अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंतुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यानबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकानवजात को दूध पिलाने में थोड़ी सी लापरवाही भी बन सकती है जानलेवा, बाल रोग विशेषज्ञ ने बताए जरूरी नियमअमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को देश छोड़ने का दिया आदेश, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों में हलचलअमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट अटकने से डिजिटल एसेट बाजार को मिली नई ऊर्जा, मैट हॉगन ने गिनाए फायदेराजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अंतिम चरण में, जानिए कब से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभजिमीकंद और सूरन काटने पर नहीं होगी हाथों में खुजली, शेफ रणवीर बरार ने बताए पकाने के आसान नुस्खे
असम में मुस्लिम शादियों का अनिवार्य पंजीकरण लागू, 11 हजार करोड़ के सीमेंट प्लांट समेत कई योजनाओं को हरी झंडीअसम
24 सित॰ 2026, 7:38 pm (6 दिन पहले)· 1

असम में मुस्लिम शादियों का अनिवार्य पंजीकरण लागू, 11 हजार करोड़ के सीमेंट प्लांट समेत कई योजनाओं को हरी झंडी

असम कैबिनेट ने मुस्लिम विवाह पंजीकरण नियमों को स्वीकृति दे दी है, जिसके तहत सरकारी रजिस्ट्रार शादियों का रिकॉर्ड दर्ज करेंगे। इसके अलावा बैठक में उद्योग, मछली पालन और राशन से जुड़े कई नीतिगत फैसले लिए गए।

असम सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्यभर के लिए कई दूरगामी और प्रशासनिक फैसले लिए गए हैं। गुरुवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया को लिए गए नीतिगत निर्णयों की जानकारी दी। सरकार के नए कदमों में पारिवारिक कानूनों के क्रियान्वयन से लेकर औद्योगिक निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली योजनाएं शामिल हैं।

मुस्लिम विवाह के लिए तय हुई नई व्यवस्था

राज्य मंत्रिमंडल ने असम कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मुस्लिम मैरिज एंड डिवोर्सेस एक्ट, 2024 की धारा 25 के तहत तैयार किए गए असम मुस्लिम मैरिज रजिस्ट्रेशन (कंपल्सरी) रूल्स, 2026 को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।

ये भी पढ़ें

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि अनिवार्य पंजीकरण के लिए पूरे राज्य में एक समान प्रक्रिया ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से इन नियमों को स्वीकृत किया गया है।

इस नई विधिक व्यवस्था के लागू होने के बाद अब मुस्लिम शादियों का पंजीकरण सरकार द्वारा अधिकृत रजिस्ट्रारों के जरिए ही किया जाएगा। जिन प्रशासनिक इलाकों या केंद्रों में विवाह पंजीकरण के आवेदनों की संख्या बहुत अधिक होगी, वहां नागरिकों की सहूलियत के लिए पंचायत स्तर के अधिकारियों को भी रजिस्ट्रेशन अधिकार सौंपे जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि काजियों द्वारा विवाह पंजीकरण पर रोक लगाने के पिछले फैसले के समय कोई वैकल्पिक प्रशासनिक तंत्र तय नहीं किया गया था, जिसे अब इस नए नियम के जरिए सुव्यवस्थित कर दिया गया है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को आधार नामांकन में मोहलत

बैठक में महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेश को ध्यान में रखते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को एक विशेष राहत दी गई है। राज्य सरकार ने पहले 16 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के नए आधार नामांकन पर रोक लगाने का निर्णय लिया था। हालांकि, इस व्यवस्था के कारण कई स्वयं सहायता समूहों की सभी महिला सदस्यों के पास आधार कार्ड न होने से उन्हें बैंकों से ऋण मिलने में रुकावटें आ रही थीं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि महिला समूहों को सुविधा देने के लिए यह छूट दी गई है, लेकिन इसके बाद समयसीमा में कोई और विस्तार नहीं किया जाएगा।

इस नीतिगत छूट के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य अब 31 मार्च, 2027 तक अपना आधार नामांकन पूरा कर सकती हैं, जिससे वे बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय सहायता का सुचारू रूप से लाभ उठा सकेंगी।

मत्स्य पालन, उद्योग और क्षेत्रीय परिषदों के चुनाव

कैबिनेट ने जल संरक्षण और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए असम सस्टेनेबल वेटलैंड एंड इंटीग्रेटेड फिशरीज ट्रांसफॉर्मेशन (स्विफ्ट) प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 796.88 करोड़ रुपये रखी गई है। इसमें बड़ा वित्तीय हिस्सा एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) वहन करेगा, जो 637.504 करोड़ रुपये का ऋण देगा, जबकि शेष 159.376 करोड़ रुपये का योगदान असम सरकार की ओर से किया जाएगा।

