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बेगूसराय में एफआईआर दर्ज: केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह को डाक से मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस टीम दिल्ली रवानाबिहार
9 सित॰ 2026, 12:12 am (16 दिन पहले)· 3

बेगूसराय में एफआईआर दर्ज: केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह को डाक से मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस टीम दिल्ली रवाना

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के दिल्ली दफ्तर में जान से मारने की धमकी वाली चिट्ठी मिलने के बाद बेगूसराय में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की एक टीम जांच के लिए दिल्ली रवाना हुई है।

नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में डाक के जरिए एक धमकी भरा पत्र मिलने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। यह लिफाफा भारत सरकार के केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के पते पर भेजा गया था, जिसमें गंभीर परिणाम भुगतने और हत्या की साजिश की बात लिखी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही बिहार के बेगूसराय जिले के नगर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया गया है। बेगूसराय पुलिस की एक विशेष जांच टीम दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है ताकि डाक भेजने वाले स्थान, लिफाफे पर लिखे फोन नंबरों और इससे जुड़े तार की गहनता से पड़ताल की जा सके।

धमकी भरे पत्र का विवरण और उस पर लिखे दो मोबाइल नंबर

3 सितंबर को नई दिल्ली के नेताजी नगर इलाके में स्थित जीपीओए-3 के कमरा नंबर 5605 में साधारण डाक के जरिए एक लिफाफा प्राप्त हुआ था। लिफाफे के ऊपर स्पष्ट रूप से प्राप्तकर्ता के रूप में 'गिरिराज सिंह, वस्त्र मंत्री, उद्योग भवन, डॉ. मौलाना आजाद रोड, नई दिल्ली-110011' अंकित था। लिफाफे को खोलने पर अंदर अंग्रेजी भाषा में टाइप की गई केवल एक ही पंक्ति का संदेश मिला, जिसमें लिखा था, "You will be killed shortly by hardcore terrorists"।

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इस संक्षिप्त लेकिन बेहद संवेदनशील धमकी भरे संदेश के ठीक नीचे दो अलग-अलग मोबाइल नंबर भी टाइप किए गए थे। इनमें पहला नंबर 9666010152 तथा दूसरा नंबर 8074731849 था। प्राथमिक तकनीकी छानबीन में इन दोनों संपर्क नंबरों का सुराग दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक से जुड़ा हुआ पाया गया है। शुरुआती इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के दौरान यह बात सामने आई है कि ये नंबर कर्नाटक राज्य के कोलार जिले के अंतर्गत आने वाले श्रीनिवासपुरा तालुका के इम्बाला गांव निवासी नीतीश रेड्डी से संबंधित हैं, जिनके पिता का नाम रामकृष्ण रेड्डी बताया जा रहा है।

गृह मंत्रालय को आधिकारिक सूचना और बेगूसराय में एफआईआर

पत्र की गंभीरता और उसमें दी गई सीधी चेतावनी को देखते हुए केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS) योगेंद्र सिंह ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव को आधिकारिक प्रशासनिक माध्यम से एक लिखित पत्र भेजकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही इस पत्राचार की एक प्रतिलिपि बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय को भी प्रेषित की गई ताकि स्थानीय स्तर पर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निर्देश प्राप्त होने के तुरंत बाद बेगूसराय नगर थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। नगर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक सतीश कुमार हिमांशु ने 4 सितंबर को स्वयं अपने बयान के आधार पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। दर्ज की गई रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि किसी केंद्रीय मंत्री की हत्या की साजिश रचना और उन्हें जान से मारने की धमकी देना एक अत्यंत गंभीर और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

भारतीय न्याय संहिता की धाराएं और जांच की दिशा

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न प्रासंगिक धाराओं के तहत केस पंजीकृत किया है। दर्ज एफआईआर में मुख्य रूप से साजिश से जुड़ी धारा 55, जान से मारने की धमकी देने से संबंधित धारा 351(3) और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में धारा 61(2) को शामिल किया गया है। इन कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की गहराई से विवेचना शुरू कर दी गई है।

मामले की प्रगति की जानकारी देते हुए प्रभारी सदर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि चूंकि धमकी भरा पत्र नई दिल्ली में प्राप्त हुआ था, इसलिए घटना की तह तक पहुंचने के लिए बेगूसराय पुलिस के जांच अधिकारी दिल्ली भेजे गए हैं। पुलिस टीम वहां पहुंचकर उस डाकघर और स्थान का मुआयना करेगी जहां से इस साधारण पत्र को पोस्ट किया गया था। इसके अलावा दिल्ली पुलिस और स्थानीय एजेंसियों के सहयोग से पत्र पर दर्ज दोनों मोबाइल नंबरों की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की विस्तृत जांच की जा रही है।

