अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंतुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यानबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकानवजात को दूध पिलाने में थोड़ी सी लापरवाही भी बन सकती है जानलेवा, बाल रोग विशेषज्ञ ने बताए जरूरी नियमअमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को देश छोड़ने का दिया आदेश, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों में हलचलअमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट अटकने से डिजिटल एसेट बाजार को मिली नई ऊर्जा, मैट हॉगन ने गिनाए फायदेराजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अंतिम चरण में, जानिए कब से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभजिमीकंद और सूरन काटने पर नहीं होगी हाथों में खुजली, शेफ रणवीर बरार ने बताए पकाने के आसान नुस्खे
बारापुला फेज-3 तैयार, मयूर विहार से एम्स का सफर अब मात्र 15 मिनट मेंभारत
19 सित॰ 2026, 12:33 pm (12 दिन पहले)· 1

बारापुला फेज-3 तैयार, मयूर विहार से एम्स का सफर अब मात्र 15 मिनट में

सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 के बीच बना 3.5 किलोमीटर लंबा बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर बनकर तैयार हो चुका है, जिससे मयूर विहार से एम्स तक 9 किलोमीटर का पूरा रास्ता सिग्नल फ्री हो जाएगा।

पूर्वी दिल्ली और एनसीआर के दैनिक यात्रियों के लिए राजधानी में आवागमन अब पहले से कहीं अधिक सुगम होने जा रहा है। सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 को जोड़ने वाले बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर के तीसरे चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और यह आम जनता के आवागमन के लिए पूरी तरह तैयार है। लोक निर्माण मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों और अंतिम तैयारियों का गहन निरीक्षण किया। लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे इस नए एलिवेटेड हिस्से के चालू होने के बाद पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से मध्य तथा दक्षिण दिल्ली आने-जाने वाले वाहनों को एक बेहद सुगम और निर्बाध वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। इस नए रास्ते के खुलने से सराय काले खां और आसपास की सड़कों पर रोजाना लगने वाले भारी जाम में भारी कमी आएगी।

मयूर विहार से एम्स तक 9 किलोमीटर का सिग्नल फ्री सफर

इस परियोजना के पूरी तरह संचालित होने के बाद मयूर विहार से सराय काले खां होते हुए एम्स तक का पूरा कॉरिडोर लगभग 9 किलोमीटर लंबा हो जाएगा, जो पूरी तरह सिग्नल-फ्री रहेगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में व्यस्त समय के दौरान लंबा वक्त लग जाता है, लेकिन अब मयूर विहार से एम्स तक की दूरी मात्र 15 मिनट में तय की जा सकेगी। 29 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर को जनता को समर्पित करेंगे और उसी दिन से इसे नियमित यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस मार्ग के सक्रिय होने से पूर्वी दिल्ली और एनसीआर के बड़े हिस्से से आने वाले वाहनों को दक्षिण दिल्ली तक बिना किसी लाल बत्ती पर रुके पहुंचने की सीधी सुविधा मिलेगी।

ये भी पढ़ें

डीएनडी और अक्षरधाम पर घटेगा वाहनों का दबाव

सड़क के उपयोग में आने से राजधानी के कई प्रमुख जंक्शनों पर यातायात का संतुलन बेहतर होगा। परवेश वर्मा ने बताया कि इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद डीएनडी और अक्षरधाम मंदिर के आसपास के इलाकों में वाहनों का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होने की उम्मीद है। गाजियाबाद, नोएडा और साहिबाबाद से दिल्ली में प्रवेश करने वाले दैनिक मुसाफिरों को रोजाना की भागदौड़ और जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, लाल बत्ती और भीषण जाम में वाहनों के बेवजह खड़े रहने का समय घटने से ईंधन की खपत कम होगी, जिससे राजधानी में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के स्तर में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।

अड़चनों को पार कर ₹1,635.03 करोड़ में पूरी हुई परियोजना

बारापुला कॉरिडोर के तीसरे चरण को पूरा करने में कई तरह की प्रशासनिक और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से इस परियोजना में काफी लंबा वक्त लगा। शुरुआती दौर में इस प्रोजेक्ट को करीब ₹1,260.63 करोड़ की अनुमानित लागत से प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी। हालांकि, समय बीतने और विभिन्न अड़चनों के कारण इसकी संशोधित लागत बढ़कर ₹1,635.03 करोड़ तक पहुंच गई। निर्माण प्रक्रिया में देरी के पीछे जमीन अधिग्रहण से जुड़े पेच, वन विभाग तथा पर्यावरण से संबंधित मंजूरियों की प्रक्रिया और मध्यस्थता यानी आर्बिट्रेशन के मामले प्रमुख कारण रहे। लोक निर्माण मंत्री के अनुसार, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से मंजूरी लेने और कानूनी विवादों के समाधान के बाद अब सभी अड़चनों को पूरी तरह दूर कर लिया गया है, जिसके बाद अब तय कार्यक्रम के अनुसार इसे जनता को सौंपा जा रहा है।

साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम

इस एलिवेटेड कॉरिडोर की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसे केवल तेज रफ्तार मोटर वाहनों के लिए ही नहीं, बल्कि गैर-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट के अनुकूल भी तैयार किया गया है। जहां इस पर लक्जरी और सामान्य गाड़ियां बिना रुके फर्राटा भर सकेंगी, वहीं पर्यावरण के अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए इसमें करीब 2 मीटर चौड़ा अलग साइकिल ट्रैक तैयार किया गया है। इसके साथ ही पैदल चलने वालों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए करीब 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया गया है। दिल्ली के चुनिंदा एलिवेटेड मार्गों में शामिल होकर यह कॉरिडोर आधुनिक शहरी नियोजन और गैर-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देने की दिशा में एक नया उदाहरण प्रस्तुत करता है।

सवाल-जवाब

बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 किन दो इलाकों को जोड़ता है?
यह 3.5 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटेड हिस्सा सराय काले खां को मयूर विहार फेज-1 से जोड़ता है।
इस कॉरिडोर के खुलने के बाद मयूर विहार से एम्स जाने में कितना समय लगेगा?
यह पूरा 9 किलोमीटर का रास्ता सिग्नल फ्री हो जाएगा, जिससे यह दूरी मात्र 15 मिनट में तय की जा सकेगी।
बारापुला फेज-3 का उद्घाटन कब और किसके द्वारा किया जाएगा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 सितंबर 2026 को इस एलिवेटेड कॉरिडोर को जनता को समर्पित करेंगे।
इस परियोजना की कुल संशोधित लागत कितनी रही?
शुरुआती तौर पर इसे ₹1,260.63 करोड़ की मंजूरी मिली थी, जो बाद में बढ़कर ₹1,635.03 करोड़ हो गई।
क्या इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर गैर-मोटराइज्ड वाहनों के लिए कोई सुविधा है?
हां, इस कॉरिडोर पर करीब 2 मीटर चौड़ा साइकिल ट्रैक और लगभग 1.5 मीटर चौड़ा पैदल फुटपाथ बनाया गया है।
इस कॉरिडोर के शुरू होने से किन इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा?
इससे सराय काले खां, डीएनडी और अक्षरधाम के आसपास वाहनों का दबाव और जाम काफी कम होने की उम्मीद है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·11 दिन पहले

दैनिक आवागमन का यह सुगम होना नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा सकारात्मक प्रभाव डालेगा। ट्रैफिक जाम और लाल बत्तियों पर होने वाली घंटों की माथापच्ची से मुक्ति मिलने से वर्क-लाइफ बैलेंस सुधरेगा और यात्रा के दौरान होने वाली मानसिक थकान घटेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·11 दिन पहले

बारापुला फेज-3 का पूरा होना बुनियादी ढांचे के विकास में प्रशासनिक विलंब की कीमत को दर्शाता है। लागत का 1,260.63 करोड़ से बढ़कर 1,635.03 करोड़ रुपये होना और जमीन अधिग्रहण जैसी अड़चनें दिखाती हैं कि शहरी परिवहन परियोजनाओं में समय प्रबंधन कितना अहम है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इसका उद्घाटन होने से एनसीआर और पूर्वी दिल्ली के मतदाताओं के बीच शासन और विकास का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ जाएगा।

Kavya Nair@kavya-nair·11 दिन पहले

परिवेश और यात्रा प्रबंधन के लिहाज़ से यह कॉरिडोर केवल समय की बचत नहीं, बल्कि ईंधन खपत और प्रदूषण में कमी लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। मयूर विहार से एम्स तक का यह सिग्नल-फ्री सफर पूर्वी दिल्ली और नोएडा के यात्रियों के लिए पर्यटन और कार्यस्थल के बीच की दूरियों को सहज बनाएगा, बशर्ते अंतिम छोर की कनेक्टिविटी और ट्रैफिक का सुचारू प्रबंधन लगातार बना रहे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 दिन पहले

यह परियोजना वर्षों तक भूमि अधिग्रहण के कानूनी पेंच और अदालती अड़चनों में फंसी रही, जिससे इसकी लागत 1,260.63 करोड़ से बढ़कर 1,635.03 करोड़ रुपये तक जा पहुंची। अब सितंबर 2026 में इसके खुलने से न केवल मयूर विहार से एम्स का 15 मिनट का सफर संभव होगा, बल्कि पूर्वी दिल्ली के प्रमुख जंक्शनों पर यातायात दबाव घटने से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्रबंधन में भी बड़ी राहत मिलेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·11 दिन पहले

परियोजना की लागत में ₹374.4 करोड़ की वृद्धि केवल प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि पूंजी के अवरुद्ध होने का वित्तीय नुकसान है। हालांकि, डीएनडी और अक्षरधाम पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से लॉजिस्टिक्स और ईंधन की बर्बादी घटेगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव क्षेत्रीय आर्थिक गतिशीलता और कॉर्पोरेट आवाजाही पर पड़ेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp