नैनीताल में सस्ते किराए के मकान: छात्र और नौकरीपेशा लोग इन 8 पॉकेट-फ्रेंडली इलाकों में पा सकते हैं कमरानए सचिवालय के विरोध में लामबंद हुए चेन्नई के मछुआरे, विजय सरकार की 1200 करोड़ की योजना पर खड़े किए सवालपरिचित चारमीनार रोज़मररा का हिस्सा है, इसलिए हैदराबाद के स्थानीय लोग ऊपर कम ही जाते हैंइंजीनियर्स डे पर राजनाथ सिंह ने देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को किया नमन, एम. विश्वेश्वरैया को दी श्रद्धांजलिसूर्य गोचर से 2 दिन बाद चमकेंगी इन 7 राशियों की किस्मत, करियर और कारोबार में होगी भारी तरक्कीशिमला के छह साल के शिवाक्ष रापटा ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जमाई धाक, 195 देशों के झंडे और नक्शे पहचानेराजस्थान के चुनावी दंगल में नेहा और काश्यपी की ऐतिहासिक जीत, 21 साल की उम्र में बनीं पार्षदजमशेदपुर स्टाइल चना बादाम सलाद: शाम की भूख के लिए बनाएं प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह स्वादिष्ट रेसिपीइंजीनियर्स डे पर अरविंद केजरीवाल ने सर एम. विश्वेश्वरैया को दी श्रद्धांजलि, अपनी इंजीनियरिंग यात्रा को किया यादवाराणसी में लोलार्क छठ की तैयारी, दो किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग और चार सौ पुलिसकर्मी संभालेंगे कमान
बाल यौन शोषण के मामलों की जानकारी पुलिस को देने पर सहमत हुआ मेटा, सरकार के कड़े रुख के बाद उठाया कदमभारत
15 सित॰ 2026, 1:03 pm (1 घंटे पहले)· 0

बाल यौन शोषण के मामलों की जानकारी पुलिस को देने पर सहमत हुआ मेटा, सरकार के कड़े रुख के बाद उठाया कदम

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की सख्ती और वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किए जाने के बाद मेटा ने बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों का ब्योरा कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपने पर सहमति जताई है।

डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के कड़े रुख के बाद तकनीकी दिग्गज मेटा बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की सीधी जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साझा करने के लिए तैयार हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में काम करने वाले प्रत्येक सोशल मीडिया मंच के लिए नाबालिगों का संरक्षण एक अनिवार्य और मौलिक सिद्धांत है, जिसमें किसी भी स्तर पर रियायत नहीं दी जा सकती।

सख्त चेतावनी और अधिकारियों को तलब करने का असर

सरकार ने आपत्तिजनक सामग्री के प्रबंधन और रोकथाम की व्यवस्था को लेकर मेटा को औपचारिक नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर भारत तलब करके उनकी जवाबदेही तय की गई थी। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि भारतीय विधायी प्रावधानों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। इसी प्रशासनिक दबाव के बाद मेटा ने संवेदनशील मामलों की सूचना संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को देने की व्यवस्था स्वीकार की है।

ये भी पढ़ें

हानिकारक सामग्री और डीपफेक पर पैनी नजर

नाबालिगों को अवांछित डिजिटल गतिविधियों से सुरक्षित रखना प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा गया है। इसी क्रम में नियामक संस्थाओं ने बाल यौन शोषण सामग्री और भ्रामक डीपफेक सहित सभी प्रकार की अवैध ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मेटा का यह निर्णय बच्चों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल परिवेश तैयार करने की दिशा में केवल एक शुरुआती कदम है, और आने वाले समय में मंचों को सुरक्षा के और कड़े पैमाने अपनाने होंगे।

अन्य सोशल मीडिया मंचों के साथ भी संवाद

सरकार केवल एक कंपनी तक सीमित न रहकर अन्य सभी ऑनलाइन मंचों के साथ भी लगातार बातचीत कर रही है। सभी डिजिटल कंपनियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे संदिग्ध और नुकसानदेह सामग्री की सक्रिय पहचान करने के लिए पुख्ता तंत्र विकसित करें और उसे तुरंत अपने नेटवर्क से हटाएं। जो भी इंटरनेट कंपनियां इन सुरक्षा मानकों और बाल संरक्षण के जरूरी कदमों को लागू करने में कोताही बरतेंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

मेटा ने भारत सरकार के सामने किस बात पर सहमति जताई है?
मेटा बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की सीधी जानकारी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपने पर राजी हो गया है।
सरकार ने मेटा के खिलाफ क्या कदम उठाए थे?
सरकार ने मेटा को औपचारिक नोटिस जारी किया था और कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को भारत तलब करके सख्त चेतावनी दी थी।
आईटी मंत्रालय का बाल सुरक्षा को लेकर क्या रुख है?
मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि सोशल मीडिया पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक बुनियादी सिद्धांत है और इसमें कोई समझौता नहीं होगा।
क्या अन्य सोशल मीडिया मंचों पर भी यह नियम लागू होगा?
हां, सरकार अन्य सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से भी बातचीत कर रही है ताकि वे आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत पहचान कर हटाएं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR