मानसूनी बारिश के मौसम में मेरठ के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में जहरीले सांपों तथा विशालकाय अजगरों की मौजूदगी से स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल बन गया है। पानी भर जाने के कारण ये वन्यजीव अपने प्राकृतिक बिलों से बाहर निकलने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अचानक आबादी वाले इलाकों में रेंगते हुए जीवों के दिखने की घटनाओं में तेजी से इजाफा दर्ज किया गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्राकृतिक आवास जलमग्न होने से बस्तियों का रुख कर रहे जीव
वन विभाग की डीएफओ वंदना फोगाट ने इस स्थिति की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान जब जलभराव होता है, तब सांप और अजगर अपने प्राकृतिक ठिकाने छोड़ सुरक्षित जगहों की तलाश में बस्तियों का रुख करने लगते हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में लोगों को घबराने के बजाय अत्यधिक सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है। उन्होंने बताया कि जैसे ही किसी क्षेत्र में सांप दिखने की सूचना मिलती है, वन विभाग की प्रशिक्षित टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है, जीव का सुरक्षित रेस्क्यू करती है और फिर उसे आबादी से काफी दूर सुरक्षित जंगलों में छोड़ देती है।
अजगर और सांप को पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें
अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि सांप या अजगर को खुद भगाने, पकड़ने या किसी भी तरह से छेड़ने की कोशिश कतई न करें। जब कोई जीव खुद को संकट में महसूस करता है, तभी वह इंसानों पर हमलावर होता है। मेरठ के लालकुर्ती बाजार, जागृति विहार और गंगानगर जैसे प्रमुख रिहायशी इलाकों में अजगर मिलने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। हालांकि अजगर जहरीला नहीं होता है, लेकिन उसकी शारीरिक ताकत और जकड़ने का तरीका बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए अजगर देखने पर भी उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही बुद्धिमानी है।
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें
वन विभाग ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बेहद महत्वपूर्ण सलाह दी है। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है, तो झाड़-फूंक या किसी भी प्रकार के अंधविश्वासी घरेलू उपचारों में समय गंवाना जानलेवा हो सकता है। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति को बिना कोई देरी किए नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। समय पर डॉक्टरी इलाज और एंटी-वेनम इंजेक्शन मिलने से पीड़ित की जान बचाई जा सकता है। बरसात के इस मौसम में थोड़ी सी सजगता और सुरक्षित दूरी बनाए रखकर किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सकता है।





















