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असम में जनगणना 2027 के तहत सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी, राज्य में 95.42 प्रतिशत दर्ज हुआ कंप्लीशन रेटअसम
17 अग॰ 2026, 9:08 pm (44 दिन पहले)· 1

असम में जनगणना 2027 के तहत सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी, राज्य में 95.42 प्रतिशत दर्ज हुआ कंप्लीशन रेट

असम ने जनगणना 2027 की सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया में 95.42 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिसमें सभी 35 जिलों के 12,20,536 परिवारों ने हिस्सा लिया।

असम में आगामी जनगणना की तैयारियों के तहत एक बड़ा मुकाम हासिल हुआ है। राज्य में Census 2027 के अंतर्गत चल रही सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्व-गणना प्रक्रिया ने 95.42 प्रतिशत का शानदार कंप्लीशन रेट दर्ज किया है। इस चरण के दौरान राज्य के कुल 35 जिलों से 12,20,536 परिवारों ने खुद आगे आकर अपने जरूरी विवरण पोर्टल पर दर्ज कराए। इस व्यापक भागीदारी को प्रशासनिक हलकों में काफी सराहा जा रहा है और इसे आम नागरिकों की सकारात्मक रुचि का प्रमाण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जताई खुशी

इस बड़ी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे राज्य के लिए एक नया मानदंड बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा अपने संदेश में उन्होंने राज्य की जनता का आभार जताया और कहा कि लोगों ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया और सही समय पर सटीक जानकारी मुहैया कराई। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों द्वारा दिखाया गया यह सहयोग इस राष्ट्रव्यापी अभियान के प्रति उनकी जिम्मेदारी और अपनत्व की भावना को दर्शाता है।

अगले चरण के लिए जनता से सहयोग की अपील

स्व-गणना का चरण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे आगामी चरण में भी गणनाकारों को ऐसा ही पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर अपने राज्य का एक सटीक और व्यापक रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस बीच, केंद्र सरकार ने भी Census 2027 की तैयारियों के तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 4,102 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, जिससे मैदानी स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों को और गति मिलेगी।

हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस की शुरुआत

असम के डायरेक्टर ऑफ सेंसस ऑपरेशंस, बिस्वाजीत पेगु ने सोमवार को निदेशालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने भी इस अवधि के दौरान राज्य के नागरिकों द्वारा दिए गए पूर्ण सहयोग और भागीदारी के लिए उनका धन्यवाद किया। इस घोषणा के साथ ही असमभर में जनगणना के अगले चरण यानी हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस की शुरुआत हो गई है, जो आगामी 15 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा। इस नए चरण में प्रशिक्षित गणनाकार खुद घर-घर जाकर आंकड़ों का मिलान और संकलन करेंगे।

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सवाल-जवाब

असम में जनगणना 2027 के सेल्फ एन्यूमरेशन में कितना कंप्लीशन रेट दर्ज हुआ?
असम में सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया के दौरान 95.42 प्रतिशत का कंप्लीशन रेट दर्ज किया गया है।
इस प्रक्रिया में असम के कितने परिवारों ने हिस्सा लिया?
राज्य के सभी 35 जिलों से कुल 12,20,536 परिवारों ने इस प्रक्रिया में अपने विवरण दर्ज कराए।
जनगणना का अगला चरण कब तक चलेगा?
हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का अगला चरण सोमवार से शुरू होकर 15 सितंबर तक जारी रहेगा।
असम में जनगणना ऑपरेशंस के निदेशक कौन हैं?
बिस्वाजीत पेगु असम में डायरेक्टर ऑफ सेंसस ऑपरेशंस के पद पर हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·44 दिन पहले

असम में 95.42 प्रतिशत की स्व-गणना सफलता और 15 सितंबर तक चलने वाले हाउसलिस्टिंग चरण से प्रशासनिक दक्षता का स्पष्ट संकेत मिलता है। बिहार जैसे सघन जनसंख्या वाले राज्यों के लिए यह एक बड़ा सबक है कि डिजिटल पोर्टल और जमीनी समन्वय का सही उपयोग करके किस प्रकार डेटा संकलन को पारदर्शी बनाया जा सकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·44 दिन पहले

असम में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया में 95.42% की रिकॉर्ड भागीदारी राज्य के प्रशासनिक ढांचे और डिजिटल पहुंच की मजबूती को दर्शाती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में हुए इस डिजिटल मोबिलाइजेशन ने यह साबित कर दिया है कि संवेदनशील और सीमावर्ती राज्यों में भी तकनीकी माध्यमों से सटीक डेटा जुटाना संभव है। आगामी 15 सितंबर तक चलने वाले हाउसलिस्टिंग चरण में अब जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित गणनाकारों की भूमिका और अधिक अहम हो जाएगी, जिसका सीधा असर भविष्य की लोक नीतियों और चुनावी परिसीमन पर पड़ेगा।

Riya Menon@riya-menon·44 दिन पहले

असम में जनगणना 2027 की स्व-गणना की इस अभूतपूर्व डिजिटल सफलता का प्रभाव राज्य की संस्कृति, जनसांख्यिकी और लोक-कल्याणकारी नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन पर भी पड़ेगा। जब किसी राज्य में नागरिकों की इतनी बड़ी भागीदारी से डेटा संकलित होता है, तो खाद्य सुरक्षा, स्थानीय कृषि उत्पादन, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसी योजनाओं की रूपरेखा तय करना प्रशासन के लिए बेहद सटीक हो जाता है। आगामी हाउसलिस्टिंग चरण में जब गणनाकार घर-घर पहुंचेंगे, तो यह डेटाबेस यह तय करने में मदद करेगा कि क्षेत्रीय खाद्य संस्कृतियों और विशिष्ट जनसांख्यिकीय आवश्यकताओं के अनुसार नीतियां कैसे बनाई जाएं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 दिन पहले

असम में 95.42 प्रतिशत की यह उच्च स्व-गणना दर और अब शुरू हुई घर-घर हाउसलिस्टिंग प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि प्रशासनिक मशीनरी और सुरक्षा एजेंसियों को भी सटीक जनसांख्यिकीय डेटा मिलेगा। आंतरिक सुरक्षा, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ या जनसांख्यिकी बदलावों पर नजर रखने के लिए यह विश्वसनीय आंकड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

Ravikash Gupta@ravikash·44 दिन पहले

असम में 95.42 प्रतिशत की यह उच्च स्व-गणना दर और अब शुरू हुई घर-घर हाउसलिस्टिंग प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि प्रशासनिक मशीनरी और सुरक्षा एजेंसियों को भी सटीक जनसांख्यिकीय डेटा मिलेगा। आंतरिक सुरक्षा, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ या जनसांख्यिकी बदलावों पर नजर रखने के लिए यह विश्वसनीय आंकड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। एक वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर मेरा मानना है कि यह डिजिटल और मैदानी डेटा का समन्वय आगामी नीतिगत फैसलों, आर्थिक आवंटन और क्षेत्रीय विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा, जिससे जमीनी स्तर पर पारदर्शी क्रियान्वयन को बढ़ावा मिलेगा।

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