पूर्व में मिली धमकियों का संदर्भ और लंबित मामले

केंद्रीय मंत्री को मिली इस नई धमकी के बाद उनके सुरक्षा तंत्र की समीक्षा भी की जा रही है। बेगूसराय पुलिस के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब मंत्री या उनके सहयोगियों को इस तरह की धमकियां मिली हों। इससे पहले सितंबर 2024 में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जब केंद्रीय मंत्री के तत्कालीन सांसद प्रतिनिधि अमरेन्द्र कुमार अमर के पास एक अनजान नंबर से संपर्क किया गया था।

उस समय अमरेन्द्र कुमार अमर को पाकिस्तान से एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल प्राप्त हुई थी, जिसमें उन्हें और मंत्री से जुड़े लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। हालांकि उस पुरानी घटना के संदर्भ में पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की गई थी, लेकिन उस मामले में अब तक कोई ठोस सफलता या सुराग हासिल नहीं हो सका है। वर्तमान मामले में पुलिस हर पहलू, चाहे वह व्यक्तिगत रंजिश हो, तकनीकी फर्जीवाड़ा हो या किसी गिरोह की साजिश, की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

सवाल-जवाब

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को धमकी कहां और कैसे मिली?
धमकी भरा पत्र 3 सितंबर को नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 के कमरा नंबर 5605 में साधारण डाक के माध्यम से प्राप्त हुआ था।
पत्र में क्या लिखा हुआ था?
पत्र में अंग्रेजी में 'You will be killed shortly by hardcore terrorists' टाइप किया गया था और नीचे दो मोबाइल नंबर लिखे हुए थे।
जांच में शुरुआती सुराग कहां से मिला है?
पत्र में दर्ज दोनों मोबाइल नंबरों का शुरुआती संबंध दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुरा तालुका स्थित इम्बाला गांव से सामने आया है।
बेगूसराय में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है?
बेगूसराय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 55 (साजिश), 351(3) (जान से मारने की धमकी) और 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
क्या पूर्व में भी ऐसा कोई मामला सामने आया था?
सितंबर 2024 में मंत्री के तत्कालीन सांसद प्रतिनिधि अमरेन्द्र कुमार अमर को पाकिस्तान से व्हाट्सएप कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी।
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टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·16 दिन पहले

एक केंद्रीय मंत्री को इस प्रकार की प्रत्यक्ष धमकी मिलना और उसके तार दक्षिण भारत तक जुड़ना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस घटना से राजनीतिक गलियारों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और डिजिटल सर्विलांस को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हो रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की धमकियों से समय रहते निपटा जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·16 दिन पहले

केंद्रीय मंत्री को इस तरह डाक से मिली धमकी से उनकी सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। चूंकि इस मामले के तार कर्नाटक से जुड़ रहे हैं और गृह मंत्रालय को इसकी औपचारिक जानकारी दी जा चुकी है, इसलिए यह मामला महज स्थानीय थाने की जांच तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में केंद्रीय एजेंसियां इसमें हस्तक्षेप कर सकती हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में सुरक्षा और गोपनीयता के मानकों पर एक नई बहस छिड़ सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·16 दिन पहले

केंद्रीय मंत्री को इस तरह सीधे डाक से धमकी मिलना देश की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक गलियारों में एक गंभीर चिंता का विषय है। चूंकि इस मामले के तार कर्नाटक से जुड़ रहे हैं और सर्विलांस के जरिए संदिग्ध नंबरों की शुरुआती कड़ियां सामने आई हैं, इसलिए यह स्पष्ट है कि जांच का दायरा केवल स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रहेगा। गृह मंत्रालय की सीधी दखल और केंद्रीय एजेंसियों के संभावित हस्तक्षेप से यह साफ है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मामले में कड़े प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाएंगे, जिससे राजनीतिक सुरक्षा के मानकों पर नीतिगत समीक्षा भी हो सकती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 दिन पहले

केंद्रीय मंत्री को इस तरह डाक से धमकी मिलना और उसमें कर्नाटक के नंबर मिलना अंतर-राज्यीय सुरक्षा और साइबर-इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की बड़ी चुनौती को रेखांकित करता है। दिल्ली से लेकर बिहार और कर्नाटक तक फैली इस कड़ियों को जोड़ने के लिए एसआईटी को स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर तत्काल तकनीकी विश्लेषण और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की गहराई से जाँच करनी होगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह किसी की शरारत है या किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा।

Rohan Verma@rohan-verma·16 दिन पहले

यह मामला सिर्फ एक धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल और डाक विभाग के जरिए आने वाली सामग्री की सिक्योरिटी ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। चूंकि इस मामले के तार कर्नाटक तक जुड़े मिले हैं, इसलिए जांच एजेंसियों को यह भी टटोलना होगा कि क्या किसी ने सोची-समझी साजिश के तहत स्थानीय नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से इन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया है।

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