अजमेर के व्यस्त नया बाजार इलाके के लक्ष्मी चौक में एक ऐसी अनूठी दुकान संचालित होती है जो इस बात का जीवंत उदाहरण है कि प्रसिद्धि पाने के लिए विशाल शोरूम या भव्य भवनों की कोई आवश्यकता नहीं होती है। यदि कार्यकौशल में पूर्णता हो, स्वाद लाजवाब हो और अटूट मेहनत का जज्बा हो, तो अत्यंत सीमित स्थान से भी एक विशाल पहचान गढ़ी जा सकती है। पिछले लगभग चालीस वर्षों से यह छोटी सी दुकान अपने अनोखे स्वरूप और पारंपरिक मिष्ठान के कारण स्थानीय निवासियों और आगंतुकों के बीच खासी लोकप्रिय बनी हुई है।
चार बाई चार फीट के दायरे में संचालित होती है दुकान
इस अनूठी मिठाई की दुकान का कुल क्षेत्रफल मात्र चार बाई चार फीट है और इसकी ऊंचाई भी केवल तीन फीट तक ही सीमित है। इसकी संरचना कुछ इस प्रकार की है कि इसके भीतर खड़े होकर कोई भी व्यक्ति कार्य नहीं कर सकता है। इतनी कम जगह के भीतर मिठाइयों को व्यवस्थित करना और उन्हें आने वाले ग्राहकों को थमावना अपने आप में एक कठिन परीक्षा है, किंतु दुकानदार बैठकर ही अपनी पूरी निष्ठा के साथ इस कार्य को अंजाम देते हैं। इसी अद्भुत वास्तुकला और बेहतरीन स्वाद के चलते नया बाजार आने वाले लोग स्वतः ही इस ओर आकर्षित चले आते हैं।
चालीस वर्षों पुरानी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं नौरतमल
इस प्रतिष्ठान के संचालक नौरतमल के अनुसार यह दुकान करीब चालीस वर्ष पुरानी है। शुरुआती दौर में उनके उस्ताद इस कारोबार का संचालन किया करते थे और मिठाइयां तैयार करते थे। उस्ताद के पश्चात अब नौरतमल स्वयं इस विरासत को सहेजने और इसके पारंपरिक स्वाद को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस अत्यंत छोटे स्थान पर बैठकर कार्य करना काफी श्रमसाध्य है, किंतु वर्षों के कड़े अभ्यास और समर्पण के बल पर वे निरंतर ग्राहकों को वही पुराना और प्रामाणिक स्वाद परोस रहे हैं।
बेसन के लड्डू और रसीले गुलाब जामुन की धूम
इस सूक्ष्म आकार की दुकान पर मिलने वाले मिष्ठान की गुणवत्ता और जायके के लोग कायल हैं। यहाँ मुख्य रूप से बेसन के लड्डू, रस से भरे गुलाब जामुन, मूंग दाल का हलवा और ताजी गरमा-गरम जलेबियां तैयार की जाती हैं और बेची जाती हैं। अजमेर के नया बाजार में रोजमर्रा की खरीदारी के सिलसिले में आने वाले आम नागरिकों के साथ-साथ दूर-दराज से घूमने आने वाले सैलानियों के बीच भी श्रीराम मिष्ठान भंडार की एक विशिष्ट और अलग पहचान कायम है।
