औद्योगिक मोर्चे पर जेके लक्ष्मी सीमेंट के 11,000 करोड़ रुपये के भारी निवेश प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई है। कंपनी उमरांगसो के साथ-साथ राज्य के चार अन्य रणनीतिक स्थानों पर सीमेंट उत्पादन इकाइयां स्थापित करेगी। इसके साथ ही सरकार ने लगभग 50 औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। वहीं उत्तर पूर्व ट्रांसफॉर्मेटिव इंडस्ट्रियलाइजेशन स्कीम (उन्नति), 2024 के तहत मुख्य पात्रता पूरी करने वाली लेकिन 30 सितंबर की बढ़ी हुई समयसीमा तक पंजीकरण न करा पाने वाली विनिर्माण इकाइयों को स्टेट कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी देने का फैसला हुआ है।

आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देते हुए सरकार ने अक्टूबर महीने में रियायती चीनी और दाल का कॉम्बो 100 रुपये में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया, जिसकी कीमत पहले 105 रुपये निर्धारित थी। बाजार में चीनी की कीमतों में आई नरमी के कारण यह कटौती संभव हुई है। इसके अतिरिक्त, राजनीतिक मोर्चे पर कैबिनेट ने मिसिंग स्वायत्त परिषद और सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद के चुनाव नवंबर में कराने का निर्णय लिया है।

सवाल-जवाब

असम में मुस्लिम विवाह का पंजीकरण अब कौन करेगा?
अब मुस्लिम शादियों का पंजीकरण सरकार द्वारा तय किए गए आधिकारिक रजिस्ट्रार करेंगे, जबकि अधिक काम वाले इलाकों में पंचायत स्तर के अधिकारियों को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मुस्लिम विवाह पंजीकरण नियम किस कानून के तहत तैयार किए गए हैं?
ये नियम असम कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मुस्लिम मैरिज एंड डिवोर्सेस एक्ट, 2024 की धारा 25 के तहत बनाए गए हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों को आधार नामांकन के लिए कब तक की छूट दी गई है?
महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को अपना आधार नामांकन पूरा करने के लिए 31 मार्च, 2027 तक का एकमुश्त समय दिया गया है।
असम स्विफ्ट प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है और इसमें एडीबी का क्या योगदान है?
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 796.88 करोड़ रुपये है, जिसमें एशियन डेवलपमेंट बैंक 637.504 करोड़ रुपये का ऋण देगा और असम सरकार 159.376 करोड़ रुपये वहन करेगी।
जेके लक्ष्मी सीमेंट असम में कितना निवेश करने जा रही है?
जेके लक्ष्मी सीमेंट 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करके उमरांगसो और राज्य के चार अन्य स्थानों पर सीमेंट विनिर्माण इकाइयां स्थापित करेगी।
अक्टूबर महीने में रियायती चीनी और दाल किस कीमत पर मिलेगी?
अक्टूबर में चीनी और दाल की रियायती किट 100 रुपये में उपलब्ध होगी, जिसकी दर पहले 105 रुपये तय की गई थी।
किन स्वायत्त परिषदों के चुनाव नवंबर में कराने का निर्णय लिया गया है?
कैबिनेट ने मिसिंग स्वायत्त परिषद और सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद के चुनाव नवंबर में कराने का निर्णय लिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·6 दिन पहले

शादियों का डिजिटल और प्रशासनिक रिकॉर्ड अच्छी बात है, पर ज़मीनी स्तर पर पंचायत अधिकारियों पर काम का बोझ और बढ़ जाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

असम में शादियों के रजिस्ट्रेशन का नियम बदलना और 11 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट आना वाकई बड़े कदम हैं। इससे वहां बिजनेस और रोजगार दोनों को रफ्तार मिलेगी।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·6 दिन पहले

रविकेश जी, बात तो सही है, लेकिन क्या पंचायत अधिकारियों को ये काम सौंपने से ज़मीनी स्तर पर काम आसान होगा या उलझन बढ़ेगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

शादियों के पंजीकरण के लिए अब सरकारी व्यवस्था बनने से कागज़ी झंझट और फर्जीवाड़े पर लगाम कसनी तय है, और काजियों वाले पुराने विवाद का भी सही प्रशासनिक हल निकल आया है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

करण, बात तो ठीक है कि काजियों वाले विवाद का हल निकल आया, पर क्या पंचायत स्तर के अधिकारियों के पास इस काम के लिए अतिरिक्त समय होगा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp