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CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, न्यायिक हिरासत को दी चुनौतीदिल्ली
20 अक्तू॰ 2026, 6:24 pm (10 दिन पहले)· 3

CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, न्यायिक हिरासत को दी चुनौती

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। वकीलों ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई है, जबकि विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। निचली अदालत से राहत न मिलने के बाद अब इन दोनों नेताओं ने अपनी न्यायिक हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उनके वकीलों ने अदालत के समक्ष इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग रखी है ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके।

विशेष अदालत ने बढ़ाई थी कस्टडी

इससे पहले सोमवार को दिल्ली की एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत ने सुनवाई करते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन यानी 21 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी थी। इसके चलते उन्हें जेल में ही रहना पड़ रहा है और उनकी रिहाई का मामला फिलहाल टल गया है। निचली अदालत के इस फैसले के बाद ही नेताओं की कानूनी टीम ने हाई कोर्ट जाने का फैसला किया।

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क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब जंतर-मंतर पर हुए ट्रेसपासिंग मामले की जांच करेगी। इस मामले में पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है और CJP से जुड़े विभिन्न प्रदर्शनों तथा गतिविधियों को लेकर पहले से ही कई तरह की कानूनी कार्रवाई चल रही है, जिसमें दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

CJP के विरोध-प्रदर्शनों पर कानूनी शिकंजा

बीते कुछ हफ्तों से CJP के आयोजनों और प्रदर्शनों को लेकर लगातार प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियां सामने आती रही हैं। सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ भी दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई के लिए अदालत तैयार हुई थी। इसके अलावा इटारसी में CJP के प्रदर्शन के लिए जा रहे युवाओं को हिरासत में लेने का मामला भी काफी गरमाया था, जिस पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था। अब देखना यह होगा कि दिल्ली हाई कोर्ट सौरव दास और आशुतोष रांका की तत्काल सुनवाई की मांग पर क्या रुख अपनाता है।

सवाल-जवाब

सौरव दास और आशुतोष रांका किस पार्टी से जुड़े हैं?
सौरव दास और आशुतोष रांका कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता हैं।
विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों नेताओं की हिरासत कब तक बढ़ाई थी?
विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी।
न्यायिक हिरासत के खिलाफ दोनों नेता कहां गए हैं?
सौरव दास और आशुतोष रांका ने न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है।
इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी करेगी?
जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जंतर-मंतर ट्रेसपासिंग केस की जांच करेगी।
वकीलों ने अदालत से क्या मांग की है?
उनके वकीलों ने दिल्ली हाई कोर्ट से इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·9 दिन पहले

मुझे वो दिन याद आ गया जब जंतर-मंतर के पास मेरा एक छोटा सा फूड स्टॉल अचानक पुलिस की रोक-टोक के चक्कर में बंद करना पड़ा था। अदालतों और पुलिस के चक्कर काटने का यह डर मैं अच्छे से समझ सकती हूँ जब खाने-पीने की छोटी खुशियां भी कानूनी झमेलों में फंस जाती हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 दिन पहले

सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं और अब मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। क्या अदालत से तुरंत राहत मिल पाएगी या इन्हें अभी और दिन जेल में ही बिताने होंगे?

Kavya Nair@kavya-nair·9 दिन पहले

अर्जुन, लगता तो यही है कि अभी कुछ दिन जेल में ही काटने पड़ेंगे जब तक हाई कोर्ट से कोई राहत न मिले।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

निचली अदालत से राहत न मिलने पर हाई कोर्ट का रुख करना कानूनी रणनीति का हिस्सा है, पर क्राइम ब्रांच के हाथ में केस जाने से इनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी। जंतर-मंतर वाले मामले में पुलिस पहले ही काफी सख्ती दिखा रही है।

Rohan Verma@rohan-verma·9 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है। क्राइम ब्रांच के आते ही मामला गंभीर हो गया है, अब देखना होगा कि हाई कोर्ट से इन्हें क्या राहत मिलती है।

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