एंथ्रोपिक के आईपीओ दस्तावेजों से खुलासे, जानें कैसे बना रही है अपने कस्टमर्स को लॉयलबाराबंकी का पौराणिक पारिजात वृक्ष बना शिव भक्तों का केंद्र, भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं इसके सुनहरे फूलवर्ल्ड अंडर-19 बॉक्सिंग में आदित्य का कमाल, खिताबी मुकाबले में पक्की की जगहऐप्पल का फोल्डेबल फोन मार्केट में आते ही विवादों में, स्क्रीन टूटने की शिकायतों के बीच आईफिक्सिट ने खोली सच्चाईअनुराधा पौडवाल ने चरम कामयाबी के बीच क्यों छोड़ दी थी फिल्मी दुनियामौत के बाद अब खाद बनेगा इंसानी शरीर, ऑस्ट्रेलिया के इस राज्य ने दी अनोखी कानूनी मंजूरीसोने की चाल 4,000 डॉलर के पास अटकी, सिस्टमैटिक बिकवाली के बीच केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने संभाला मोर्चाईसीबी की नीतिगत बैठक और फ्रांस के बॉन्ड संकट के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचलरजनीकांत की 'जेलर 2' ने 12वें दिन पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा, बनी सबसे बड़ी तमिल फिल्मअरुणाचल सीमा विवाद पर बीजिंग की प्रतिक्रिया, भारत से सहयोग की अपील
बीड में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में छोड़े दस्ताने और टिश्यू, पुणे में इमरजेंसी सर्जरी के बाद हालत गंभीरभारत
20 अग॰ 2026, 11:38 am (68 दिन पहले)· 3

बीड में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में छोड़े दस्ताने और टिश्यू, पुणे में इमरजेंसी सर्जरी के बाद हालत गंभीर

महाराष्ट्र के बीड जिला अस्पताल में 19 वर्षीय संध्या गायकवाड़ की सी-सेक्शन सर्जरी के दौरान पेट में सर्जिकल ग्लव्स और पेपर टिश्यू छूट गए। दर्द बढ़ने पर पुणे के ससून अस्पताल में इमरजेंसी सर्जरी कर इन्हें बाहर निकाला गया।

महाराष्ट्र के बीड जिला अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही का एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां 19 वर्षीय एक प्रसूता की सी-सेक्शन सर्जरी के दौरान डॉक्टरों और सर्जिकल टीम द्वारा भारी चूक की गई। डिलीवरी के वक्त इस्तेमाल किए गए सर्जिकल उपकरण और सामग्री मरीज के पेट के भीतर ही छोड़ दिए गए, जिससे महिला की जान पर बन आई है। बीड की रहने वाली संध्या सूरज गायकवाड़ की 1 अगस्त को जिला अस्पताल में सी-सेक्शन डिलीवरी कराई गई थी। प्रसव के चार दिनों बाद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य स्थिति सामान्य मानते हुए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी थी।

सर्जरी के बाद बढ़ा दर्द और स्कैन में खुलासा

अस्पताल से घर लौटने के बाद संध्या की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उन्हें पेट में असहनीय और तीव्र दर्द का सामना करना पड़ा। दर्द में लगातार वृद्धि होने पर चिंतित परिजन उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने जब मरीज की गहन जांच की और अल्ट्रासाउंड तथा सीटी स्कैन कराया, तो रिपोर्ट देखकर सब हैरान रह गए। स्कैन में स्पष्ट हुआ कि महिला के पेट के निचले हिस्से में कुछ बाहरी वस्तुएं मौजूद हैं। इसके बाद यह तथ्य उजागर हुआ कि बीड जिला अस्पताल में हुई सी-सेक्शन सर्जरी के दौरान इस्तेमाल किए गए सर्जिकल सामान को पेट के अंदर ही बंद कर दिया गया था।

ये भी पढ़ें

पुणे के ससून अस्पताल में हुई इमरजेंसी सर्जरी

महिला की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत पुणे के ससून अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। वहां विशेषज्ञों की एक टीम ने आपातकालीन स्थिति में संध्या की दोबारा बड़ी सर्जरी की। इस इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने पेट के अंदर से सर्जिकल ग्लव्स यानी दस्ताने और पेपर टिश्यू वाइप्स को बाहर निकाला। कई दिनों तक ये वस्तुएं शरीर के भीतर रहने के कारण अंदरूनी संक्रमण फैल गया, जिससे मरीज की हालत फिलहाल अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

परिजनों की पीड़ा और नवजात को गोद लेने में असमर्थ मां

इस घटना से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। महिला की मां ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी बेटी की शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि वह अपने नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाने की स्थिति में भी नहीं है। पीड़ित महिला के पति ने पूरे मेडिकल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। एक तरफ जहां घर में नए मेहमान के आने की खुशियां होनी चाहिए थीं, वहीं अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण परिवार गंभीर मानसिक और भावनात्मक तनाव झेल रहा है।

18 अगस्त को शिकायत दर्ज और विभागीय कार्रवाई का आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए 18 अगस्त को पीड़ित परिवार ने बीड जिला अस्पताल प्रशासन के समक्ष औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद जिला शल्य चिकित्सक सतीशकुमार सोलंकी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रसव और सर्जरी की प्रक्रिया में शामिल सभी संबंधित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक कर्मी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

बीड जिला अस्पताल में क्या लापरवाही हुई?
19 वर्षीय संध्या गायकवाड़ की सी-सेक्शन सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने पेट के अंदर सर्जिकल ग्लव्स और पेपर टिश्यू वाइप्स छोड़ दिए।
पीड़ित महिला की सर्जरी के बाद वस्तुएं कहां निकाली गईं?
गंभीर हालत में महिला को पुणे के ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इमरजेंसी सर्जरी के जरिए दस्ताने और टिश्यू बाहर निकाले गए।
परिवार ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत कब दर्ज कराई?
पीड़ित परिवार ने 18 अगस्त को बीड जिला अस्पताल प्रशासन के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
लापरवाही के आरोपी डॉक्टरों पर क्या कार्रवाई की गई है?
बीड के सिविल सर्जन डॉ. सतीशकुमार सोलंकी ने सर्जरी टीम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp