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भारी बारिश ने रोके वैष्णो देवी के रास्ते, भूस्खलन के खतरे से कटरा बेस कैंप में फंसे हजारों श्रद्धालुजम्मू-कश्मीर
22 जुल॰ 2026, 4:03 pm (107 दिन पहले)· 1

भारी बारिश ने रोके वैष्णो देवी के रास्ते, भूस्खलन के खतरे से कटरा बेस कैंप में फंसे हजारों श्रद्धालु

जम्मू कश्मीर में भयंकर बारिश और भूस्खलन के कारण माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्रा को रोक दिया गया है, जिससे हजारों यात्री सुरक्षित मौसम का इंतजार कर रहे हैं।

खराब मौसम के कारण जम्मू कश्मीर के हालात बिगड़ गए हैं, जिसका सीधा असर बड़े धार्मिक कार्यक्रमों पर पड़ा है। लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ों के दरकने के खौफ की वजह से प्रशासन ने श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा को लगातार चौथे दिन के लिए रोक दिया है। हालात की गंभीरता को समझते हुए अधिकारियों ने सबसे ऊपर लोगों की जान की सुरक्षा को रखा है। इसी कारण कटरा में हजारों की तादाद में श्रद्धालु फंसे हैं जो आसमान के साफ होने की राह देख रहे हैं।

लंबे समय तक दर्शन पर लगी इस रोक से शहर में भक्तों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद कुछ यात्रियों ने अपनी योजना बदलते हुए वापस अपने घरों की तरफ रुख कर लिया है, जबकि बहुत से लोग अभी भी वहां टिके हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और स्थानीय अधिकारियों की तरफ से बिल्कुल साफ संदेश दिया गया है कि पहाड़ों पर मौसम के हालात पूरी तरह से सुधरने के बाद ही किसी को आगे जाने दिया जाएगा। इसके साथ ही जब तक पूरे रास्ते की अच्छी तरह जांच करके उसे पैदल चलने के लिए सुरक्षित नहीं मान लिया जाता, तब तक किसी भी श्रद्धालु को गुफा की तरफ बढ़ने की इजाजत नहीं होगी।

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यात्रियों की मदद के लिए खुले लंगर

इस संकट की घड़ी में बाहरी लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए कटरा में कई जगह मुफ्त भोजन बांटे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कई सामाजिक संगठनों और श्राइन बोर्ड ने यह जिम्मेदारी उठाई है। शहर में कई जगहों पर लंगर लगाए गए हैं ताकि दूर-दराज से आए भक्तों को भूखा न रहना पड़े।

भोजन बांटने के इस काम में भूमिका मंदिर सबसे बड़ा केंद्र बनकर सामने आया है। यहां हर दिन भारी तादाद में भक्त पहुंचते हैं, जिनके लिए गर्म खाने और माता के प्रसाद का खास इंतजाम किया गया है। लोगों की यह सेवा भावना दिखाती है कि प्रशासन की तरफ से हरी झंडी मिलने तक यात्रियों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

शिवखोड़ी धाम जाने वाले रास्ते भी बंद

बारिश के कहर ने केवल कटरा को ही नहीं, बल्कि रियासी जिले के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। मौजूदा खतरनाक हालातों को देखते हुए मशहूर शिवखोड़ी यात्रा पर भी पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया गया है। यहां के जलग्रहण इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के चलते दर्शन मार्ग के बिल्कुल करीब बहने वाली दूध गंगा नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है।

नदी के भयंकर उफान और पानी के तेज बहाव को भांपते हुए प्रशासन ने फौरन एक्शन लिया। किसी भी तरह के बड़े हादसे को टालने के मकसद से पवित्र गुफा की तरफ जाने वाली सारी आवाजाही को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे हालात में लोगों को उफनती नदी के पास से गुजरने देना एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है।

भारी तबाही और राजमार्ग ठप

लगातार बरस रहे पानी ने सिर्फ तीर्थयात्राओं को ही नहीं रोका है, बल्कि पूरे जम्मू कश्मीर में भयंकर विनाश का मंजर पैदा कर दिया है। पहाड़ों के टूटने और मिट्टी खिसकने की अनगिनत घटनाओं के बाद अहम जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे को यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। हाल ही में सामने आए कुछ डरावने वीडियो में गाड़ियां बाढ़ के पानी में प्लास्टिक के खिलौनों की तरह बहती हुई दिखाई दी हैं, जो जमीनी हालात की गंभीरता को बयान करती हैं।

प्राकृतिक आपदा के इस दौर में जान-माल का भी काफी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में अब तक तेईस लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही सात अन्य लोग अब भी लापता हैं, जिनकी खोजबीन के लिए प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।

सख्त अलर्ट और बचाव के निर्देश

जम्मू संभाग के कई संवेदनशील हिस्सों को लेकर मौसम विभाग ने बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन चेतावनियों के आते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है। नदियों के जलस्तर और खिसकती जमीन पर नजर रखने के लिए खतरे वाले सभी इलाकों में गश्त काफी तेज कर दी गई है।

अधिकारियों ने कड़े शब्दों में निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति पानी के बहाव वाले क्षेत्रों के आस-पास न जाए। लोगों को हिदायत दी गई है कि वे भूस्खलन के खतरे वाले रास्तों से बचें और जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक सफर पर न निकलें। इसके साथ ही फंसे हुए यात्रियों से शांति बनाए रखने और सिर्फ सरकारी घोषणाओं पर ही यकीन करने को कहा गया है, ताकि भ्रामक जानकारियों से बचा जा सके और चरणबद्ध तरीके से यात्रा शुरू होने पर सही सूचना मिल सके।

सवाल-जवाब

माता वैष्णो देवी यात्रा क्यों रोकी गई है?
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यात्रा पर रोक लगा दी है।
वैष्णो देवी यात्रा लगातार कितने दिनों से बंद है?
खराब मौसम के कारण यह यात्रा लगातार चौथे दिन भी पूरी तरह से बंद रही है।
कटरा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
श्राइन बोर्ड और स्थानीय लोगों ने भूमिका मंदिर सहित शहर में कई जगहों पर मुफ्त लंगर की व्यवस्था की है।
शिवखोड़ी यात्रा को क्यों रोकना पड़ा?
भारी बारिश से दूध गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिसके कारण यात्रा रोक दी गई है।
जम्मू कश्मीर में बारिश से कितना नुकसान हुआ है?
बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है और 7 लोग लापता हैं।
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