महाराष्ट्र के वाशिम जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने साईं भक्तों को हैरान कर दिया है। मसला पेन इलाके के साईं मंदिर में घुसे एक चोर ने पैसे चुराने से ठीक पहले बाबा की प्रतिमा के सामने कुछ पल के लिए हाथ जोड़कर सिर झुकाया, और यह पूरा दृश्य मंदिर में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। घटना सामने आते ही यह वीडियो इलाके में तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
रात के अंधेरे में हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक घटना रात के समय की है, जब कोई अज्ञात व्यक्ति मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसने मुख्य द्वार पर लगा ताला तोड़ा और सीधे उस दानपेटी तक पहुंचा जिसमें भक्तों द्वारा चढ़ाई गई नकदी रखी होती है। दानपेटी में जमा पूरी नकदी उसने अपने कब्जे में ले ली। अगली सुबह जब पुजारी नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्हें टूटा हुआ ताला और खाली पड़ी दानपेटी देखकर माजरा समझ में आ गया। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दी गई और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
कैमरे में कैद हुआ अनोखा पल
मंदिर प्रबंधन ने जब सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगाली तो एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। फुटेज में साफ नजर आता है कि दानपेटी तोड़ने से पहले वह व्यक्ति कुछ सेकंड के लिए साईं बाबा की मूर्ति के ठीक सामने रुका, दोनों हाथ जोड़े और सिर झुकाकर मानो आशीर्वाद मांग रहा हो। इसके फौरन बाद उसने पेटी पर हाथ साफ कर दिया। यही विरोधाभास इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आस्था दिखाने वाला वही व्यक्ति चोरी करने से नहीं हिचका। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इलाके में इस तरह की छोटी-मोटी वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन इतने भावुक अंदाज में दर्शन करने के बाद चोरी की घटना पहली बार सामने आई है।
भक्तों में आक्रोश, पुलिस जांच जारी
मामले के सामने आते ही इलाके के साईं भक्तों में गुस्सा फैल गया है। कई लोगों ने मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आरोपी को जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है। पुलिस टीम अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की पहचान करने में जुटी है और आसपास के इलाकों में पूछताछ भी की जा रही है। अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा।
कौन थे साईं बाबा?
साईं बाबा को एक आध्यात्मिक गुरु, संत और योगी के तौर पर जाना जाता है, जिन्हें हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदाय समान श्रद्धा से पूजते हैं। 'साईं' शब्द मूल रूप से फारसी भाषा से आया है और इसका मतलब संत या पवित्र इंसान होता है। महाराष्ट्र के शिरडी में उन्होंने समाधि ली थी, जिसके चलते वहां आज भी उनका एक भव्य और मशहूर मंदिर मौजूद है, जहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शिरडी में रहते हुए उन्होंने वर्षों तक जरूरतमंदों की सेवा की और लोगों को यह संदेश दिया कि 'सबका मालिक एक है'। यही वजह है कि उनके अनुयायी धर्म की सीमाओं से परे जाकर उन्हें पूजते हैं, और वाशिम जैसी घटनाएं ऐसे श्रद्धालुओं को गहरी ठेस पहुंचाती हैं।



















