ओडिशा के बरगढ़ जिले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आय के ज्ञात जरियों की तुलना में बेहिसाब परिसंपत्ति अर्जित करने के संदेह में एक स्थानीय पंचायत कार्यकारी अधिकारी के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर तलाशी ली है। यह प्रशासनिक कार्रवाई गाईसिलेट ब्लॉक के कटाभाल ग्राम पंचायत में तैनात पंचायत कार्यकारी अधिकारी (PEO) कार्तिकेश्वर बेहेरा के विरुद्ध की गई। जांच के दौरान जांचकर्ताओं के हाथ करोड़ों रुपये मूल्य के आवासीय और व्यावसायिक निर्माण, कई भूखंड और भारी नकदी लगी है।
तलाशी में सामने आया विशाल अचल संपत्तियों का जाल
जांच अधिकारियों द्वारा जुटाए गए ब्योरे के मुताबिक, कार्तिकेश्वर बेहेरा और उनके परिजनों के नाम दर्ज संपत्तियों में दो बड़ी बहुमंजिला इमारतें, 35 बेशकीमती भूखंड, एक गोदाम तथा छह कमरों वाला मार्केट कॉम्प्लेक्स दर्ज पाया गया। कंदागढ़ में निर्मित उनका दो मंजिला निजी आवास लगभग 6,500 वर्गफीट क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त गाईसिलेट क्षेत्र में करीब 8,000 वर्गफीट के दायरे में एक चार मंजिला नई रिहायशी इमारत का निर्माण कार्य चल रहा है।
व्यावसायिक निर्माणों की पड़ताल में कंदागढ़ के भीतर लगभग 2,400 वर्गफीट में फैला मार्केट कॉम्प्लेक्स मिला है जिसमें छह अलग-अलग दुकानें या कमरे शामिल हैं। इसी कंदागढ़ इलाके में तकरीबन 1,500 वर्गफीट का एक भंडार गृह या गोदाम भी स्थापित मिला है, जिसमें तीन कमरे बने हुए हैं। जांच दल को गाईसिलेट और कंदागढ़ के बाहरी सीमावर्ती क्षेत्रों में कुल 35 प्रमुख भूखंडों के दस्तावेज मिले हैं। इन तमाम जमीनों, इमारतों, गोदाम और बाजार परिसर की माप और उनके मौद्रिक मूल्य का सटीक आकलन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर काम कर रही है।
गोदाम से महुआ फूल, नकदी, वाहन और सोने के गहने बरामद
अधिकारियों ने जब परिसर में मौजूद गोदाम की सघन छानबीन की, तो वहां लगभग 22 लाख रुपये अनुमानित मूल्य का महुआ फूल भंडारित मिला। इसके अलावा विभिन्न परिसरों से कुल 2 लाख 98 हजार 177 रुपये की नकदी जब्त की गई। भौतिक पड़ताल में 3.70 लाख रुपये के स्वर्ण आभूषण और घरेलू उपयोग का अन्य कीमती सामान भी दर्ज किया गया है।
यातायात और परिवहन से जुड़े साधनों की बात करें तो संबंधित अधिकारी के परिसर से एक बोलेरो चारपहिया गाड़ी, एक ट्रैक्टर तथा चार दोपहिया वाहन भी खड़े मिले हैं। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग अब यह पड़ताल कर रहा है कि यह पूरी संपत्ति और विलासिता का सामान क्या सरकारी सेवक के कानूनी आय स्रोतों के दायरे में आता है अथवा यह अवैध कमाई का परिणाम है।
छह स्थानों पर एक साथ चला बड़ा तलाशी अभियान
बरगढ़ में विशेष न्यायाधीश की अदालत द्वारा जारी औपचारिक सर्च वारंट के आधार पर मंगलवार यानी 22 सितंबर को कुल 6 विभिन्न ठिकानों पर एक साथ यह कार्रवाई शुरू की गई। जिन छह ठिकानों को जांच के दायरे में लिया गया, उनमें कंदागढ़ के समीप गाईसिलेट में स्थित दो मंजिला रिहायशी मकान, कंदागढ़ का छह कमरों वाला मार्केट कॉम्प्लेक्स, तीन कमरों वाला गोदाम, गाईसिलेट में बन रही चार मंजिला इमारत, कंदागढ़ में स्थित उनका पैतृक आवास और कटाभाल ग्राम पंचायत दफ्तर में उनका सरकारी कार्यालय कक्ष शामिल हैं।
इस समन्वित अभियान को अंजाम देने के लिए छह विशेष दलों का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व पांच पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) ने संभाला। इस पूरे तलाशी अभियान में आठ इंस्पेक्टर, दो सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) तथा अन्य सहयोगी कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से तैनात रहे।
मासिक 500 रुपये से 52,320 रुपये वेतन तक का तीन दशक का सफर
कार्तिकेश्वर बेहेरा का जन्म 11 जनवरी 1970 को हुआ था और उन्होंने जुलाई 1994 में गाईसिलेट ग्राम पंचायत में एक मामूली सचिव के रूप में अपनी सरकारी सेवा की शुरुआत की थी। उस समय उनका प्रारंभिक मासिक वेतन केवल 500 रुपये था। पंद्रह वर्षों की सेवा के पश्चात 4 जून 2009 को उन्हें ग्राम स्तर कार्यकर्ता (VLW) के रूप में पदोन्नति प्राप्त हुई, जिसे वर्ष 2012 में बदलकर पंचायत कार्यकारी अधिकारी (PEO) का पदनाम दे दिया गया।
बेहेरा वर्ष 2024 से कटाभाल ग्राम पंचायत में नियमित PEO के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें फिरिंगिमाल और गौरेंमुंडा ग्राम पंचायतों के अतिरिक्त प्रभार वाले PEO की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। तीन दशकों से अधिक की सरकारी नौकरी पूरी कर चुके इस कर्मचारी का वर्तमान आधिकारिक वेतन 52,320 रुपये प्रति माह है, जिसकी तुलना में मिली संपत्ति ने सभी को हैरान कर दिया है।
























