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चामराजनगर में तीन तमिलों की मौत पर गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री विजय की निष्पक्ष जांच की मांगभारत
17 अग॰ 2026, 7:28 pm (45 दिन पहले)· 1

चामराजनगर में तीन तमिलों की मौत पर गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री विजय की निष्पक्ष जांच की मांग

कर्नाटक के चामराजनगर में वन विभाग की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच राजनीतिक तकरार तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विजय ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि डीके शिवकुमार ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।

कर्नाटक के चामराजनगर जिले में तीन तमिल नागरिकों की गोलीबारी में जान गंवाने का मामला अब गंभीर राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। इस घटना को लेकर पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कड़ा एतराज जताया है और कर्नाटक वन विभाग की तरफ से सामने आई सफाई को सिरे से खारिज करते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की एक निष्पक्ष और गहराई से जांच कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में हुई घटना

यह पूरा मामला 15 अगस्त की तड़के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के भीतर सामने आया था। शुरुआती ब्योरे के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोग कथित तौर पर जंगल के अंदर वन्यजीवों का शिकार करने के इरादे से दाखिल हुए थे। इस बात की सूचना मिलने के बाद वन विभाग का एक दल तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंच गया। आरोप लगाया गया है कि उन संदिग्ध शिकारियों ने वहां मौजूद वनकर्मियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसके बाद आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ की स्थिति बन गई।

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मृतकों की हुई पहचान और बरामदगी

इस आपसी गोलीबारी के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई जिनकी पहचान एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में की गई है। स्थानीय पुलिस और वन विभाग ने घटनास्थल से एक बंदूक के साथ-साथ कुछ दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान भी अपने कब्जे में लेने की बात कही है। फिलहाल मारे गए तीनों व्यक्तियों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है ताकि मौत के असली कारणों की पुष्टि हो सके।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की कड़ी प्रतिक्रिया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस पूरे वाकये पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चामराजनगर जिले के हनूर तालुका के विभिन्न गांवों से ताल्लुक रखने वाले तीन तमिल लोगों को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के भीतर वन विभाग के अधिकारियों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके साथ ही विजय ने कर्नाटक सरकार से यह मांग भी की कि वे मृतकों के शोक संतप्त परिवारों को हरसंभव आर्थिक और व्यावहारिक सहायता प्रदान करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस खूनी संघर्ष की पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

डीके शिवकुमार का पक्ष और वनकर्मियों के दावे

दूसरी तरफ कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया के सामने आकर बताया कि उन्हें इस घटना की खबर सुबह लगभग 5 बजे मिल गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें शुरुआती रिपोर्ट से अवगत करा दिया है। शिवकुमार के अनुसार वनकर्मियों ने संदिग्ध शिकारियों के पास से हथियार यानी बंदूकें और जंगली जानवरों के मांस से भरे हुए कुल दो बैग बरामद किए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले संदिग्धों ने ही वनकर्मियों पर हमला करते हुए गोली चलाई थी, जिसके जवाब में बल प्रयोग करना पड़ा। शिवकुमार ने इस बात का भी खुलासा किया कि गोलीबारी के दौरान एक अन्य व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहा।

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश और विपक्ष की प्रतिक्रिया

कर्नाटक सरकार ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दे दिए हैं। डीके शिवकुमार ने यह आश्वासन भी दिया है कि इस जांच की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का संकेत भी दिया, हालांकि इसके लिए अभी तक कोई निश्चित राशि तय नहीं की गई है। वहीं दूसरी ओर इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है और विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष अशोक ने इस गोलीबारी की शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गोली चलानी ही थी तो वह पैरों पर लगनी चाहिए थी, न कि सीधे सीने या दिल पर। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि कमिश्नर की तरफ से प्रशासन को गलत रिपोर्ट सौंपी गई है। भाजपा ने इस पूरे मामले में मजिस्ट्रेट जांच को नाकाफी बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच और मजिस्ट्रेट रिपोर्ट के निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि उस सुबह जंगल के भीतर वास्तव में क्या घटा था और गोली चलाने की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई थी।

सवाल-जवाब

चामराजनगर में यह घटना कहाँ हुई थी?
यह घटना कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के भीतर 15 अगस्त की तड़के हुई थी।
इस गोलीबारी में मारे गए लोगों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में हुई है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने इस मामले में क्या मांग की है?
मुख्यमंत्री विजय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की मांग की है।
कर्नाटक सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
कर्नाटक सरकार ने इस मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने का आदेश दिया है।
विपक्ष ने जांच को लेकर क्या मांग रखी है?
भाजपा और विपक्ष ने मजिस्ट्रेट जांच के बजाय न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
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