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असम में पहली पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी शादी करने पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन से कटेगा 20 प्रतिशत हिस्साभारत
18 अग॰ 2026, 1:37 pm (44 दिन पहले)· 3

असम में पहली पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी शादी करने पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन से कटेगा 20 प्रतिशत हिस्सा

असम सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए सख्त फैसला लिया है, जिसमें कानूनी तलाक के बिना पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी करने या बिना विवाह साथ रहने पर वेतन में 20 प्रतिशत कटौती का प्रावधान किया गया है।

असम सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के आचरण और पारिवारिक जवाबदेही को लेकर एक अहम नीतिगत निर्णय की घोषणा की है। गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपनी पहली पत्नी को कानूनी तौर पर तलाक दिए बिना छोड़ देता है और किसी अन्य महिला के साथ अनौपचारिक रूप से रहने लगता है या फिर दूसरी शादी कर लेता है, तो उस कर्मचारी के मासिक वेतन से 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। सरकार का यह कदम कर्मचारियों को उनके वैवाहिक दायित्वों के प्रति जिम्मेदार बनाने और परित्यक्ता महिलाओं के जीवन-यापन के अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

निर्णय के मुख्य बिंदु और वित्तीय प्रावधान

इस फैसले की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई 20 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार के खजाने में जमा नहीं होगी। इसके बजाय, यह कटौती सीधे पीड़ित पहली पत्नी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। इस वित्तीय सहायता को प्राप्त करने के लिए प्रभावित महिला को राज्य सरकार के समक्ष एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। जांच के बाद सरकार इस कटौती और खाते में पैसे भेजने की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान करेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, जिन्हें उनके पति द्वारा बिना किसी कानूनी और वित्तीय सहारे के अकेला छोड़ दिया जाता है और जिन्हें बच्चों तथा परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उठानी पड़ती है।

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अदालती मामलों और कानूनी प्रक्रिया पर प्रभाव

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्य प्रशासन के सामने हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जहां सरकारी कर्मचारियों ने अपनी पत्नियों से संबंध तोड़ लिए थे लेकिन कानूनन तलाक की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। इसके बावजूद वे कर्मचारी दूसरी महिला के साथ रहने लगे या उन्होंने अनौपचारिक रूप से दूसरा विवाह रचा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि पति और पत्नी के बीच तलाक या विवाद का मामला अदालत में विचाराधीन है, तब भी जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक कर्मचारी के वेतन से 20 प्रतिशत की कटौती जारी रहेगी और यह राशि पहली पत्नी को मिलती रहेगी।

समान नागरिक संहिता और बहुविवाह पर मौजूदा नियम

असम सरकार पहले से ही राज्य में बहुविवाह प्रथा पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाती रही है। राज्य में लागू समान नागरिक संहिता के प्रावधानों के तहत बहुविवाह को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, असम सरकारी सेवा आचरण नियमों में पहले से यह स्पष्ट प्रावधान मौजूद है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी पहली शादी के वैध रहते हुए दूसरा विवाह नहीं कर सकता। हालांकि, केवल विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के बजाय सीधे वेतन कटौती लागू करने का यह नया ऐलान मौजूदा प्रशासनिक नियमों को और अधिक प्रभावी तथा सख्त बनाता है।

माता-पिता की देखभाल से जुड़ा पिछला नियम

पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर असम सरकार का यह पहला कड़ा फैसला नहीं है। इससे पहले सरकार ने कर्मचारियों द्वारा अपने वृद्ध या आश्रित माता-पिता की अनदेखी करने पर भी इसी तरह का नियम लागू किया था। उस व्यवस्था के अंतर्गत, जो सरकारी कर्मचारी अपने बुजुर्ग माता-पिता का ध्यान नहीं रखते या उनकी बुनियादी जरूरतों से मुंह मोड़ लेते हैं, उनके वेतन में से 10 प्रतिशत तक की कटौती की जाती है और वह राशि उनके माता-पिता को दी जाती है। अब दूसरी शादी और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के मामलों में 20 प्रतिशत वेतन कटौती का यह नया नियम असम सरकार के पारिवारिक सुरक्षा, सामाजिक जवाबदेही और महिला सशक्तिकरण के कड़े रुख को दर्शाता है।

सवाल-जवाब

असम में सरकारी कर्मचारियों पर दूसरी शादी को लेकर क्या नया नियम लागू हुआ है?
यदि कोई असम सरकार का कर्मचारी कानूनी तलाक लिए बिना अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी करता है या किसी अन्य महिला के साथ रहता है, तो उसके वेतन से 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
वेतन से काटी गई 20 प्रतिशत राशि का क्या होगा?
काटी गई 20 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जाने के बजाय सीधे पीड़ित पहली पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
पहली पत्नी को यह पैसा प्राप्त करने के लिए क्या करना होगा?
पीड़ित पहली पत्नी को इस वित्तीय सहायता और वेतन कटौती का लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार के पास एक औपचारिक आवेदन जमा करना होगा।
यदि अदालत में तलाक का मामला लंबित है तो क्या यह कटौती लागू होगी?
हां, यदि तलाक का मामला अदालत में चल रहा है, तब भी जब तक अंतिम कानूनी निर्णय नहीं आ जाता, तब तक कर्मचारी के वेतन से 20 प्रतिशत कटौती जारी रहेगी।
माता-पिता की देखभाल न करने पर असम में वेतन कटौती का क्या नियम है?
असम में अपने बुजुर्ग या आश्रित माता-पिता की देखभाल न करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत की कटौती का नियम पहले से लागू है।
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