पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालसंघर्षों को मात देकर सिनेमा में बनाई मुकाम, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दिव्या दत्ता की अनूठी दास्तानतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और भू-राजनीतिक तनाव से यूरो पस्त, डॉलर मजबूतगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपाय
बिहार के सुपौल में झूलन पर्व पर बेकाबू कार घुसी श्रद्धालुओं की भीड़ में, 3 लोगों ने तोड़ा दमबिहार
26 अग॰ 2026, 12:29 am (30 दिन पहले)· 3

बिहार के सुपौल में झूलन पर्व पर बेकाबू कार घुसी श्रद्धालुओं की भीड़ में, 3 लोगों ने तोड़ा दम

सुपौल के पिपरा थाना क्षेत्र में झूलन उत्सव के दौरान मंदिर के पास कीर्तन कर रहे लोगों पर बेकाबू कार चढ़ गई, जिससे 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 3 गंभीर रूप से घायल हो गए।

बिहार के सुपौल जिले से एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है, जहां झूलन पर्व के पावन अवसर पर मंदिर परिसर के समीप भजन कर रहे लोगों को एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने बुरी तरह कुचल दिया। पिपरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार देर शाम घटित इस भीषण हादसे में 3 श्रद्धालुओं की घटनास्थल पर ही जान चली गई, जबकि 3 अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस आकस्मिक घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा।

झूलन पर्व के दौरान मंदिर के पास पसरा मातम

मिली जानकारी के मुताबिक पिपरा थाना क्षेत्र में स्थित कटैया गोठ चौक पर बने बजरंगबली मंदिर परिसर में झूलन उत्सव का आयोजन चल रहा था। इस धार्मिक कार्यक्रम में गांव के तमाम लोग एकत्रित होकर भक्ति भाव से भजन-कीर्तन में लीन थे। इसी दौरान पिपरा की दिशा से आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर भीड़ में जा घुसी। वाहन की गति इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई श्रद्धालु इसकी सीधी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया।

ये भी पढ़ें

हादसे में 3 लोगों की मौत और 3 लोग गंभीर रूप से घायल

इस सड़क हादसे में कटैया पंचायत के वार्ड संख्या 15 निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र यादव, वार्ड संख्या 12 के निवासी 65 वर्षीय तिलाई उर्फ तिलो दास और 50 वर्षीय राजू दास की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दुर्घटना में तीन अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी पहचान भुवनेश्वरी यादव, रामचंद्र यादव और कृष्ण मोहन साह के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए सदर अस्पताल सुपौल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है।

भागने के प्रयास में गैरेज से टकराई दुर्घटनाग्रस्त कार

हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक ने गाड़ी रोकने के बजाए रफ्तार बढ़ा दी और मौके से फरार होने की कोशिश की। हालांकि थोड़ी ही दूरी पर जाकर अनियंत्रित वाहन सड़क किनारे स्थित एक गैरेज में जा घुसा। संयोग से उस समय गैरेज के अंदर संचालक या कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

एनएच-327ई पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन और सड़क जाम

जैसे ही तीन ग्रामीणों की मौत की सूचना आसपास के इलाकों में फैली, लोगों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर सुपौल-पिपरा मुख्य मार्ग के साथ-साथ एनएच-327ई को पूरी तरह से बाधित कर दिया। सड़क जाम होने की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया। प्रदर्शनकारी प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तुरंत सहायता राशि देने और लापरवाह चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा और जांच शुरू

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पिपरा थाने की पुलिस बल के अलावा सदर इंस्पेक्टर संजय यादव, सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहू तथा साइबर डीएसपी सौरभ गुप्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों ने उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया और उचित न्याय का आश्वासन दिया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल मौके पर कैंप कर रहा है। फिलहाल पुलिस कार के पंजीकरण नंबर के आधार पर उसके मालिक और दुर्घटना के वक्त गाड़ी चला रहे चालक की पहचान करने में जुटी हुई है। इस घटना ने एनएच-327ई पर वाहनों की तेज रफ्तार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सवाल-जवाब

सुपौल में यह हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा बिहार के सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित कटैया गोठ चौक पर बजरंगबली मंदिर के पास मंगलवार देर शाम को हुआ।
दुर्घटना में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हुए?
इस सड़क दुर्घटना में 3 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
हादसे के शिकार मृतकों और घायलों के नाम क्या हैं?
मृतकों में सुरेंद्र यादव, तिलाई उर्फ तिलो दास और राजू दास शामिल हैं। घायलों में भुवनेश्वरी यादव, रामचंद्र यादव और कृष्ण मोहन साह हैं, जिनका इलाज सदर अस्पताल सुपौल में चल रहा है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने क्या मांग रखी?
गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी चालक की गिरफ्तारी और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर सुपौल-पिपरा मार्ग और एनएच-327ई पर जाम लगाया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·30 दिन पहले

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा की गंभीर विफलता को दर्शाती है, बल्कि सार्वजनिक आयोजनों के दौरान चिकित्सा आपातकाल और मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन की कमी को भी उजागर करती है। ऐसे हादसों में घायल लोगों को त्वरित ट्रॉमा केयर मिलना जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, वहीं इस अचानक हुए आघात से पीड़ित परिवारों और गवाहों में उत्पन्न होने वाले गंभीर मानसिक तनाव व पीटीएसडी से निपटने के लिए जिला प्रशासन को तुरंत मनोवैज्ञानिक सहायता और परामर्श शिविरों की व्यवस्था करनी चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·30 दिन पहले

बिहार के सुपौल की यह दुर्घटना न केवल एक दुखद हादसा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनियंत्रित रफ्तार और सड़क सुरक्षा नियमों के अभाव की गंभीर समस्या को उजागर करती है। त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक आयोजनों के पास यातायात प्रबंधन की घोर कमी साफ दिखती है। एनएच-327ई पर हुआ यह विरोध प्रदर्शन प्रशासनिक चूक और जनता के बढ़ते आक्रोश का परिणाम है। ऐसे मामलों में तेज न्याय, त्वरित मुआवजा और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर व बैरिकेडिंग जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाएं भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·30 दिन पहले

यह घटना ग्रामीण भारत में लचर यातायात प्रबंधन और राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेलगाम गति के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक और सख्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था करनी चाहिए, अन्यथा इस तरह के विरोध प्रदर्शन कानून-व्यवस्था की बड़ी समस्या बन सकते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·30 दिन पहले

सुपौल की यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-पालन की बड़ी विफलता को दर्शाती है। धार्मिक आयोजन के दौरान तेज रफ्तार वाहन का भीड़ में घुसना और चालक का भागने का प्रयास गंभीर आपराधिक लापरवाही है। एनएच-327ई पर हुआ प्रदर्शन जनआक्रोश का परिणाम है। आगे की कानूनी कार्रवाई में आरोपी चालक की गिरफ्तारी, वाहन की फॉरेंसिक जाँच और त्वरित न्याय प्रक्रिया सबसे अहम होगी ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।

Rohan Verma@rohan-verma·30 दिन पहले

यह हादसा बिहार के ग्रामीण इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर अनियंत्रित यातायात और सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलता है। एनएच-327ई पर हुआ सड़क जाम प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि ऐसे आयोजनों के दौरान पुलिस पिकेटिंग और बैरिकेडिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी। अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि फरार चालक की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो और घायलों के इलाज के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को पारदर्शी मुआवजा प्रक्रिया के तहत तुरंत राहत मिले, अन्यथा यह जनआक्रोश कानून-व्यवस्था की बड़ी समस्या बन सकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp