मध्य प्रदेश की मुरैना जिला जेल के उप अधीक्षक सुनीत कुमार शर्मा को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हलचल मच गई है। लंबे समय से फरार चल रहे डकैत कल्ली गुर्जर ने कथित तौर पर व्हाट्सऐप कॉल करके जेल अधिकारी को धमकाया और जेल में बंद अपने भाइयों के साथ सख्ती न करने की चेतावनी दी। जेल प्रशासन ने इस गंभीर मामले की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी, जिसके बाद सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने के आरोपों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोपहर में आया व्हाट्सऐप कॉल और दी गई खुली चेतावनी
कोतवाली पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 22 सितंबर 2026 को दोपहर लगभग 12:49 बजे उप अधीक्षक सुनीत कुमार शर्मा के मोबाइल फोन पर एक अनजान व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने बातचीत की शुरुआत में खुद को फरार डकैत कल्ली गुर्जर बताया। उसने जेल अधिकारी से बेहद आक्रामक लहजे में बात की और जेल में बंद अपने भाइयों की बैरक बदले जाने को लेकर सवाल खड़े किए। फोन करने वाले ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर उसके भाइयों के साथ किसी भी प्रकार की कड़ाई की गई या उन्हें किसी दूसरी जेल में स्थानांतरित करने का कदम उठाया गया, तो इसका अंजाम बेहद बुरा होगा।
शिकायत पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि बातचीत के दौरान कॉलर ने आपत्तिजनक और गाली-गलौज भरी भाषा का खुलकर प्रयोग किया। सीधे जेल अधिकारी को इस तरह की धमकी मिलने के बाद जेल परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई। उप अधीक्षक ने बिना देरी किए जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और कारागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी घटना से अवगत कराया। इसके बाद शाम करीब सात बजे सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर औपचारिक लिखित तहरीर सौंपी गई, जिस पर पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
जेल के अलग-अलग वार्ड में रखे गए हैं डकैत के तीन भाई
पुलिस जांच में सामने आया है कि कल्ली गुर्जर के तीन भाई विभिन्न आपराधिक मामलों में मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्य राजस्थान की पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों के बाद से मुरैना जिला जेल में निरूद्ध हैं। जेल नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जेल प्रशासन ने तीनों भाइयों को अलग-अलग बैरकों में सुरक्षित रखा है, ताकि वे जेल के भीतर किसी तरह का गुट न बना सकें। इसी व्यवस्था को बदलने और तीनों को एक साथ रखने के लिए कल्ली गुर्जर की तरफ से लगातार दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा था।
शिकायत के ब्योरे के मुताबिक, डकैत के कुछ नाते-रिश्तेदार भी पिछले कुछ समय से जेल प्रबंधन पर इस बात का अनुचित दबाव बना रहे थे कि तीनों भाइयों को एक ही बैरक में शिफ्ट कर दिया जाए। जब जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए उनकी मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया, तब बौखलाहट में आकर सीधे जेल उप अधीक्षक को फोन पर निशाना बनाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
चंबल संभाग और राजस्थान में फैला है आपराधिक नेटवर्क
मुरैना जिले के सरायछौला थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवासिन गांव का निवासी कल्ली गुर्जर पुलिस रिकॉर्ड में शातिर अपराधी के रूप में दर्ज है और काफी समय से कानून की गिरफ्त से बाहर है। उसके खिलाफ मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर सहित पूरे चंबल संभाग के थानों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा राजस्थान के धौलपुर जिले में भी उसके खिलाफ आपराधिक वारदातों के केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उसके भाई भी पूर्व में उसके साथ कई आपराधिक घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
इलाके में वर्चस्व की लड़ाई के दौरान उसके एक भाई बंटी गुर्जर की हत्या हो चुकी है, जिसके बाद से कल्ली गुर्जर द्वारा बदले की नीयत से वारदातों को अंजाम देने की बातें भी सामने आती रही हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त रूप से उसकी गिरफ्तारी पर लगभग 60 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित कर रखा है। दोनों राज्यों की पुलिस लंबे समय से बीहड़ों और संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश में जुटी हुई है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बनाई विशेष रणनीति
मुरैना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्रपाल सिंह डाबर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जेल उप अधीक्षक की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में रुकावट डालने और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नंबर की लोकेशन और नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है तथा इस प्रकार के दबाव को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फरार इनामी डकैत की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों को सतर्क कर दिया गया है और चंबल के बीहड़ों व सीमावर्ती इलाकों में दबिश की कार्रवाई तेज की जा रही है ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
























