उत्तर प्रदेश के देवरिया में आयोजित समाजवादी पार्टी के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मंच पर पार्टी समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव के आयोजन स्थल पर कदम रखते ही उनके अभिवादन और स्वागत की होड़ लग गई। मंच पर अप्रत्याशित रूप से इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए कि वरिष्ठ नेताओं के लिए बैठने तक का स्थान नहीं बचा।
मंच पर अनियंत्रित भीड़ और सांसदों का पीछे बैठना
यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार को उस वक्त देखने को मिला जब शिवपाल यादव स्वर्गीय मोहन सिंह की श्रद्धांजलि सभा में भाग लेने के लिए देवरिया पहुंचे थे। जैसे ही वे मुख्य मंच की ओर बढ़े, उनके पीछे-पीछे बड़ी तादाद में कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए। देखते ही देखते मंच पूरी तरह कार्यकर्ताओं से घिर गया और वहां धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। इस भारी दबाव के कारण सलेमपुर क्षेत्र के सांसद रमाशंकर राजभर और सुल्तानपुर के सांसद राम भुआल निषाद को अपनी कुर्सियां खाली करनी पड़ीं।
मंच पर बैठने की जगह न मिलने की वजह से दोनों सांसदों को नीचे उतरकर पीछे की सामान्य कतार में स्थान लेना पड़ा। कुछ ही देर में जब वहां मौजूद मीडिया कर्मियों के कैमरे सांसदों के पीछे बैठने के दृश्य की तरफ घूमे, तब आयोजकों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। मंच से लाउडस्पीकर के जरिए दोनों सांसदों को पुनः ऊपर आमंत्रित करने की घोषणा की गई, किंतु मंच पर पहले से जमी अनियंत्रित भीड़ के चलते बैठने की समुचित और सहज व्यवस्था नहीं बन पाई।
शिवपाल यादव की अनुशासन की सीख
मंच पर स्थिति कुछ शांत होने के बाद शिवपाल यादव ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अनुशासित रहकर संगठित रूप से काम करे, तो मौजूदा शासन को सत्ता से बाहर करने में अधिक समय नहीं लगेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भीड़ तंत्र से दूर रहकर पार्टी संगठन की मर्यादा का पालन करने की हिदायत दी।
ओमप्रकाश राजभर के बयान पर तीखा पलटवार
सभा के दौरान संवाददाताओं ने शिवपाल यादव से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर द्वारा हाल ही में दिए गए एक विवादास्पद बयान को लेकर सवाल किया। राजभर ने टिप्पणी की थी कि समाजवादी पार्टी द्वारा पीडीए रथ को भगवा रंग में रंगना जनता को कारसेवकों और रामभक्तों पर चली गोलियों की याद दिलाएगा। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवपाल यादव ने बेहद तल्ख रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है और उन्हें किसी कुशल चिकित्सक की सख्त आवश्यकता है। शिवपाल यादव ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि यदि राजभर को कोई अच्छा डॉक्टर नहीं मिल रहा है, तो वे उनसे परामर्श ले सकते हैं, वे खुद उनके लिए एक बेहतर चिकित्सक का प्रबंध करवा देंगे।




















