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चिखली में पाला बदलने वाले राहुल बोंद्रे रुके, राहुल गांधी के फोन से बदला फैसलाभारत
22 सित॰ 2026, 5:10 pm (3 दिन पहले)· 0

चिखली में पाला बदलने वाले राहुल बोंद्रे रुके, राहुल गांधी के फोन से बदला फैसला

महाराष्ट्र के बुलढाणा स्थित चिखली से कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने बीजेपी में जाने का फैसला टाल दिया है। राहुल गांधी से फोन पर हुई बातचीत के बाद उन्होंने कांग्रेस में ही बने रहने की घोषणा की।

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट की राजनीति में सोमवार देर रात अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस के पूर्व विधायक और पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल बोंद्रे ने बीजेपी में शामिल होने की अपनी पूर्व योजना को अचानक टाल दिया है। इस बदलाव से ऐन पहले उनके समर्थक मुंबई पहुंच चुके थे और औपचारिक प्रवेश की रूपरेखा तैयार की जा चुकी थी।

मुंबई में होने वाला था औपचारिक प्रवेश

राहुल बोंद्रे का बीजेपी में प्रवेश 22 सितंबर को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में तय माना जा रहा था। खुद बोंद्रे ने सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी में शामिल होने का संकेत सार्वजनिक किया था। इस घोषणा के बाद बुलढाणा से उनके तमाम समर्थक भी राजधानी मुंबई पहुंचने लगे थे और आयोजन की तैयारियां काफी तेजी से चल रही थीं। ऐन वक्त पर पार्टी स्तर पर हुई बातचीत ने इस पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी।

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फोन पर संवाद और नेतृत्व का आश्वासन

जैसे ही बोंद्रे के दल बदलने की जानकारी सामने आई, कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व तुरंत सक्रिय हुआ। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्वयं देर रात फोन कर राहुल बोंद्रे से सीधे संपर्क साधा और उन्हें जल्दबाजी में कोई भी कदम न उठाने को कहा। इस बातचीत के दौरान सामने आए विवरण के अनुसार, राहुल गांधी ने बोंद्रे को भरोसा दिलाया कि वह पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं और कांग्रेस पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

भावुक बोंद्रे ने जताया लड़ाई जारी रखने का संकल्प

बातचीत के दौरान राहुल बोंद्रे काफी भावुक नजर आए। उन्होंने नेतृत्व से स्पष्ट कहा कि शीर्ष स्तर से सीधे आए इस फोन ने उन्हें फिर से संघर्ष करने की शक्ति दी है। बोंद्रे ने यह भी जोड़ा कि चाहे उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कितना भी नुकसान क्यों न उठाना पड़े, वह राहुल गांधी के साथ संघर्ष की इस जमीन पर टिके रहेंगे। इस भावुक संवाद के तुरंत बाद ही उन्होंने सत्ताधारी दल में जाने का अपना इरादा वापस ले लिया।

संगठन स्तर पर समन्वय और कार्यकर्ताओं का जश्न

इस पूरे राजनीतिक समीकरण को साधने में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की मध्यस्थता की भी प्रमुख भूमिका रही। बोंद्रे के संभावित पलायन की भनक लगते ही वरिष्ठ नेताओं ने समन्वय शुरू किया था, जो अंततः राहुल गांधी के सीधे हस्तक्षेप के साथ पूरा हुआ। फैसला पलटने की खबर मिलते ही बुलढाणा के चिखली, धाड़ और अमडापुर समेत कई इलाकों में कांग्रेस समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। जो चर्चा कुछ घंटे पहले पार्टी छोड़ने की थी, वह अब चिखली के नए राजनीतिक समीकरणों में बदल गई है।

सवाल-जवाब

राहुल बोंद्रे कौन हैं?
राहुल बोंद्रे महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व जिलाध्यक्ष हैं।
राहुल बोंद्रे का बीजेपी में प्रवेश कब और कहां होना था?
उनका बीजेपी में प्रवेश 22 सितंबर को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में होना तय था।
राहुल बोंद्रे ने बीजेपी में जाने का फैसला क्यों बदला?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के फोन कॉल और पार्टी द्वारा साथ खड़े रहने के आश्वासन के बाद उन्होंने फैसला बदल दिया।
इस मामले को सुलझाने में किस स्थानीय नेता की मध्यस्थता रही?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थता कर वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधा।
फैसले के बाद कार्यकर्ताओं ने कहां जश्न मनाया?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुलढाणा जिले के चिखली, धाड़ और अमडापुर में मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

बुलढाणा में ऐसे पाला बदलने के किस्से बहुत देखे हैं, पर राहुल गांधी के एक फोन ने खेल ही पलट दिया। जब मैं पिछली बार चिखली गया था, तो वहां के कार्यकर्ताओं का जोश ही अलग था। बोंद्रे का रुकना कांग्रेस के लिए वाकई राहत की सांस है, वरना समर्थक तो मुंबई तक पहुंच चुके थे।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·2 दिन पहले

अर्जुन, आपकी बात ठीक है पर मुझे लगता है फोन कॉल से ज्यादा उनके समर्थकों का मुंबई पहुंचना असली वजह था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

ऐन वक्त पर राहुल गांधी का फोन आ गया और बोंद्रे साहब रुक गए, पर क्या सच में सिर्फ बातचीत से सारे गिले-शिकवे दूर हो गए होंगे या अंदरखाने कुछ और बात तय हुई है?

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी। पर राहुल गांधी के इस एक फोन के पीछे असल में ऐसा क्या वादा हुआ होगा जो बोंद्रे जी तुरंत मान गए?

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

एक फोन कॉल से किसी का पाला बदलने का इरादा इतनी आसानी से कैसे बदल सकता है? लगता है अंदर कुछ और ही डील हुई होगी, वरना सिर्फ बातों से ऐसा यू-टर्न नहीं होता।

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