भीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालहिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा की, कई विकास योजनाओं की शुरुआतम्यांमार सीमा तक दौड़ेगी ट्रेन: मिजोरम में 230 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर सीएम लालदुहोमा ने की समीक्षा बैठकराजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदा
दशहरे पर रिवाबा जडेजा ने की रिवाइवल की पूजा, जामनगर में दिखी पारंपरिक शस्त्र वंदना की अनूठी झलकभारत
20 अक्तू॰ 2026, 3:39 pm (8 दिन पहले)· 2

दशहरे पर रिवाबा जडेजा ने की रिवाइवल की पूजा, जामनगर में दिखी पारंपरिक शस्त्र वंदना की अनूठी झलक

विजयदशमी के पावन पर्व पर देश भर में पारंपरिक शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। गुजरात के जामनगर में मंत्री रिवाबा जडेजा ने अपनी पिस्तौल की पूजा की, जबकि राजकोट, किश्तवाड़ और छतरपुर में भी विशेष अनुष्ठान संपन्न हुए।

बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक विजयादशमी के पर्व पर देश के कई हिस्सों में प्राचीन परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन किया गया। गुजरात के जामनगर से लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर और जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ तक पुलिस बलों और राजपूत समुदाय के लोगों ने अपने हथियारों की वंदना कर धर्म और संस्कृति की रक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर कई दिग्गज नेता और अधिकारी भी पारंपरिक अनुष्ठानों में शामिल हुए।

जामनगर में रिवाबा जडेजा ने की पिस्तौल की पूजा

गुजरात के जामनगर राजपूत युवा संघ की तरफ से एक पारंपरिक शस्त्र पूजन समारोह का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्य की शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा ने भी शिरकत की और अपनी रिवॉल्वर के आगे हाथ जोड़कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, गौरव और गौरवशाली परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षत्रिय समाज ने हमेशा राष्ट्र हित को प्राथमिकता दी है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी संस्कारों से जुड़ी शिक्षा प्राप्त करे और देश के विकास में अपना योगदान दे।

ये भी पढ़ें

राजकोट और किश्तवाड़ में भी हुआ शस्त्र पूजन

राजकोट के पुलिस मुख्यालय में भी दशहरे के मौके पर विशेष शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। यह अनुष्ठान पुलिस कमिश्नर ब्रजेश झा और जेसीपी चैतन्य मंडलिक की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कमिश्नर झा ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है और आज शाम रावण दहन के साथ समाज की बुराइयों का भी अंत होना चाहिए। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आरएसएस की ओर से शस्त्र पूजन का कार्यक्रम रखा गया, जहां बीवीएम हायर सेकेंडरी स्कूल से लेकर शहर के मुख्य बाजार तक एक भव्य रैली निकाली गई।

छतरपुर पुलिस लाइन्स में भी निभाई गई परंपरा

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित पुलिस लाइन्स में भी विजयादशमी के अवसर पर शस्त्रों की पूजा की गई। इस पारंपरिक कार्यक्रम में राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के साथ-साथ कई विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जानकारों के अनुसार, शस्त्र पूजा हिंदू धर्म का एक ऐसा पारंपरिक अनुष्ठान है जो हथियारों और कर्तव्य के साधनों का सम्मान करता है, और यह आयोजन विजयादशमी या महानवमी के दिन विधि-विधान से पूरा किया जाता है।

सवाल-जवाब

रिवाबा जडेजा ने किस स्थान पर शस्त्र पूजा की?
उन्होंने जामनगर में राजपूत युवा संघ द्वारा आयोजित समारोह के दौरान अपनी रिवॉल्वर की पूजा की।
राजकोट में शस्त्र पूजा किसकी उपस्थिति में हुई?
राजकोट पुलिस मुख्यालय में यह पूजा पुलिस कमिश्नर ब्रजेश झा और जेसीपी चैतन्य मंडलिक की मौजूदगी में संपन्न हुई।
छतरपुर में आयोजित शस्त्र पूजा में कौन शामिल हुआ?
छतरपुर पुलिस लाइन्स के इस कार्यक्रम में राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
किश्तवाड़ में किस संगठन ने कार्यक्रम का आयोजन किया?
किश्तवाड़ में आरएसएस द्वारा शस्त्र पूजा समारोह और रैली का आयोजन किया गया।
शस्त्र पूजा का मुख्य महत्व क्या है?
यह हथियारों और कर्तव्य के उपकरणों का सम्मान करने का पारंपरिक हिंदू अनुष्ठान है जो विजयदशमी पर किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·8 दिन पहले

दशहरे पर शस्त्र पूजन की ऐसी ही भव्य तस्वीरें हमारे यहाँ भी पैतृक गाँव में देखने को मिलती हैं, जहाँ पुरखों के ज़माने से परंपरा निभाई जा रही है।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

परंपरा और आधुनिक जिम्मेदारी का ऐसा मेल देखकर अच्छा लगा। त्योहारों पर अपनी संस्कृति से जुड़ाव जरूरी है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात सही है, लेकिन क्या पुलिस थानों और राजनीतिक कार्यक्रमों के अलावा भी कहीं आम लोग इस तरह शस्त्र पूजन में शामिल हुए?

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

विजयादशमी पर परंपरा के नाम पर नेताओं का हथियारों के साथ सार्वजनिक रूप से दिखना आजकल एक चलन सा बन गया है। संस्कृति के प्रसार के नाम पर इस तरह के आयोजनों से समाज में क्या संदेश जाता है, यह सोचने वाली बात है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

रोहन जी, आपराधिक मामलों को कवर करते हुए देखता हूँ कि लाइसेंस वाले हथियारों की ऐसी नुमाइश कई बार सुरक्षा से ज्यादा रसूख दिखाने का जरिया बन जाती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp