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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर शुरू हुआ डिजी यात्रा का ट्रायल, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों को मिलेगी चेहरे से पहचान की सुविधाभारत
27 अक्तू॰ 2026, 9:49 pm (2 घंटे पहले)· 0

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर शुरू हुआ डिजी यात्रा का ट्रायल, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों को मिलेगी चेहरे से पहचान की सुविधा

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों के लिए डिजी यात्रा का ट्रायल शुरू हो गया है। इसके जरिए यात्री चेहरे की बायोमेट्रिक पहचान से टर्मिनल में प्रवेश और सुरक्षा जांच करा सकेंगे।

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए हवाई अड्डे पर प्रवेश और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया अब काफी सुविधाजनक होने जा रही है। एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान के लिए डिजी यात्रा सुविधा का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। इसके तहत कुछ चुनिंदा उड़ानों के पात्र यात्री अपनी पहचान दस्तावेजों की जगह चेहरे के जरिए सत्यापित करवा सकेंगे। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को बार-बार अपनी आईडी और अन्य यात्रा दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ट्रायल की शुरुआत

बेंगलुरु एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए डिजी यात्रा के ट्रायल्स डीवाई-आईपीटी 27 अक्टूबर से प्रारंभ कर दिए गए हैं। फिलहाल इस सुविधा का लाभ सीमित और चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों को ही मिल रहा है। परीक्षण के इस शुरुआती चरण में मुख्य रूप से टर्मिनल एंट्री और सिक्योरिटी चेक की प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य विदेश जाने वाले यात्रियों के सफर को अधिक सहज, संपर्क रहित और सुविधाजनक बनाना है। डिजी यात्रा के माध्यम से यात्रियों की पहचान सुरक्षित डिजिटल क्रेडेंशियल्स और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के आधार पर की जाएगी।

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ई-पासपोर्ट और फेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया

केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यह सुविधा सक्रिय होने के बाद यात्रियों को हवाई अड्डे के भीतर विभिन्न स्थानों पर बार-बार दस्तावेज दिखाने से राहत मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इस तकनीक का उपयोग करने के लिए सबसे पहले डिजी यात्रा ऐप पर अपनी पहचान पंजीकृत करवानी होगी। इसके लिए शुरुआती चरण में ई-पासपोर्ट की चिप को मान्य किया जाएगा। इसके बाद फोटो सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद यात्री के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल ट्रैवल क्रेडेंशियल तैयार किया जाता है। इसके आधार पर उन सभी टचपॉइंट्स पर फेस-इनेबल्ड प्रोसेसिंग के जरिए पहचान सुनिश्चित की जाती है जहां यह सुविधा काम कर रही है। शुरुआत में हालांकि यह व्यवस्था टर्मिनल एंट्री और सुरक्षा जांच तक ही सीमित है, लेकिन चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इसे बोर्डिंग गेट तक विस्तारित किए जाने की भी पूरी संभावना है।

इंडिगो और एयर इंडिया की उड़ानों में हो रहा परीक्षण

मौजूदा ट्रायल के अंतर्गत इंडिगो और एयर इंडिया की कुछ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शामिल किया गया है। चूंकि इस सुविधा का दायरा अभी काफी सीमित है, इसलिए यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय यात्री को तुरंत इसका लाभ मिल सके। यात्रियों को इस बात का भी विशेष ध्यान रखना होगा कि डिजी यात्रा शुरू होने का यह कतई अर्थ नहीं है कि पासपोर्ट या अन्य अनिवार्य यात्रा दस्तावेजों की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो गई है। इमिग्रेशन और उससे जुड़ी निकास प्रक्रियाएं पहले की भांति ही सामान्य रूप से जारी रहेंगी। यात्रियों को अपने सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज हर समय अपने पास रखने होंगे। इसके अलावा, संबंधित एयरलाइंस के निर्धारित काउंटर्स पर होने वाला जरूरी दस्तावेज सत्यापन भी अनिवार्य रूप से जारी रहेगा।

लाखों यूजर्स कर रहे हैं डिजी यात्रा का इस्तेमाल

डिजी यात्रा का उपयोग देश में अब तक मुख्य रूप से घरेलू हवाई यात्राओं के दौरान बड़े पैमाने पर किया जाता रहा है। वर्तमान स्थिति में इस प्लेटफॉर्म के कुल यूजर्स की संख्या 2.65 करोड़ से अधिक हो चुकी है। हवाई अड्डों पर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए यात्रियों की यात्रा को सरल और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान उड़ानों में इस प्रणाली का विस्तार इसी दीर्घकालिक योजना का एक अहम हिस्सा है। सुरक्षित डिजिटल पहचान और चेहरे की पहचान आधारित प्रोसेसिंग को आपस में जोड़कर बार-बार दस्तावेज जांच की जरूरत को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इस परीक्षण से एक ऐसा मजबूत फ्रेमवर्क विकसित करने में मदद मिलेगी जिसे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अन्य जरूरतों के हिसाब से और अधिक आगे बढ़ाया जा सके।

पहले भी हो चुका है तकनीकी परीक्षण

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए शुरू किए जाने वाले इन ट्रायल्स की तैयारी के वास्ते बीएलआर एयरपोर्ट पर वर्ष 2026 की शुरुआत में एक तकनीकी प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट भी आयोजित किया गया था। उस परीक्षण में आईएटीए, इंडिगो, सीटा और डिजी यात्रा संगठन ने संयुक्त रूप से अपनी हिस्सेदारी निभाई थी। उस दौरान सुरक्षित डिजिटल क्रेडेंशियल्स और बायोमेट्रिक-इनेबल्ड प्रोसेसिंग की मदद से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक एकीकृत और संपर्क रहित यात्रा अनुभव की संभावनाओं पर विचार किया गया था। अब इन नए ट्रायल्स के माध्यम से इस तकनीक को चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रस्थान के समय वास्तविक रूप में परखा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के संचालन को और अधिक कुशल बनाना तथा यात्रियों को भविष्य के अनुकूल डिजिटल यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।

सवाल-जवाब

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए डिजी यात्रा का ट्रायल कब से शुरू हुआ है?
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए डिजी यात्रा के ट्रायल्स 27 अक्टूबर से शुरू कर दिए गए हैं।
इस ट्रायल में किन एयरलाइंस की उड़ानों को शामिल किया गया है?
इस ट्रायल के तहत इंडिगो और एयर इंडिया की चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शामिल किया गया है।
डिजी यात्रा सुविधा का लाभ उठाने के लिए क्या प्रक्रिया है?
यात्रियों को डिजी यात्रा ऐप पर अपनी पहचान रजिस्टर करानी होगी, जिसमें ई-पासपोर्ट चिप का सत्यापन और फोटो वेरिफिकेशन शामिल है।
शुरुआती चरण में यह सुविधा किन जगहों पर उपलब्ध है?
शुरुआत में यह सुविधा टर्मिनल एंट्री और सिक्योरिटी चेक तक सीमित रखी गई है।
क्या डिजी यात्रा शुरू होने के बाद पासपोर्ट साथ रखना जरूरी है?
हाँ, इमिग्रेशन और एग्जिट प्रक्रिया के लिए सभी जरूरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स और पासपोर्ट साथ रखना अनिवार्य है।
वर्तमान में डिजी यात्रा के कुल कितने यूजर्स हैं?
डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म के वर्तमान में 2.65 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·54 मिनट पहले

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल उड़ानों के लिए डिजी यात्रा का ट्रायल शुरू होना बहुत काम की बात है। अब लाइन में खड़े होकर बार-बार पासपोर्ट और टिकट दिखाने के झंझट से छुटकारा मिलेगा। सफर और भी तेज हो जाएगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

27 अक्टूबर से ट्रायल शुरू हो गया है, इंडिगो और एयर इंडिया की कुछ उड़ानों पर ही सही, पर शुरुआत तो हुई।

Michael Anderson@michael-anderson·1 घंटे पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा शुरुआत तो हुई है! लेकिन क्या अमेरिकी एयरपोर्ट्स पर भी कभी ऐसा फेस रिकग्निशन सिस्टम पूरी तरह से लागू हो पाएगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

चेहरे की पहचान से लाइन तो कम होगी, पर विदेश यात्रा में कागज़ी जांच पूरी तरह हटेगी, इस पर पूरा भरोसा नहीं होता।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

करण जी, बात सही है आपकी, कागज़ तो वैसे भी इमिग्रेशन में लगेंगे ही, पर लाइन से तो राहत मिल जाएगी थोड़ा बहुत।

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