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चुनाव आयोग विरोधी मोर्चे पर मतभेद के बीच आनंद दुबे दे सकते हैं इस्तीफामहाराष्ट्र
12 अक्तू॰ 2026, 1:28 pm (15 दिन पहले)· 0

चुनाव आयोग विरोधी मोर्चे पर मतभेद के बीच आनंद दुबे दे सकते हैं इस्तीफा

चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों में पार्टी की भागीदारी से असहमत आनंद दुबे ने शिवसेना UBT प्रवक्ता पद और सदस्यता छोड़ने का मन बनाया है।

निर्वाचन आयोग के विरुद्ध छेड़े गए सियासी संग्राम ने उद्धव ठाकरे गुट के भीतर अंतर्विरोध को सतह पर ला दिया है। शिवसेना UBT के चर्चित चेहरे और पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे मौजूदा आंदोलन की दिशा से गहरे खिन्न हैं। दुबे का स्पष्ट रुख है कि इस तरह के धरने-प्रदर्शनों के जरिए संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाई जा रही है। इसी बुनियादी असहमति के चलते वे संगठन से अपना नाता तोड़ने का मन बना चुके हैं और दोपहर दो बजे बुलाई गई पत्रकार वार्ता में औपचारिक त्यागपत्र दे सकते हैं।

संवैधानिक मर्यादा पर खींचतान और इस्तीफे की तैयारी

पार्टी की आधिकारिक लाइन से इतर आनंद दुबे का मानना है कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था को सड़क पर खींचकर उसकी साख गिराना लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है। वे दोपहर दो बजे मुंबई में संवाददाताओं को संबोधित करेंगे, जहां प्रवक्ता पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी अलग होने का ऐलान कर सकते हैं। इस संभावित इस्तीफे को महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव गुट के लिए एक बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है, क्योंकि दुबे लगातार टीवी बहसों और जनसंचार माध्यमों में पार्टी का प्रमुख पक्ष रखते रहे हैं।

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मुंबई के दादर में भारी टकराव और हिरासत

इस आंतरिक कलह की पृष्ठभूमि मुंबई में हुए उस विशाल विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है, जहां शिवाजी पार्क मैदान पर जबरदस्त सियासी ड्रामा देखने को मिला था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की ओर से आंदोलन छेड़ा गया था। इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए शिवसेना UBT के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS के अमित ठाकरे अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ दादर पहुंचे थे। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

सेना भवन के पास झड़प के आरोप और टकराव तेज करने की चेतावनी

आदित्य ठाकरे ने प्रशासन और पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। उन्होंने दावा किया कि सेना भवन के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने महिला कार्यकर्ताओं सहित उनके समर्थकों के साथ बदसलूकी की, जिसके चलते एक महिला कार्यकर्ता के वस्त्र भी क्षतिग्रस्त हुए। तीखे तेवर दिखाते हुए आदित्य ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की गई, तो यह मुहिम मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद छोड़ने तक और उग्र होगी। उन्होंने शहरवासियों से शिवाजी पार्क पहुँचकर इस अभियान में शामिल होने का आह्वान भी किया।

राजधानी में हलचल और शीर्ष अदालत तक मार्च

महाराष्ट्र में जारी इस घमासान की गूंज देश की राजधानी तक पहुँच चुकी है। दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के घटक दलों के साथ मिलकर सर्वोच्च न्यायालय की दिशा में पैदल मार्च निकालने की घोषणा की। विपक्षी गठबंधन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से औपचारिक भेंट का समय मांगा था। हालांकि, प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्हें बैठक का आग्रह पत्र मिला था, लेकिन असमर्थता के कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने पहले ही लिखित जवाब भेज दिया था।

सवाल-जवाब

आनंद दुबे शिवसेना UBT से इस्तीफा क्यों दे रहे हैं?
आनंद दुबे का मानना है कि चुनाव आयोग के खिलाफ जारी आंदोलन के जरिए संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम किया जा रहा है, और इसी असहमति के कारण वे पार्टी छोड़ रहे हैं।
आनंद दुबे अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान कब कर सकते हैं?
आनंद दुबे दोपहर दो बजे मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं।
मुंबई में शिवाजी पार्क के पास विरोध प्रदर्शन क्यों आयोजित किया गया था?
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से किया गया था, जिसमें शिवसेना UBT और MNS के नेता भी शामिल हुए थे।
शिवाजी पार्क के पास किन प्रमुख लोगों को हिरासत में लिया गया?
प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
आदित्य ठाकरे ने पुलिस प्रशासन पर क्या आरोप लगाए?
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सेना भवन के बाहर महिला कार्यकर्ताओं समेत समर्थकों के साथ धक्का-मुक्की की और एक महिला की साड़ी भी फट गई।
दिल्ली में विपक्षी दलों ने क्या कदम उठाया है?
राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकालने का ऐलान किया और मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का समय मांगा।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्ष की मुलाकात के आग्रह पर क्या कहा?
CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उन्हें पत्र मिला था और उन्होंने पहले ही लिखित रूप में बता दिया था कि वे किन कारणों से मुलाकात नहीं कर पाएंगे।
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टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·13 दिन पहले

चुनाव आयोग के विरोध में पार्टी ने सड़क पर उतरने का फैसला किया तो प्रवक्ता आनंद दुबे को यह रास नहीं आया और वे इस्तीफा देने जा रहे हैं। क्या किसी भी दल में अब पार्टी लाइन से अलग हटकर अपनी राय रखने की कोई गुंजाइश नहीं बची है?

Ravikash Gupta@ravikash·13 दिन पहले

संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह की राजनीति से पार्टी के अंदर ही मतभेद उभरना लाजिमी था।

Li Wei@li-wei·13 दिन पहले

रविकेश जी, बात सही है कि मतभेद होने ही थे, पर क्या सच में सिर्फ इसी एक विरोध प्रदर्शन से कोई प्रवक्ता पार्टी छोड़ देगा? मुझे थोड़ा शक है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 दिन पहले

टीवी डिबेट्स में पार्टी का सबसे मजबूत चेहरा माने जाने वाले आनंद दुबे का यूं अलग होना उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका है। संवैधानिक संस्थाओं को सड़क पर घेरने के तरीकों से असहमति होना स्वाभाविक है, और दोपहर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में काफी कुछ साफ हो जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·14 दिन पहले

करन भाई, बिल्कुल सही कहा। पिछली बार जब मैं स्टूडियो के बाहर उनसे मिला था, तो उनके तेवर देखकर ही लग गया था कि अंदर कुछ बड़ा पक रहा है।

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