मुंबई में जूनियर आर्टिस्ट के रूप में काम करने वाली एक पीड़िता इंसाफ की गुहार लेकर पिछले कई महीनों से झारखंड की राजधानी रांची के विभिन्न पुलिस थानों के चक्कर काट रही है। महिला का गंभीर आरोप है कि गोमिया निवासी नदीम अंसारी नामक व्यक्ति ने पहले उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी उसे रांची ले आया, जहां उस पर एक स्पा सेंटर में अनुचित काम करने और ग्राहकों के साथ गलत संबंध बनाने का दबाव डाला जाने लगा। जब पीड़िता ने इस अनैतिक मांग का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी अपने शादी के वादे से साफ मुकर गया। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन वह समझौता करके दोबारा वादे के आधार पर जमानत पाने में कामयाब रहा। जमानत पर बाहर आते ही आरोपी ने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और इंकार करने पर फरार हो गया।
दोस्ती से लेकर रांची लाने और स्पा सेंटर में दबाव बनाने की पूरी कहानी
पीड़िता के अनुसार, उसकी और गोमिया के रहने वाले नदीम अंसारी की मुलाकात मुंबई में काम करने के दौरान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत शुरू हुई, जो समय बीतने के साथ गहरी दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। महिला का आरोप है कि नदीम ने उससे जल्द ही शादी करने का पक्का भरोसा दिलाया था और इसी झांसे में रखकर उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। जब महिला ने उस पर शादी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तो नदीम उसे मुंबई से अपने साथ रांची ले आया। हालांकि, रांची पहुंचते ही आरोपी के बर्ताव में अचानक बड़ा बदलाव आ गया। उसने महिला को एक स्थानीय स्पा सेंटर में काम करने के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया और वहां आने वाले ग्राहकों के साथ गलत संबंध बनाने का दबाव डाला। जब पीड़िता ने इस तरह के गलत धंधे में शामिल होने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी ने शादी करने से पूरी तरह इंकार कर दिया।
जेल जाने, समझौते के नाम पर जमानत लेने और धर्म परिवर्तन के दबाव का मामला
शादी के वादे से मुकरने और अनैतिक दबाव बनाने के बाद पीड़िता ने न्याय पाने के लिए रांची स्थित महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नदीम अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, जेल जाने के बाद आरोपी और उसके पक्ष ने रणनीति बदली और दोबारा पीड़िता से शादी करने का झूठा आश्वासन दिया। इस वादे और दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौते के आधार पर अदालत से उसे जमानत मिल गई। लेकिन पीड़िता का आरोप है कि जेल की सलाखों से बाहर आते ही आरोपी ने अपना असली रंग दिखाया और अपना वादा पूरा करने के स्थान पर उस पर धर्म परिवर्तन करने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने स्पष्ट शब्दों में धर्म परिवर्तन करने से इंकार कर दिया, जिसके बाद आरोपी नदीम अंसारी उसे बेसहारा छोड़कर कहीं गायब हो गया।
अदालत से जमानत रद्द और वारंट जारी होने के बाद भी छह महीने से पुलिस बेअसर
धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन के दबाव के बाद पीड़िता ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था का दरवाजा खटखटाया और अदालत का रुख किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और आरोपी की वादाखिलाफी को देखते हुए नदीम अंसारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसकी जमानत रद्द कर दी और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके बावजूद, पिछले लगभग छह महीने से पीड़िता इंसाफ पाने के लिए पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों और थानों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन और अदालत दोनों स्तरों पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया, फिर भी आरोपी खुलेआम घूम रहा है। ऐसे में पीड़िता और स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब अदालत की तरफ से स्पष्ट वारंट जारी हो चुका है, तो पुलिस प्रशासन अब तक आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम क्यों रहा है।
गंभीर आरोपों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे तीखे सवाल
इस पूरे प्रकरण में आरोपी के खिलाफ बेहद संगीन आरोप सामने आए हैं, जिनमें शादी का झूठा झांसा देकर शारीरिक शोषण करना, अनैतिक कार्यों और स्पा सेंटर के गलत धंधे में धकेलने की कोशिश करना और रिहाई के बाद धर्म परिवर्तन के लिए विवश करना शामिल है। इन सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि और कानूनी सच्चाई अदालत की प्रक्रिया एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, अदालत द्वारा वारंट जारी किए जाने के छह महीने बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न हो पाना पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस महकमा इस वारंट के आधार पर फरार आरोपी नदीम अंसारी को कब तक कानून के शिकंजे में लाता है और पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।



















