्य के कृषि क्षेत्र को करारा झटका दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 16,951 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी कृषि फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त जल प्रवाह के कारण बुनियादी ढांचे को भी अपार नुकसान पहुंचा है। बिस्वनाथ और दरांग जिलों में नदियों के सुरक्षा तटबंध टूट गए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों पुल, ग्रामीण और शहरी सड़कें तथा अन्य सार्वजनिक संरचनाएं पानी के तेज बहाव में बह गईं या क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

35 हजार से ज्यादा पशु प्रभावित, 8,500 से अधिक बहे

मानवीय क्षति के साथ-साथ इस बाढ़ का दर्दनाक असर बेजुबान मवेशियों पर भी पड़ा है। राज्य में 35,000 से अधिक मवेशी और घरेलू पशु बाढ़ के पानी की चपेट में आए हैं। पानी के अत्यंत तेज बहाव के कारण 8,500 से अधिक पशु बह गए हैं, जिनमें से बहुसंख्यक मवेशी शिवसागर जिले के हैं। पशुपालक अपने मवेशियों को बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर शरण लेने को मजबूर हैं।

शहरी इलाकों में जलभराव और नदियों में उफान के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन

ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा कई प्रमुख शहरी केंद्रों में भी जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुवाहाटी, कामरूप और जोरहाट जैसे प्रमुख शहरों में जलजमाव के कारण सामान्य नागरिक गतिविधियां रुक सी गई हैं। नुमालीगढ़ क्षेत्र में धनसिरी नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आसपास के रिहाइशी इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं और नौकाओं के माध्यम से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।

सवाल-जवाब

असम में बाढ़ के कारण अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
असम में जारी विनाशकारी बाढ़ से मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 95 हो गया है, जिसमें पिछले 24 घंटों के भीतर 6 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
असम में कौन सा जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है?
शिवसागर बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 57,000 लोग संकट का सामना कर रहे हैं।
पूरे राज्य में कितने नागरिक बाढ़ से प्रभावित हैं?
असम के 14 जिलों में 1.6 लाख से अधिक नागरिक वर्तमान में बाढ़ की चपेट में आए हैं।
प्रशासन द्वारा राहत और बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
प्रशासन 100 से अधिक राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहा है, जहां 44,000 से अधिक लोगों को शरण दी गई है और चावल, दाल, नमक तथा सरसों का तेल बांटा जा रहा है।
कौन सी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है?
नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव बढ़ गया है।
असम में बाढ़ से कितनी कृषि फसल का नुकसान हुआ है?
राज्यभर में लगभग 16,951 हेक्टेयर कृषि फसल जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
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