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छत्तीसगढ़ सरकार ने मेडिकल इंटर्न्स का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर किया 25000 रुपयेछत्तीसगढ़
24 सित॰ 2026, 10:50 pm (8 घंटे पहले)· 0

छत्तीसगढ़ सरकार ने मेडिकल इंटर्न्स का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर किया 25000 रुपये

छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सेवारत एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को 1 अक्टूबर 2026 से हर महीने 25000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा, जिसके लिए वित्त विभाग ने आधिकारिक मंजूरी दे दी है.

छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सेवारत एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी वित्तीय राहत का ऐलान किया है. राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टरों को अब प्रत्येक महीने 25000 रुपये का मानदेय यानी स्टाइपेंड दिया जाएगा. काफी समय से अपनी वित्तीय मांगों को लेकर आवाज उठा रहे इन प्रशिक्षु चिकित्सकों की मांग को स्वीकार करते हुए शासन स्तर पर औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है.

वित्त विभाग की हरी झंडी और क्रियान्वयन की तारीख

इस फैसले को लागू करने के लिए वित्त विभाग ने भी अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है. राज्य प्रशासन के निर्देश के अनुसार यह नई दर 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी. इसका सीधा अर्थ है कि अगले महीने की शुरुआत से ही सभी पात्र प्रशिक्षु चिकित्सकों को इस बढ़ी हुई दर के हिसाब से भुगतान मिलने लगेगा. अस्पतालों में चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर स्वास्थ्य सेवाएं संभालने वाले मेडिकल छात्रों के लिए यह निर्णय काफी अहम माना जा रहा है.

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स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता और आंदोलन पर विराम

अगस्त के महीने में इंटर्न चिकित्सकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मिलकर अपनी समस्याओं और स्टाइपेंड वृद्धि की आवश्यकता से अवगत कराया था. उस समय स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की मांग को वाजिब करार देते हुए मानदेय में बढ़ोतरी करने का भरोसा दिलाया था. शासन से मिले उस सकारात्मक आश्वासन के बाद आईएमए-एमएसएन (IMA-MSN) और इंटर्न डॉक्टरों के संयुक्त संघ ने बातचीत का सम्मान करते हुए 30 अगस्त तक अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और आंदोलन को टालने का निर्णय लिया था.

अस्पतालों की व्यवस्था और हड़ताल के संकट का समाधान

शासकीय चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों के भीतर ओपीडी से लेकर आपातकालीन वार्डों तक की दैनिक स्वास्थ्य व्यवस्था काफी हद तक इन्हीं जूनियर डॉक्टरों के परिश्रम पर निर्भर करती है. मानदेय में वृद्धि न होने के कारण पूर्व में इन डॉक्टरों ने लगातार रोष व्यक्त किया था और धरने-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया था. सरकार द्वारा मांग पूरी किए जाने से न केवल जूनियर चिकित्सकों में संतोष का माहौल है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर संभावित कार्य बहिष्कार या हड़ताल का गंभीर संकट भी पूरी तरह टल गया है.

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को अब हर महीने कितना स्टाइपेंड मिलेगा?
छत्तीसगढ़ सरकार के नए आदेश के अनुसार शासकीय मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों को अब प्रति माह 25000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा.
स्टाइपेंड बढ़ोतरी का यह आदेश किस तारीख से लागू होगा?
यह नया आदेश 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और अगले महीने से बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा.
अगस्त में डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने किस मंत्री से मुलाकात की थी?
डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर अपनी मांग रखी थी.
डॉक्टरों के संघ ने अपने आंदोलन को कब तक के लिए स्थगित किया था?
सरकार से मिले आश्वासन के बाद आईएमए-एमएसएन और इंटर्न संघ ने 30 अगस्त तक अपना आंदोलन स्थगित किया था.
क्या इस फैसले को वित्त विभाग से प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है?
हां, नए आदेश को राज्य के वित्त विभाग की ओर से औपचारिक हरी झंडी मिल चुकी है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·7 घंटे पहले

अक्टूबर 2026 तक का इंतज़ार क्यों? तब तक तो बहुत देर हो जाएगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·7 घंटे पहले

अक्टूबर 2026 की तारीख बहुत दूर की लग रही है, जब मांग अब मानी गई है तो तुरंत लागू होना चाहिए था।

Ravikash Gupta@ravikash·7 घंटे पहले

अरे अर्जुन भाई, बात तो सही है! जब सहमति बन ही गई है तो इंतज़ार क्यों करवाना?

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 घंटे पहले

देर से ही सही, डॉक्टरों की मांग मान ली गई। हड़ताल टलने से मरीजों को राहत मिलेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·8 घंटे पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं लखनऊ में था, तब भी इंटर्न्स की हड़ताल से ओपीडी पूरी तरह ठप हो गई थी, मरीजों का बुरा हाल था।

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