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असम में स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए हुए छह अहम समझौते, तकनीक और AI का होगा इस्तेमालअसम
4 सित॰ 2026, 10:09 pm (26 दिन पहले)· 2

असम में स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए हुए छह अहम समझौते, तकनीक और AI का होगा इस्तेमाल

असम सरकार ने राज्य के स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छह बड़े संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करना और डिजिटल लर्निंग को मजबूत करना है।

असम सरकार ने राज्यभर के विद्यालयों में तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने के लिए समग्र शिक्षा, असम और कई प्रमुख संस्थानों के बीच छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाना है, ताकि आने वाले समय में छात्रों को बेहतर और उन्नत शैक्षणिक माहौल मिल सके।

शिक्षकों के प्रशिक्षण और डिजिटल कौशल पर जोर

समझौता हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने बताया कि इन साझेदारियों का मुख्य ध्यान शिक्षकों के पेशेवर विकास, बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल, व्यक्तिगत शिक्षण, और स्कूल से बाहर रहने वाले किशोर-किशोर्ताओं की पहचान कर उन्हें फिर से शिक्षा से जोड़ने पर होगा। इन सभी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव आ सके।

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अलग-अलग संस्थानों के साथ खास साझेदारियां

गूगल एआई के साथ हुए समझौते के तहत शिक्षकों को उन्नत एआई-संचालित शैक्षणिक उपकरणों से लैस किया जाएगा और उन्हें पेशेवर विकास के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। वहीं, आईआईटी मद्रास और बोधन एआई के सहयोग से कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 1 लाख शिक्षकों को मई 2027 तक प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है, जिससे शिक्षकों में एआई की समझ को और गहरा किया जा सके।

इसके अलावा, लेह्स-वाधवानी एआई के साथ साझेदारी छात्रों के पढ़ने के प्रवाह का एआई-सक्षम आकलन करके बुनियादी साक्षरता को मजबूत करने पर काम करेगी। समग्र शिक्षा, असम और एजुकेट गर्ल्स के बीच हुआ समझौता विशेष रूप से बालिकाओं सहित स्कूल से बाहर रह रहे किशोरों की पहचान करने, उन्हें नामांकित करने और स्कूलों में उनकी निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

व्यक्तिगत शिक्षण और रचनात्मकता का विकास

एकस्टेप-एएक्सएल के साथ हुए समझौते के माध्यम से बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में व्यक्तिगत और एआई-सहायता प्राप्त शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, कैनवा एजुकेशन के साथ हुई साझेदारी शिक्षकों और छात्रों दोनों के बीच डिजिटल साक्षरता, रचनात्मकता, डिजाइन थिंकिंग और नए नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर पूरी तरह केंद्रित होगी।

शिक्षा मंत्री रानोज पेगू का मानना है कि ये सभी सहयोग असम में एक तकनीकी रूप से सक्षम, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा तंत्र स्थापित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम हैं। इन सभी पहलों से न केवल शिक्षकों को अधिक सशक्त बनाया जाएगा, बल्कि राज्यभर के छात्रों के लिए सीखने के नए और विस्तृत अवसर भी पैदा होंगे।

सवाल-जवाब

असम सरकार ने हाल ही में कितने समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं?
असम सरकार ने स्कूली शिक्षा में एआई और तकनीक को शामिल करने के लिए कुल छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस पहल के समझौते किनके बीच हुए हैं?
यह समझौते समग्र शिक्षा, असम और कई प्रमुख संगठनों के बीच हुए हैं।
कितने शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है?
आईआईटी मद्रास और बोधन एआई के सहयोग से कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 1 लाख शिक्षकों को मई 2027 तक प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है।
गूगल एआई के साथ समझौते का क्या उद्देश्य है?
गूगल एआई के साथ साझेदारी का उद्देश्य शिक्षकों को एआई-संचालित शैक्षणिक उपकरणों और डिजिटल कौशल से लैस करना है।
स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के लिए कौन सा संगठन मदद करेगा?
समग्र शिक्षा, असम की एजुकेट गर्ल्स के साथ साझेदारी स्कूल से बाहर रहने वाले किशोरों, विशेषकर बालिकाओं की पहचान और उनके नामांकन में मदद करेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·26 दिन पहले

असम सरकार द्वारा गूगल, आईआईटी मद्रास और वाधवानी एआई जैसे संस्थानों के साथ छह समझौते करना स्कूली शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम है। 2027 तक एक लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और एआई के जरिए बुनियादी साक्षरता सुधारने का यह प्रयास प्रशासनिक नीति और सुशासन का एक ठोस उदाहरण है। यदि यह योजना ज़मीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह उत्तर-पूर्व भारत के अन्य राज्यों के लिए शिक्षा सुधार का एक बड़ा मॉडल बन सकती है, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी और डिजिटल अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·26 दिन पहले

असम सरकार की यह पहल शिक्षा में तकनीक और खगोलीय गणनाओं के समान सटीक डेटा-संचालित पद्धतियों के मिलन का मार्ग प्रशस्त करती है। गणित ज्योतिष में जिस प्रकार हम सटीक गणितीय सूत्रों से भविष्य की संभावनाओं का आकलन करते हैं, उसी प्रकार एआई और डिजिटल टूल्स के उपयोग से छात्रों की पठन-पाठन की कमजोरियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा। आईआईटी मद्रास और अन्य तकनीकी संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षित होने वाले एक लाख शिक्षक आने वाली पीढ़ी को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करेंगे, जिससे प्रशासनिक और बौद्धिक दोनों स्तरों पर सुदृढ़ नींव रखेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 दिन पहले

असम सरकार द्वारा तकनीक और एआई को स्कूली शिक्षा से जोड़ने का यह कदम एक सकारात्मक दिशा में उठाया गया प्रयास है। हालाँकि, इस पूरी योजना की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ कितनी मजबूत रहती हैं। यदि इन तकनीकी और एआई उपकरणों का क्रियान्वयन ज़मीनी स्तर पर बिना किसी बाधा के होता है, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ डिजिटल असमानता को पाटने में भी मदद मिलेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·26 दिन पहले

असम सरकार की यह एआई-सक्षम शैक्षणिक पहल राज्य के आर्थिक और कॉर्पोरेट भविष्य के लिए बेहद अहम है। यदि एक लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और छात्रों के डिजिटल कौशल को निखारने का यह मॉडल सफल रहा, तो यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में भविष्य के एक मजबूत स्टार्टअप और तकनीकी टैलेंट पूल की नींव रख सकता है।

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