तुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया यादजीनियस एक्ट के तहत स्टेबलकॉइन के सख्त नियमों पर फेडरल रिजर्व ने मांगी जनता से रायदैनिक राशिफल 25 सितंबर 2026: कुंभ में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग, जानें सभी 12 राशियों का हालचीन और अमेरिका के बीच टकराव से दोनों को नुकसान, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वाशिंगटन में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर दिया जोरगाजा युद्ध में पीछे न हटने के पीछे नेतन्याहू ने सुनाई 1967 की दास्तान, भाई के वो 5 शब्द बने इजरायल की सैन्य नीतिसऊदी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों के बाद तेल की कीमतों में उछाल, तुर्किये और पाकिस्तान के साथ आपात बैठकसिंह राशिफल 25 सितंबर 2026: साझेदारी और कागजी सौदों में रखें स्पष्टता, रिश्तों में पुरानी बातें न दोहराएंकेदारनाथ में पांच महीने के भीतर 50 मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा, आरटीआई में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
चित्रकूट के शिक्षक हरिशंकर त्रिपाठी को मिला राज्य शिक्षक पुरस्कार, गढ़चपा स्कूल में अब हैं 314 छात्रबिहार
8 सित॰ 2026, 11:32 am (17 दिन पहले)· 2

चित्रकूट के शिक्षक हरिशंकर त्रिपाठी को मिला राज्य शिक्षक पुरस्कार, गढ़चपा स्कूल में अब हैं 314 छात्र

बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में स्थित गढ़चपा स्कूल के शिक्षक हरिशंकर त्रिपाठी को उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया है। उनके प्रयासों से इस सरकारी विद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़कर 314 हो गई है।

चित्रकूट जिले का बुंदेलखंड क्षेत्र शिक्षा के मामले में कभी काफी पीछे माना जाता था। विशेष तौर पर पाठा इलाके के दूरदराज इलाकों में पढ़ाई-लिखाई का माहौल तैयार करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता था। उन दिनों तमाम परिवारों के लिए अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना भी एक कठिन काम हुआ करता था। हालांकि समय के साथ हालात सुधर रहे हैं और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ने लगा है। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का विश्वास भी तेजी से लौट रहा है। इसी बदलाव का एक बेहतरीन उदाहरण मानिकपुर तहसील के अंतर्गत आने वाली गढ़चपा ग्राम पंचायत का उच्च प्राथमिक विद्यालय है।

शिक्षक के समर्पण से बदली तस्वीर

इस सरकारी शिक्षण संस्थान की पूरी कायापलट करने का श्रेय शिक्षक हरिशंकर त्रिपाठी को जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी लगन, कड़ी मेहनत और बच्चों के प्रति समर्पण भाव ने एक साधारण ग्रामीण स्कूल को एक नई पहचान दिलाई है। उनके इन्हीं उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें आगामी 5 सितंबर के अवसर पर राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथों यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने के बाद से ही स्कूल के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे गांव में जश्न का माहौल है।

ये भी पढ़ें

ग्रामीणों में खुशी और सम्मान की लहर

गढ़चपा गांव के प्रधान प्रतिनिधि अरुण सिंह ने इस उपलब्धि पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह सिर्फ हमारे गांव के लिए ही नहीं बल्कि पूरे चित्रकूट जिले के वास्ते बेहद गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि हमारे क्षेत्र के एक छोटे से सरकारी विद्यालय के अध्यापक को राज्य स्तर पर इस प्रकार का सम्मान मिलना ऐतिहासिक है। हाल ही में गांव के लोगों ने स्कूल पहुंचकर सम्मानित शिक्षक का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। उनके अनुसार इस विद्यालय में शिक्षा की अलख जगाने के लिए हरिशंकर त्रिपाठी ने दिन-रात परिश्रम किया है और उसी का परिणाम है कि आज उन्हें और उनके संस्थान को इस बड़े पुरस्कार के अलावा कई अन्य सम्मान भी मिल चुके हैं।

वर्ष 2013 में संभाली थी कमान

विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिशंकर त्रिपाठी ने अपने सफर के बारे में साझा करते हुए बताया कि उन्होंने साल 2013 में गढ़चपा स्थित इस उच्च प्राथमिक विद्यालय में अपनी सेवाएं देनी शुरू की थीं। उस शुरुआती दौर में यहां पढ़ाई-लिखाई की स्थिति काफी दयनीय हुआ करती थी। स्कूल में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम थी और स्थानीय ग्रामीणों में भी सरकारी शिक्षा प्रणाली को लेकर कोई खास उत्साह नजर नहीं आता था। ऐसे कठिन हालात में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार गांव के लोगों व अभिभावकों से बातचीत का सिलसिला शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने लोगों को शिक्षा का असली महत्व समझाया और पालकों को अपने बच्चों को रोज स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।

छात्र संख्या में आया जबरदस्त उछाल

एक शिक्षक की इस अथक मेहनत का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। जिस संस्थान में कभी पढ़ने वाले बच्चों की संख्या न के बराबर हुआ करती थी, वहां आज कुल 314 बच्चों का नामांकन दर्ज है। अब गांव के ये सभी बच्चे अपने ही इलाके के सरकारी विद्यालय में बैठकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रधानाचार्य का कहना है कि यह सफलता केवल मेरी अकेली की मेहनत का नतीजा नहीं है, बल्कि इसमें विद्यालय के पूरे स्टाफ, सभी बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों का भी पूरा सहयोग शामिल है। उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि वे लगातार अपने छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहें।

आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ स्कूल

प्रधानाचार्य ने आगे बताया कि विद्यालय में बच्चों को आज के दौर की आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षण संस्थान के भीतर स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है, साथ ही आईसीटी लैब और खेलकूद से जुड़ी तमाम सामग्रियां भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सभी संसाधनों की मदद से छात्रों की पढ़ाई को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और वहां के समग्र वातावरण पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि छात्र बेहतर माहौल में शिक्षा पा सकें। यही वजह है कि आज आम ग्रामीणों का भरोसा सरकारी विद्यालयों पर पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।

सवाल-जवाब

हरिशंकर त्रिपाठी को कौन सा पुरस्कार मिला है?
उन्हें 5 सितंबर को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
हरिशंकर त्रिपाठी किस स्कूल में तैनात हैं?
वे चित्रकूट जिले के मानिकपुर तहसील के गढ़चपा उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य के रूप में तैनात हैं।
गढ़चपा स्कूल में वर्तमान में कितने छात्रों का नामांकन है?
वर्तमान में इस सरकारी स्कूल में कुल 314 बच्चों का नामांकन दर्ज है।
हरिशंकर त्रिपाठी इस स्कूल में कब आए थे?
वे वर्ष 2013 में गढ़चपा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात हुए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp